क्या एचपीसीएल की आरयूएफ परियोजना से भारत की ऊर्जा सुरक्षा में नई उपलब्धि मिली?
सारांश
Key Takeaways
- एचपीसीएल की आरयूएफ परियोजना से ऊर्जा सुरक्षा में मजबूती आएगी।
- परियोजना से तेल आयात पर निर्भरता कम होगी।
- आधुनिक तकनीक से ऊर्जा उत्पादकता बढ़ेगी।
- परियोजना में उपयोग किए गए रिएक्टर भारत में निर्मित हैं।
- इससे आत्मनिर्भरता की दिशा में एक कदम और बढ़ता है।
नई दिल्ली, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत की ऊर्जा सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने रविवार को यह जानकारी दी कि हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की नई रेजिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी (आरयूएफ) को आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम (विजग) रिफाइनरी में सफलतापूर्वक आरंभ किया गया है।
हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह भारत को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में सहायता करेगी।
पुरी ने बताया कि एचपीसीएल की यह नई सुविधा रिफाइनरी में बचे हुए कम उपयोगी तेल को आधुनिक तकनीक की मदद से उच्च गुणवत्ता वाले पेट्रोलियम उत्पादों में बदलती है। इसे रेजिड्यू हाइड्रोक्रैकिंग तकनीक कहा जाता है, जिससे तेल का अधिकतम उपयोग संभव हो पाता है।
इस फैसिलिटी की क्षमता हर साल 3.55 मिलियन मीट्रिक टन तेल को प्रोसेस करने की है। यह लगभग 93 प्रतिशत तक तेल को उपयोगी उत्पादों में परिणत कर सकती है, जिससे कच्चे तेल की हर बूंद का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
इस परियोजना में प्रयोग किए गए तीन बड़े रिएक्टर दुनिया के सबसे भारी इंजीनियरिंग उपकरणों में से हैं। हर रिएक्टर का वजन लगभग 2,200 मीट्रिक टन है। खास बात यह है कि ये सभी रिएक्टर पूरी तरह भारत में ही निर्मित किए गए हैं, जो भारत की तकनीकी क्षमता को प्रदर्शित करता है।
इस नई परियोजना से भारत को तेल आयात पर कम निर्भर रहना पड़ेगा। इससे ईंधन की बचत होगी, रिफाइनरी का उत्पादन बढ़ेगा और साथ ही देश की तेजी से बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।
मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आगे कहा कि विशाखापट्टनम रिफाइनरी की यह परियोजना भारत के ऊर्जा भविष्य को मजबूत बनाती है और यह दर्शाती है कि देश अब बड़े और जटिल औद्योगिक प्रोजेक्ट अपने दम पर पूरा करने में सक्षम है।