क्या ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी प्लेटफार्मों ने भारत की अंतरराष्ट्रीय साख को बढ़ाया?

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क्या ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी प्लेटफार्मों ने भारत की अंतरराष्ट्रीय साख को बढ़ाया?

सारांश

क्या ऑपरेशन सिंदूर ने भारत के स्वदेशी प्लेटफार्म की साख को बढ़ाया? राजनाथ सिंह का कहना है कि इन स्वदेशी रक्षा उपकरणों ने न केवल क्षेत्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की पहचान को मजबूत किया है। जानें इस बारे में पूरी जानकारी!

मुख्य बातें

ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी प्लेटफार्मों का प्रदर्शन राजनाथ सिंह का समर्थन रक्षा निर्यात में वृद्धि स्वदेशीकरण की आवश्यकता राष्ट्रीय संप्रभुता का महत्व

दिल्ली, 27 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस) रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि हमने देखा है कि कैसे आकाश मिसाइल सिस्टम, ब्रह्मोस, आकाश तीर एयर डिफेंस कंट्रोल सिस्टम और अन्य स्वदेशी प्लेटफार्म ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। हमारे स्वदेशी प्लेटफार्म की सफलता ने न केवल क्षेत्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की साख को मजबूती दी है।

उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय हमारे सैनिकों के साथ-साथ उन सभी को जाता है जो इस मिशन के सफल संचालन में सहायक बने। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को सोसायटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एसआईडीएम) को संबोधित करते हुए कहा।

उन्होंने कहा कि आप जैसे उद्योग के योद्धा, जिन्होंने इनॉवेशन, डिजाइन और निर्माण के क्षेत्र में कार्य किया, इस जीत के हकदार हैं। राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि हाल ही में पहलगाम हमले के बाद, जिस तरह से ऑपरेशन सिंदूर लागू किया गया, उसके बाद हालात ऐसे बन गए थे कि युद्ध हमारे दरवाजे पर दस्तक दे रहा था। हालाँकि हमारी सेनाएँ किसी भी स्थिति में अपनी सीमाएँ बचाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि इसलिए हमें हर क्षेत्र का सावधानीपूर्वक विश्लेषण करते हुए कदम उठाने होंगे। रक्षा क्षेत्र और युद्ध में जो बदलाव हो रहे हैं, उनका सामना केवल स्वदेशीकरण के द्वारा ही किया जा सकता है। हमारे लिए रक्षा क्षेत्र केवल आर्थिक वृद्धि का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संप्रभुता का आधार है। जब राष्ट्रीय संप्रभुता की बात आती है, तो यह सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक, हर संस्थान और हर उद्योग का साझा दायित्व बनता है।

उन्होंने कहा, “एसआईडीएम को स्थापित हुए 9 साल हो गए हैं। इस अवधि में एसआईडीएम ने अद्वितीय कार्य किए हैं, जिससे उम्मीदें बढ़ गई हैं। आपकी मेहनत के लिए जितनी सराहना की जाए, उतनी कम है। यदि हमारी आर्मी, नेवी और एयरफोर्स हमारी रक्षा के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, तो आप सब, अर्थात् हमारी इंडस्ट्री, भी रक्षा का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। आत्मनिर्भरता का विचार हमारी सरकार के लिए सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि भारत की पुरानी परंपरा का आधुनिक रूप है।

उन्होंने आगे कहा कि इतिहास में एक समय ऐसा भी था जब हमारे लगभग हर गाँव में इंडस्ट्री होती थी। भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था क्योंकि हम अपनी जरूरतों के लिए बाहर नहीं देखते थे, बल्कि उसे अपनी ही भूमि पर पूरा करते थे। निर्माण और उच्च तकनीकी में स्वदेशीकरण को प्राथमिकता देकर हमने उसी परंपरा को आधुनिक रूप देने की कोशिश की है। सरकार ने निजी क्षेत्र पर भरोसा जताया है, और यही कारण है कि हम सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। आज देश भर में लगभग 10 फैब्रिकेशन प्लांट स्थापित हो रहे हैं।”

रक्षामंत्री ने कहा कि किसी भी युद्ध जैसी स्थिति के लिए हमें न केवल तैयार रहना है, बल्कि हमारी तैयारी अपनी खुद की बुनियाद पर होनी चाहिए। मुझे खुशी है कि हमारी डिफेंस इंडस्ट्री इस दिशा में मजबूती से आगे बढ़ चुकी है।

रक्षामंत्री ने कहा, “पिछले दस वर्षों में हमने जो मेहनत की, उसका परिणाम यह है कि हमारा घरेलू रक्षा उत्पादन, जो 2014 में मात्र 46,425 करोड़ रुपये था, आज बढ़कर रिकॉर्ड 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। बड़ी बात यह है कि इसमें से 33,000 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान निजी क्षेत्र से आ रहा है, यह दर्शाता है कि आत्मनिर्भर भारत के इस अभियान में निजी उद्योग भी भागीदार बन रहे हैं।”

राजनाथ सिंह के अनुसार, निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी का ही परिणाम है कि भारत का रक्षा निर्यात, जो दस वर्ष पहले 1,000 करोड़ रुपये से भी कम था, आज बढ़कर रिकॉर्ड 23,500 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। सरकार भी अपने स्तर पर प्रयास कर रही है। रक्षामंत्री ने कहा कि हमने घरेलू विक्रेताओं को प्रोत्साहित करने के हर संभव प्रयास किए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह मानता हूँ कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत के रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण की आवश्यकता को एक बार फिर से रेखांकित किया है। यह न केवल आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए भी अनिवार्य है। हमें आगे बढ़ने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर एक सैन्य मिशन है जिसमें स्वदेशी रक्षा प्लेटफार्मों का उपयोग किया गया है।
राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में क्या कहा?
राजनाथ सिंह ने बताया कि स्वदेशी प्लेटफार्मों ने ऑपरेशन सिंदूर में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
भारत के रक्षा निर्यात में क्या बढ़ोतरी हुई है?
भारत का रक्षा निर्यात पिछले दस वर्षों में 1,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 23,500 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है।
स्वदेशीकरण का महत्व क्या है?
स्वदेशीकरण से न केवल आर्थिक विकास होता है, बल्कि यह राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए भी आवश्यक है।
ऑपरेशन सिंदूर का क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय साख को मजबूत करने में मदद की है।
राष्ट्र प्रेस
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