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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बयान: स्पेस, साइबर और आर्थिक डोमेन को भी मजबूत करना है!

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बयान: स्पेस, साइबर और आर्थिक डोमेन को भी मजबूत करना है!

सारांश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आत्मनिर्भरता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि हमें अपनी सुरक्षा को केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उन्हें स्पेस, साइबर और आर्थिक डोमेन को भी मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्य बातें

आत्मनिर्भरता की आवश्यकता स्पेस, साइबर और आर्थिक डोमेन को मजबूत करना महत्वपूर्ण है भारतीय नौसेना की प्रो-एक्टिव भूमिका डिफेंस पीएसयू का सकारात्मक योगदान युवाओं के लिए अनुकूल इकोसिस्टम का निर्माण

नई दिल्ली, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान में जब हम रक्षा क्षेत्र की चर्चा करते हैं, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि आत्मनिर्भरता के अलावा हमारे पास कोई अन्य विकल्प नहीं है। यह बात शुक्रवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने व्यक्त की।

उन्होंने बताया कि हमें अपनी सुरक्षा को केवल भूमि, समुद्र और आकाश तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि अंतरिक्ष, साइबर स्पेस और आर्थिक डोमेन को भी सशक्त बनाना होगा। इस दृष्टिकोण के तहत कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए गए हैं, जिनका प्रभाव आज स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।

विशाखापत्तनम में उपस्थित रक्षामंत्री ने कहा कि पर्शियन गल्फ या मलक्का स्ट्रेट में हमारी नौसेना लगातार हिंद महासागर में अपनी उपस्थिति बनाए रखती है। संकट के समय, चाहे वह बचाव अभियान हो या मानवीय सहायता, हमारी नौसेना हमेशा अग्रणी रहती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हमें केवल अपने तटों की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि उन महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों, चोक प्वाइंट्स और डिजिटल अवसंरचना की भी सुरक्षा सुनिश्चित करनी है, जो हमारे राष्ट्रीय हितों से जुड़े हैं।

उन्होंने बताया कि भारतीय नौसेना इन सभी सुरक्षा कार्यों में प्रो-एक्टिव तरीके से कार्य कर रही है। रक्षामंत्री ने कहा कि जब भी तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई है, तब भारतीय नौसेना ने हमारे व्यावसायिक समुद्री जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित की है। नौसेना ने साबित किया है कि वह न केवल भारत के हितों की रक्षा करने में सक्षम है, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर, अपने नागरिकों और व्यापारिक मार्गों को सुरक्षित रखने के लिए, हर संभव कदम उठा सकती है। यह क्षमता ही भारत को एक जिम्मेदार समुद्री शक्ति बनाती है।

रक्षामंत्री ने भारत की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में डिफेंस पीएसयू के योगदान को सकारात्मक बताया है। उन्होंने कहा कि हमारे पास 16 डिफेंस पीएसयू हैं, जो रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के केंद्र हैं। आज के तकनीकी युग में, डिफेंस पीएसयू ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, और जब हमारे देश को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, तब भी उन्होंने नेतृत्व का कार्य किया।

राजनाथ ने कहा कि पिछले एक दशक में देश ने एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा है। सरकार ने युवाओं और उद्योगों के लिए ऐसा इकोसिस्टम तैयार करने का प्रयास किया है, जहां नवाचार, निर्माण और निर्यात को निरंतर बढ़ावा मिले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को एक राष्ट्रीय मिशन के रूप में आगे बढ़ाया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह हमें यह भी याद दिलाता है कि आज की दुनिया में आत्मनिर्भरता की आवश्यकता कितनी महत्वपूर्ण है। उनके द्वारा उठाए गए कदम एक जिम्मेदार देश के रूप में भारत की पहचान को मजबूत करते हैं।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजनाथ सिंह ने किन क्षेत्रों को मजबूत करने की बात की?
राजनाथ सिंह ने भूमि, समुद्र, आकाश के साथ-साथ अंतरिक्ष, साइबर स्पेस और आर्थिक डोमेन को मजबूत करने की आवश्यकता की बात की।
भारतीय नौसेना की भूमिका क्या है?
भारतीय नौसेना संकट के समय में हमेशा अग्रणी रहती है, और यह साबित करती है कि वह न केवल भारत के हितों की रक्षा कर सकती है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।
डिफेंस पीएसयू का योगदान क्या है?
रक्षा मंत्री ने डिफेंस पीएसयू के योगदान को सकारात्मक बताया है, जो आत्मनिर्भरता के केंद्र हैं और कठिन परिस्थितियों में भी नेतृत्व का कार्य करते हैं।
भारत की सुरक्षा नीति में क्या बदलाव आए हैं?
पिछले एक दशक में, भारत ने सुरक्षा नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिसमें युवाओं और उद्योगों के लिए अनुकूल इकोसिस्टम तैयार करना शामिल है।
प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका क्या है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को एक राष्ट्रीय मिशन के रूप में आगे बढ़ाया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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