फीफा वर्ल्ड कप 2026 फाइनल: केरल में सोमवार को स्कूल-कॉलेज बंद, मुख्यमंत्री सतीसन का आदेश
सारांश
मुख्य बातें
केरल सरकार ने फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल मैच को ध्यान में रखते हुए 21 जुलाई, सोमवार को राज्य के सभी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन के निर्देश पर यह फैसला लिया गया, ताकि छात्र देर रात होने वाले स्पेन बनाम अर्जेंटीना के ऐतिहासिक फाइनल को बिना किसी चिंता के देख सकें। मैच भारतीय समयानुसार तड़के 12:30 बजे IST शुरू होना है।
सरकारी आदेश का दायरा
इस अवकाश के अंतर्गत जनरल एजुकेशन डिपार्टमेंट के सभी स्कूल तथा हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट के अधीन आने वाले कॉलेज, विश्वविद्यालय और प्रोफेशनल संस्थान शामिल हैं। सरकार का मानना है कि विश्व कप फाइनल जैसे वैश्विक खेल आयोजन को देखने का अवसर छात्रों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
मंत्रियों की प्रतिक्रिया
हायर एजुकेशन मंत्री रोजी एम. जॉन ने स्पष्ट किया कि सभी उच्च शिक्षण संस्थान सोमवार को बंद रहेंगे। जनरल एजुकेशन मंत्री एन. शमसुद्दीन ने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए स्कूलों में छुट्टी की पुष्टि करते हुए मज़ाकिया अंदाज़ में लिखा, 'अब खुश हो, बच्चों?' उन्होंने कहा कि यह निर्णय छात्रों की भावनाओं और उनकी माँग को ध्यान में रखकर लिया गया है।
केरल में फुटबॉल का जुनून
केरल में फुटबॉल की लोकप्रियता किसी उत्सव से कम नहीं है। राज्य के कई हिस्सों में सड़कों, चौराहों और खेल मैदानों पर स्पेन और अर्जेंटीना के खिलाड़ियों के बड़े-बड़े कटआउट लगाए गए हैं। दोनों टीमों के समर्थकों ने झंडे, बैनर और सजावटी तोरण द्वार लगाकर माहौल को रंगीन बना दिया है। स्थानीय फैन क्लबों ने सार्वजनिक स्क्रीनिंग, रैलियों और जश्न की तैयारियाँ पूरी कर ली हैं।
ज़िला स्तर पर पहले ही हो चुकी थी पहल
राज्य सरकार की घोषणा से पहले ही एर्नाकुलम समेत कई ज़िलों के कुछ स्कूलों ने छात्रों और अभिभावकों की माँग पर अपने स्तर पर छुट्टी घोषित कर दी थी। राज्य सरकार के फैसले से पूरे केरल में एक समान व्यवस्था लागू हो गई, जिससे छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच किसी भी असमंजस की स्थिति समाप्त हो गई।
आम जनता पर असर
पूरे केरल में सार्वजनिक व्यूइंग सेंटर, बड़ी एलईडी स्क्रीन और विशेष आयोजनों के बीच लाखों फुटबॉल प्रेमी अपनी पसंदीदा टीम का समर्थन करने के लिए तैयार हैं। यह घटनाक्रम एक बार फिर रेखांकित करता है कि केरल में फुटबॉल केवल एक खेल नहीं, बल्कि लोगों की संस्कृति और पहचान का अभिन्न हिस्सा है। फाइनल के बाद राज्य में जश्न या निराशा — दोनों में से एक का माहौल तय है।