फीफा विश्व कप 2026 फाइनल: मणिपुर और मिजोरम में स्कूल-कॉलेज बंद, छात्रों को स्पेन-अर्जेंटीना मैच देखने का मौका
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर और मिजोरम सरकारों ने फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल मुकाबले के मद्देनज़र सोमवार, 21 जुलाई को अपने-अपने राज्यों के सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया है, ताकि छात्र और नागरिक स्पेन तथा अर्जेंटीना के बीच होने वाला यह ऐतिहासिक फाइनल देख सकें। पूर्वोत्तर भारत में फुटबॉल की गहरी जड़ें और मैच का भारतीय समयानुसार रात 12:30 बजे IST प्रसारण इस फैसले की मुख्य वजह बनी।
मुख्य घटनाक्रम
फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी स्थित मेटलाइफ स्टेडियम में रविवार की रात (स्थानीय समय) खेला जाएगा। भारत में इसका सीधा प्रसारण सोमवार तड़के 12:30 बजे IST से होगा। देर रात के इस प्रसारण को देखते हुए दोनों राज्य सरकारों ने सोमवार को शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का निर्णय लिया।
मणिपुर सरकार का आदेश
मणिपुर के शिक्षा विभाग ने राज्यपाल की मंजूरी के बाद आधिकारिक आदेश जारी किया, जिसके तहत राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थान सोमवार को बंद रहेंगे। इस आदेश में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई और अन्य मान्यता प्राप्त बोर्डों से संबद्ध सभी स्कूल शामिल हैं। इसके साथ ही सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी कॉलेज, विश्वविद्यालय एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थान भी इस अवकाश के दायरे में आते हैं।
मिजोरम में आधे दिन की सरकारी छुट्टी
मिजोरम सरकार ने सभी स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में पूर्ण अवकाश घोषित किया है। इसके अलावा, बैंकों को छोड़कर सभी सरकारी कार्यालय दिन के पहले हिस्से में बंद रहेंगे और दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक खुलेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि आवश्यक और आपातकालीन सेवाएँ पूर्ववत निर्बाध रूप से जारी रहेंगी। सभी विभागाध्यक्षों को इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
फुटबॉल और पूर्वोत्तर भारत का गहरा नाता
मिजोरम सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मैच आधी रात के बाद होने और लोगों में फाइनल को लेकर भारी उत्साह को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि मिजोरम में फुटबॉल सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के दौरान बड़ी संख्या में लोग सामूहिक रूप से मैच देखते हैं। गौरतलब है कि मणिपुर और मिजोरम दोनों राज्यों ने देश को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के फुटबॉलर दिए हैं, जो इन राज्यों की फुटबॉल संस्कृति की गहराई को दर्शाता है।
आम जनता और फुटबॉल प्रेमियों की प्रतिक्रिया
दोनों राज्यों के फुटबॉल प्रेमियों ने सरकार के इस फैसले का खुलकर स्वागत किया है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में फुटबॉल की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और आई-लीग तथा इंडियन सुपर लीग (ISL) में इन राज्यों की टीमें सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। आगे देखना होगा कि क्या अन्य पूर्वोत्तर राज्य भी इसी तरह के कदम उठाते हैं।