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राम मंदिर दान घोटाले पर प्रियांक खड़गे का BJP-RSS पर हमला: 'राम का नाम सत्ता और धन के लिए इस्तेमाल'

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राम मंदिर दान घोटाले पर प्रियांक खड़गे का BJP-RSS पर हमला: 'राम का नाम सत्ता और धन के लिए इस्तेमाल'

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा घोटाले ने एक नया राजनीतिक मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने BJP और RSS पर सीधा आरोप लगाया कि राम का नाम तीन दशकों से सत्ता और धन के लिए इस्तेमाल किया गया। SIT जाँच में 8 गिरफ्तारियाँ और दो बड़े ट्रस्टियों के इस्तीफे ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने 6 जुलाई को BJP और RSS पर राम के नाम का राजनीतिक और आर्थिक दोहन करने का आरोप लगाया।
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जाँच SIT कर रही है; अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं।
खड़गे ने RSS की 'संयम' की अपील को आरोपियों को बचाने की कोशिश करार दिया।
RSS ने कथित चोरी और प्रशासनिक खामियों पर चिंता जताते हुए संयम बरतने का आग्रह किया था।

कर्नाटक सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने सोमवार, 6 जुलाई को बेंगलुरु में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर सीधा आरोप लगाया कि उन्होंने भगवान राम के नाम का उपयोग राजनीतिक सत्ता और आर्थिक लाभ के लिए किया। यह बयान अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में हुई गिरफ्तारियों के बाद आया है।

खड़गे के मुख्य आरोप

खड़गे ने कहा, 'भाजपा और प्रधानमंत्री ने अपनी पूरी राजनीतिक पहचान राम मंदिर के इर्द-गिर्द बनाई है, जबकि आरएसएस ने भी 1990 के दशक से राम जन्मभूमि आंदोलन से अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता हासिल की है।' उन्होंने आगे कहा, 'पिछले तीन दशकों से लोगों को जो शक था, वह अब साफ हो गया है — भाजपा और आरएसएस के लिए राम मंदिर कभी भी आस्था या भक्ति का विषय नहीं था। यह केवल सत्ता और धन हासिल करने का एक जरिया था।'

आरोपियों को बचाने का दावा

मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर खड़गे ने आरोप लगाया कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि RSS की 'संयम बरतने' की अपील असल में लोगों को इस घटना पर सवाल उठाने से रोकने की कोशिश थी, और इससे संगठन का 'असली चेहरा' सामने आ गया है। खड़गे के अनुसार, आरोपियों का बचाव न केवल राजनीतिक अवसरवाद को दर्शाता है, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का अपमान भी है।

राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: पृष्ठभूमि

अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गबन का आरोप है। विशेष जाँच दल (SIT) मामले की जाँच कर रहा है और अब तक श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपों के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं।

RSS की प्रतिक्रिया

इससे पहले RSS ने कथित चोरी और मंदिर में प्रशासनिक व सुरक्षा खामियों पर चिंता जताते हुए लोगों से संयम बनाए रखने का आग्रह किया था। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष इस मामले को लेकर केंद्र सरकार और संघ परिवार को घेरने में जुटा है।

आगे क्या होगा

SIT की जाँच जारी है और अभी और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील है — राम मंदिर BJP और RSS दोनों की वैचारिक पहचान का केंद्रीय प्रतीक रहा है। आने वाले दिनों में संसद और राज्य विधानसभाओं में भी इस पर तीखी बहस संभव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ संघ परिवार के लिए बचाव कठिन है। असली सवाल यह है कि SIT की जाँच कहाँ तक जाती है — क्या यह केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित रहेगी, या ट्रस्ट की शीर्ष संरचना तक पहुँचेगी? चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे दबाव में हुए, लेकिन जवाबदेही तय होने तक यह मामला राजनीतिक रूप से जीवित रहेगा।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा घोटाला क्या है?
अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गबन का आरोप है। SIT जाँच में अब तक श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
प्रियांक खड़गे ने BJP और RSS पर क्या आरोप लगाए?
खड़गे ने आरोप लगाया कि BJP और RSS ने तीन दशकों से राम के नाम का उपयोग राजनीतिक सत्ता और आर्थिक लाभ के लिए किया। उन्होंने यह भी कहा कि चोरी में शामिल आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा क्यों दिया?
राम मंदिर चढ़ावे में कथित गबन के आरोपों के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।
RSS ने इस मामले पर क्या कहा?
RSS ने कथित चोरी और मंदिर में प्रशासनिक व सुरक्षा खामियों पर चिंता जताते हुए लोगों से संयम बनाए रखने का आग्रह किया था। हालाँकि विपक्ष ने इस अपील को आरोपियों को बचाने की कोशिश करार दिया।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
SIT की जाँच जारी है और और गिरफ्तारियों की संभावना बनी हुई है। राजनीतिक रूप से यह मामला संसद और राज्य विधानसभाओं में बहस का विषय बन सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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