17वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता 2024-25: कश्मीर विश्वविद्यालय को मिलेगी अटल बिहारी वाजपेयी शील्ड, अर्जुन राम मेघवाल करेंगे सम्मानित
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली स्थित संसद पुस्तकालय भवन में मंगलवार, 8 जुलाई 2025 को दोपहर 3 बजे विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए 17वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता 2024-25 का पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समारोह की अध्यक्षता करते हुए विजेता संस्थानों और छात्रों को पुरस्कार प्रदान करेंगे।
राष्ट्रीय विजेता: कश्मीर विश्वविद्यालय
इस प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान जम्मू-कश्मीर स्थित कश्मीर विश्वविद्यालय ने हासिल किया है। इन छात्रों को प्रतिष्ठित 'अटल बिहारी वाजपेयी रनिंग पार्लियामेंट्री शील्ड' से नवाज़ा जाएगा। समारोह के दौरान कश्मीर विश्वविद्यालय के छात्र अपनी युवा संसद की बैठक का पुनः प्रदर्शन भी करेंगे, जो इस आयोजन का एक विशेष आकर्षण होगा।
समूह स्तरीय विजेता संस्थान
राष्ट्रीय विजेता के अतिरिक्त, प्रतियोगिता के विभिन्न समूहों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 7 विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को भी मंत्री द्वारा समूह स्तरीय विजेता ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। ये संस्थान हैं:
जालंधर का डीएवी कॉलेज, कोलकाता का जादवपुर विश्वविद्यालय, कोल्हापुर का शिवाजी विश्वविद्यालय, बठिंडा का पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय, बेंगलुरु का एसएसएमआरवी कॉलेज, पटना का चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और कुरुक्षेत्र का कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय।
प्रतियोगिता का दायरा और उद्देश्य
संसदीय कार्य मंत्रालय पिछले 29 वर्षों से विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए युवा संसद प्रतियोगिताओं का आयोजन करता आ रहा है। इस बार की 17वीं प्रतियोगिता में देशभर के 51 विश्वविद्यालयों और कॉलेजों ने भाग लिया।
युवा संसद योजना का मूल उद्देश्य युवा पीढ़ी में आत्म-अनुशासन, विभिन्न मतों के प्रति सहिष्णुता और लोकतांत्रिक मूल्यों को आत्मसात कराना है। यह योजना छात्रों को संसदीय कार्यप्रणाली, वाद-विवाद की तकनीकों और प्रभावी भाषण कला से परिचित कराती है, जिससे उनमें नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का विकास होता है।
आगे क्या
यह समारोह न केवल विजेताओं को सम्मानित करने का अवसर है, बल्कि भारत के विभिन्न राज्यों के छात्रों को एक मंच पर लाने का भी प्रयास है। गौरतलब है कि कश्मीर विश्वविद्यालय का राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम आना देश के सुदूर क्षेत्रों में लोकतांत्रिक जागरूकता की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। आने वाले वर्षों में इस प्रतियोगिता के दायरे को और विस्तृत किए जाने की संभावना है।