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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: BJP प्रवक्ता प्रतुल शाह देव बोले — दोषी नहीं बचेंगे, SIT जांच जारी

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: BJP प्रवक्ता प्रतुल शाह देव बोले — दोषी नहीं बचेंगे, SIT जांच जारी

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा मामले में BJP प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने साफ कहा — SIT जांच जारी है, दोषी नहीं बचेंगे। साथ ही ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी चेतावनी दोहराई कि पाकिस्तान की किसी भी हरकत पर भारत का जवाब निर्णायक होगा।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने 4 जुलाई को कहा कि राम मंदिर चढ़ावा मामले में दोषी कोई नहीं बचेगा।
मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है; कई गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं और वरिष्ठ लोगों से पूछताछ जारी है।
BJP राष्ट्रीय प्रवक्ता सी.
केसवन ने विपक्ष के मुख्य न्यायाधीश को लिखे पत्र को 'हिट विकेट' और 'आपातकाल मानसिकता' का प्रतीक बताया।
प्रतुल शाह देव ने कहा — 'ऑपरेशन सिंदूर' अस्थायी रूप से रोका गया है, समाप्त नहीं हुआ; पाकिस्तान की हरकत पर निर्णायक जवाब मिलेगा।
भारत पाकिस्तान से बातचीत तभी करेगा जब सीमा पार आतंकवाद पूरी तरह बंद हो।

नई दिल्ली, 4 जुलाई — राम मंदिर चढ़ावा मामले पर सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि इस मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जनता को विपक्ष के बहकावे में आने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और BJP का इस मसले पर एक समान और दृढ़ रुख है।

SIT जांच और अब तक की कार्रवाई

प्रतुल शाह देव ने बताया कि इस घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया जा चुका है और कई गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ लोगों से पूछताछ जारी है और धन के लेन-देन की भी बारीकी से जांच की जा रही है। STF मामले की जांच कर रही है और जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।

उन्होंने आश्वस्त किया, 'जो भी लोग इसमें दोषी हैं, उन पर कार्रवाई होगी, कोई बचने वाला नहीं है।' उन्होंने जनता से अपील की कि वे कार्रवाई का इंतजार करें और किसी के बहकावे में न आएं।

विपक्ष पर BJP का पलटवार

एनडीए नेताओं ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इस संवेदनशील मामले में जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। चेन्नई से BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सी. आर. केसवन ने SIR प्रक्रिया पर विपक्ष के संयुक्त पत्र की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे विपक्ष — विशेषकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) — की 'चयनात्मक स्मृति' और 'दोहरे रवैये' का उदाहरण बताया।

केसवन ने कहा कि यह पत्र विपक्ष के लिए ही 'हिट विकेट' साबित हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पत्र की भाषा आपातकाल जैसी मानसिकता को दर्शाती है, जब संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव डाला जाता था।

प्रतुल शाह देव ने भी चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक या केरल में चुनाव जीतता है तो उसे कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन हार पर संस्थाओं पर सवाल खड़े किए जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहा है।

भारत-पाकिस्तान संबंध और ऑपरेशन सिंदूर

प्रतुल शाह देव ने भारत-पाकिस्तान संबंधों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत केवल अपनी शर्तों और अपने तय समय पर ही पाकिस्तान से बातचीत करेगा। उनके अनुसार, जब तक सीमा पार से होने वाला आतंकवाद पूरी तरह समाप्त नहीं होता, तब तक आतंक को बढ़ावा देने वाले देश से किसी भी प्रकार की वार्ता संभव नहीं है।

उन्होंने यह भी दोहराया कि प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के अनुसार 'ऑपरेशन सिंदूर' पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है — इसे केवल अस्थायी रूप से रोका गया है। यदि पाकिस्तान फिर से किसी प्रकार की उकसावे वाली गतिविधि करता है, तो भारत की ओर से कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा।

आगे क्या होगा

SIT की जांच जारी है और BJP नेताओं के अनुसार जल्द ही पूरे मामले का खुलासा होगा। यह मामला ऐसे समय में राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है जब संसद का सत्र नजदीक है और विपक्ष इसे एक बड़े मुद्दे के रूप में उठाने की तैयारी में है। गौरतलब है कि राम मंदिर जैसे धार्मिक स्थल से जुड़े वित्तीय विवाद जनभावनाओं को सीधे प्रभावित करते हैं, इसलिए सरकार पर पारदर्शी जांच का दबाव बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जांच जारी है' वाला बयान तब तक पर्याप्त नहीं माना जाएगा जब तक जांच के ठोस परिणाम सार्वजनिक न हों। BJP का विपक्ष पर 'गुमराह करने' का आरोप राजनीतिक रूप से समझ में आता है, लेकिन जनता की असली माँग पारदर्शिता है — न कि पार्टी लाइन। ऑपरेशन सिंदूर को 'अस्थायी विराम' बताना एक सुविचारित कूटनीतिक संकेत है, जो पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा लगता है। असली परीक्षा यह है कि SIT की रिपोर्ट कब और किस रूप में सार्वजनिक होगी।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा मामला क्या है?
राम मंदिर चढ़ावा मामला अयोध्या के राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान की राशि के कथित दुरुपयोग या अनियमितता से जुड़ा विवाद है। इस मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है और कई गिरफ्तारियाँ भी हो चुकी हैं।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT क्या कर रही है?
SIT मामले में धन के लेन-देन की जांच कर रही है, वरिष्ठ लोगों से पूछताछ जारी है और कई गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। BJP प्रवक्ता प्रतुल शाह देव के अनुसार जल्द ही पूरे मामले का खुलासा होगा।
विपक्ष ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र क्यों लिखा?
विपक्ष ने SIT प्रक्रिया को लेकर चिंता जताते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को पत्र लिखा। BJP ने इस पत्र को 'चयनात्मक स्मृति' और 'दोहरे रवैये' का उदाहरण बताते हुए खारिज किया।
ऑपरेशन सिंदूर अभी किस स्थिति में है?
BJP प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, इसे केवल अस्थायी रूप से रोका गया है। पाकिस्तान की किसी भी उकसावे वाली गतिविधि पर भारत कड़ा और निर्णायक जवाब देगा।
भारत पाकिस्तान से बातचीत कब करेगा?
BJP प्रवक्ता के अनुसार भारत पाकिस्तान से तभी बातचीत करेगा जब सीमा पार से होने वाला आतंकवाद पूरी तरह बंद हो। भारत अपनी शर्तों और अपने तय समय पर ही वार्ता के लिए तैयार होगा।
राष्ट्र प्रेस
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