राम मंदिर चढ़ावा विवाद: BJP प्रवक्ता प्रतुल शाह देव बोले — दोषी नहीं बचेंगे, SIT जांच जारी
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 4 जुलाई — राम मंदिर चढ़ावा मामले पर सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि इस मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जनता को विपक्ष के बहकावे में आने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और BJP का इस मसले पर एक समान और दृढ़ रुख है।
SIT जांच और अब तक की कार्रवाई
प्रतुल शाह देव ने बताया कि इस घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया जा चुका है और कई गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ लोगों से पूछताछ जारी है और धन के लेन-देन की भी बारीकी से जांच की जा रही है। STF मामले की जांच कर रही है और जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।
उन्होंने आश्वस्त किया, 'जो भी लोग इसमें दोषी हैं, उन पर कार्रवाई होगी, कोई बचने वाला नहीं है।' उन्होंने जनता से अपील की कि वे कार्रवाई का इंतजार करें और किसी के बहकावे में न आएं।
विपक्ष पर BJP का पलटवार
एनडीए नेताओं ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इस संवेदनशील मामले में जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। चेन्नई से BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सी. आर. केसवन ने SIR प्रक्रिया पर विपक्ष के संयुक्त पत्र की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे विपक्ष — विशेषकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) — की 'चयनात्मक स्मृति' और 'दोहरे रवैये' का उदाहरण बताया।
केसवन ने कहा कि यह पत्र विपक्ष के लिए ही 'हिट विकेट' साबित हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पत्र की भाषा आपातकाल जैसी मानसिकता को दर्शाती है, जब संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव डाला जाता था।
प्रतुल शाह देव ने भी चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक या केरल में चुनाव जीतता है तो उसे कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन हार पर संस्थाओं पर सवाल खड़े किए जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहा है।
भारत-पाकिस्तान संबंध और ऑपरेशन सिंदूर
प्रतुल शाह देव ने भारत-पाकिस्तान संबंधों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत केवल अपनी शर्तों और अपने तय समय पर ही पाकिस्तान से बातचीत करेगा। उनके अनुसार, जब तक सीमा पार से होने वाला आतंकवाद पूरी तरह समाप्त नहीं होता, तब तक आतंक को बढ़ावा देने वाले देश से किसी भी प्रकार की वार्ता संभव नहीं है।
उन्होंने यह भी दोहराया कि प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के अनुसार 'ऑपरेशन सिंदूर' पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है — इसे केवल अस्थायी रूप से रोका गया है। यदि पाकिस्तान फिर से किसी प्रकार की उकसावे वाली गतिविधि करता है, तो भारत की ओर से कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा।
आगे क्या होगा
SIT की जांच जारी है और BJP नेताओं के अनुसार जल्द ही पूरे मामले का खुलासा होगा। यह मामला ऐसे समय में राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है जब संसद का सत्र नजदीक है और विपक्ष इसे एक बड़े मुद्दे के रूप में उठाने की तैयारी में है। गौरतलब है कि राम मंदिर जैसे धार्मिक स्थल से जुड़े वित्तीय विवाद जनभावनाओं को सीधे प्रभावित करते हैं, इसलिए सरकार पर पारदर्शी जांच का दबाव बना रहेगा।