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राम मंदिर सुरक्षित है, SIT और सुप्रीम कोर्ट कर रहे निगरानी: BJP प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी

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राम मंदिर सुरक्षित है, SIT और सुप्रीम कोर्ट कर रहे निगरानी: BJP प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी

सारांश

BJP प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने लखनऊ में एक साथ कई मोर्चों पर विपक्ष को घेरा — राम मंदिर विवाद को SIT और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी का हवाला देकर खारिज किया, मौलाना जर्जिस के खिलाफ NSA की माँग की, और एंटी-पेपर लीक बिल को मोदी सरकार की छात्र-प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने 31 जुलाई को लखनऊ में विपक्ष पर निशाना साधा।
राम मंदिर चंदा विवाद की जाँच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित SIT कर रही है; शीर्ष अदालत की निगरानी जारी है।
मौलाना जर्जिस की भगवान शिव पर कथित टिप्पणी के विरुद्ध NSA के तहत कार्रवाई की माँग।
200 से अधिक शिक्षाविदों ने प्रियंका गांधी वाड्रा की लोकसभा टिप्पणी पर लिखित आपत्ति दर्ज कराई।
एंटी-पेपर लीक बिल को छात्रहित में मोदी सरकार का अहम कदम बताया; फास्ट ट्रैक कोर्ट से शीघ्र सजा का प्रावधान।
सपा को पोस्टर-प्रचार की राजनीति तक सिमटी पार्टी करार दिया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने 31 जुलाई को लखनऊ में विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि राम मंदिर से जुड़े चंदे के विवाद की जाँच उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर गठित विशेष जाँच दल (SIT) कर रही है और पूरे मामले पर शीर्ष अदालत की निगरानी बनी हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवान राम का मंदिर रामभक्तों के हाथों में पूर्णतः सुरक्षित है और विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को हवा दे रहा है।

राम मंदिर विवाद और SIT जाँच

त्रिपाठी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण में चंदे से जुड़ी जिस भी घटना की चर्चा हो रही है, उसकी जाँच ट्रस्ट के अनुरोध और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित SIT कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग आज राम मंदिर की चिंता जता रहे हैं, उन्हीं ने पहले मंदिर निर्माण में बाधाएँ उत्पन्न करने का प्रयास किया था। उनके अनुसार, रामभक्त इस मंदिर की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम हैं।

समाजवादी पार्टी पर निशाना

समाजवादी पार्टी (SP) के कार्यालय के बाहर लगे पोस्टरों पर टिप्पणी करते हुए त्रिपाठी ने दावा किया कि सपा अब केवल पोस्टर और प्रचार की राजनीति तक सिमट गई है। उन्होंने कहा कि पार्टी के पास जनता के बीच जाने की न तो ताकत बची है और न ही कार्यकर्ता। उनके अनुसार, जनसमर्थन पोस्टरबाज़ी से नहीं, बल्कि जनता से सीधे संवाद और उनकी समस्याएँ सुनने से मिलता है — और इस मोर्चे पर समाजवादी पार्टी पूरी तरह विफल रही है।

मौलाना जर्जिस की कथित टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया

मौलाना जर्जिस द्वारा भगवान कृष्ण के बाद भगवान शिव पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के मुद्दे पर त्रिपाठी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए प्रदेश का सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की साजिश रची जा रही है। सावन जैसे पवित्र महीने में इस प्रकार की टिप्पणी को उन्होंने अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया और माँग की कि संबंधित मौलाना के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व का समर्थन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनसंपर्क अभियान और माफिया-विरोधी कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए त्रिपाठी ने कहा कि सीएम योगी राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य नेता बन चुके हैं और विभिन्न राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए आमंत्रित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि गाजीपुर जैसे क्षेत्रों में, जहाँ कभी माफियाओं का बोलबाला माना जाता था, आज विकास की नई तस्वीर उभर रही है। योगी सरकार ने नोएडा से जुड़ी पुरानी राजनीतिक मान्यताओं को भी तोड़ा और प्रदेश के हर कोने में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।

प्रियंका गांधी की टिप्पणी और एंटी-पेपर लीक बिल

लोकसभा में प्रियंका गांधी वाड्रा की टिप्पणी पर 200 से अधिक शिक्षाविदों द्वारा जताई गई आपत्ति के संदर्भ में त्रिपाठी ने कहा कि यह टिप्पणी धार्मिक तुष्टीकरण की राजनीति के तहत की गई और इससे IIT मद्रास के निदेशक बी. कामाकोटी जैसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक का अपमान हुआ। उन्होंने कहा कि शिक्षाविदों की लिखित आपत्ति इस बात का प्रमाण है कि समाज का बौद्धिक वर्ग भी इस बयान से सहमत नहीं है, और यह मामला कांग्रेस को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुँचा सकता है।

एंटी-पेपर लीक बिल का स्वागत करते हुए त्रिपाठी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों से किया गया वादा निभाया है। नए कानून के तहत पेपर लीक कराने वाले संगठित गिरोहों पर कठोर कार्रवाई होगी और फास्ट ट्रैक कोर्ट के ज़रिये दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने का प्रावधान किया गया है। यह कदम परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मौलाना जर्जिस प्रकरण को 2027 चुनावी ध्रुवीकरण से जोड़ने और एंटी-पेपर लीक बिल को मोदी की 'छात्र-हितैषी' छवि से जोड़ने की कोशिश एक साथ दिखती है। गौरतलब है कि SIT गठन और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी के बावजूद जाँच की प्रगति और समयसीमा पर कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई। NSA जैसे कठोर कानून की माँग — जो बिना मुकदमे के हिरासत की अनुमति देता है — को केवल एक धार्मिक टिप्पणी के आधार पर उठाना, कानूनी और नागरिक-स्वतंत्रता के नज़रिये से विवादास्पद है। मुख्यधारा की कवरेज इस बात को अक्सर अनदेखा करती है कि ये बयान 2027 के चुनावी कैलेंडर की पृष्ठभूमि में कितने सुनियोजित हैं।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चंदा विवाद की जाँच कौन कर रहा है?
उत्तर प्रदेश सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश और ट्रस्ट के अनुरोध पर एक विशेष जाँच दल (SIT) गठित किया है जो इस मामले की जाँच कर रही है। सुप्रीम कोर्ट पूरे प्रकरण पर लगातार नज़र बनाए हुए है।
BJP ने मौलाना जर्जिस के खिलाफ क्या माँग की है?
BJP प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने माँग की है कि मौलाना जर्जिस के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। उनका आरोप है कि सावन माह में भगवान शिव पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की साजिश का हिस्सा है।
प्रियंका गांधी वाड्रा की टिप्पणी पर शिक्षाविदों ने क्यों आपत्ति जताई?
200 से अधिक शिक्षाविदों ने लोकसभा में प्रियंका गांधी वाड्रा की एक टिप्पणी पर लिखित आपत्ति दर्ज कराई है, जिसमें IIT मद्रास के निदेशक बी. कामाकोटी का अपमान किए जाने का आरोप है। BJP के अनुसार यह मामला कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान पहुँचा सकता है।
एंटी-पेपर लीक बिल में छात्रों के लिए क्या प्रावधान हैं?
नए कानून के तहत पेपर लीक कराने वाले संगठित गिरोहों पर कठोर कार्रवाई का प्रावधान है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के ज़रिये ऐसे मामलों का शीघ्र निस्तारण और दोषियों को जल्द सजा दिलाने की व्यवस्था की गई है।
BJP ने समाजवादी पार्टी की राजनीति को लेकर क्या कहा?
BJP प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी अब केवल पोस्टर और प्रचार तक सिमट गई है और उसके पास जनता के बीच जाने की न ताकत है, न कार्यकर्ता। उन्होंने कहा कि जनसमर्थन सीधे संवाद और जनता की समस्याएँ सुनने से मिलता है, जिसमें सपा विफल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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