13 जुलाई 2026
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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: BJP प्रवक्ता प्रतुल शाह देव बोले — विपक्ष अयोध्या को बदनाम कर रहा, SIT जांच जारी

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: BJP प्रवक्ता प्रतुल शाह देव बोले — विपक्ष अयोध्या को बदनाम कर रहा, SIT जांच जारी

सारांश

BJP प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने साफ़ कहा — राम मंदिर के कथित चढ़ावा मामले में SIT जाँच जारी है और आरोपी बचेंगे नहीं। लेकिन असली निशाना विपक्ष पर था: कांग्रेस पर अयोध्या को राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप, EVM विवाद पर पलटवार, और राहुल गांधी की संसदीय अनुपस्थिति पर सवाल।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने 13 जुलाई को रांची में राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया।
मामले की जाँच के लिए SIT गठित, कई गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं; शाह देव ने कहा — 'आरोपी बचने वाले नहीं।' कांग्रेस पर आरोप: कपिल सिब्बल ने सर्वोच्च न्यायालय में मंदिर सुनवाई टालने की माँग की थी; रामसेतु हलफनामे का भी उल्लेख।
चुनाव आयोग और EVM पर विपक्ष के आरोपों को 'हार के बाद की राजनीति' बताया।
NCERT मामले में लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई का संकेत; सरकार का भ्रष्टाचार पर 'शून्य-समझौता' रुख दोहराया।
मानसून सत्र की सर्वदलीय बैठक में राहुल गांधी की सक्रिय भागीदारी की उम्मीद जताई।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने 13 जुलाई को रांची में कहा कि राम मंदिर में कथित चढ़ावा घोटाले को लेकर विपक्ष द्वारा अयोध्या और राम मंदिर की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जाँच के लिए विशेष जाँच दल (SIT) गठित किया जा चुका है और कई गिरफ्तारियाँ भी हो चुकी हैं।

मुख्य घटनाक्रम

शाह देव ने कहा कि यह मामला दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन इसे आधार बनाकर समूचे राम मंदिर और अयोध्या को राजनीतिक निशाना बनाना उचित नहीं है। उनके अनुसार, SIT की जाँच तेज़ गति से आगे बढ़ रही है और 'दोषी चाहे कहीं भी हों, उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा।' उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी आरोपी बचने वाला नहीं है।

कांग्रेस पर पलटवार

BJP प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) का राम मंदिर विरोध का इतिहास पुराना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने सर्वोच्च न्यायालय में मंदिर निर्माण से जुड़ी सुनवाई टालने की माँग की थी। इसके अलावा, रामसेतु विवाद और कांग्रेस सरकार के दौरान दायर हलफनामे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भगवान राम के अस्तित्व पर भी सवाल उठाए थे। उनके अनुसार, अब भी कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है।

चुनाव आयोग पर विपक्ष के आरोपों का जवाब

विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग और EVM पर उठाए जा रहे सवालों पर शाह देव ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल केवल चुनाव हारने पर ही इन संस्थाओं पर आरोप लगाते हैं, जबकि जीत मिलने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं होती। उन्होंने यह भी बताया कि पहले चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति केवल प्रधानमंत्री की अनुशंसा पर होती थी, जबकि अब एक समिति के माध्यम से यह प्रक्रिया अपनाई जाती है। मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के ज़रिए फ़र्ज़ी मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।

NCERT और भ्रष्टाचार पर रुख

NCERT से जुड़े एक मामले पर उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी ने न्यायालय में सरकार का पक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रखा या किसी ब्लैकलिस्टेड सप्लायर के प्रति नरम रुख अपनाया है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करती।

मानसून सत्र और राहुल गांधी पर टिप्पणी

संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले प्रस्तावित सर्वदलीय बैठक को शाह देव ने संसदीय परंपरा का अनिवार्य हिस्सा बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस बैठक और पूरे मानसून सत्र में सक्रिय भागीदारी निभाएँगे। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कई महत्वपूर्ण अवसरों पर सदन से अनुपस्थित रहते हैं और गंभीर विधायी चर्चाओं में पर्याप्त रूप से हिस्सा नहीं लेते। आने वाले दिनों में SIT की जाँच रिपोर्ट और मानसून सत्र की कार्यवाही इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और साथ ही विपक्ष को 'राम-विरोधी' के रूप में चित्रित करना। लेकिन सवाल यह है कि जिस मंदिर को राष्ट्रीय आस्था का प्रतीक बताया गया, वहाँ चढ़ावे में कथित अनियमितताएँ सामने आईं — यह प्रशासनिक विफलता की जाँच उतनी ही ज़रूरी है जितनी राजनीतिक पलटवार। EVM और चुनाव आयोग पर बहस को 'हार के बाद की राजनीति' कहकर खारिज करना भी उन संरचनात्मक सवालों से ध्यान हटाता है जो सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँच चुके हैं। मुख्यधारा की कवरेज BJP के बयान को रिले करती है, लेकिन SIT की जाँच की स्वतंत्रता और समयसीमा पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
राम मंदिर में कथित तौर पर चढ़ावे की राशि में अनियमितताओं का मामला सामने आया है, जिसकी जाँच के लिए SIT गठित की गई है और कई गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। BJP ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
SIT जाँच में अब तक क्या हुआ है?
BJP प्रवक्ता प्रतुल शाह देव के अनुसार, SIT गठित हो चुकी है, कई गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं और जाँच तेज़ गति से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी आरोपी बचने वाला नहीं है।
कांग्रेस पर BJP ने क्या आरोप लगाए?
BJP प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस का राम मंदिर विरोध का इतिहास पुराना है — कपिल सिब्बल ने सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई टालने की माँग की थी और कांग्रेस सरकार ने रामसेतु पर हलफनामे में भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे। उनके अनुसार, अब भी कांग्रेस इस विवाद को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है।
BJP ने EVM और चुनाव आयोग पर विपक्ष के आरोपों का क्या जवाब दिया?
BJP प्रवक्ता ने कहा कि विपक्ष केवल चुनाव हारने पर EVM और चुनाव आयोग पर सवाल उठाता है, जबकि जीत मिलने पर चुप रहता है। उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव आयुक्त नियुक्ति प्रक्रिया अब समिति-आधारित है और SIR के ज़रिए फ़र्ज़ी मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।
मानसून सत्र से पहले BJP की क्या अपेक्षाएँ हैं?
BJP प्रवक्ता ने सर्वदलीय बैठक को संसदीय परंपरा का हिस्सा बताया और उम्मीद जताई कि राहुल गांधी मानसून सत्र में सक्रिय भूमिका निभाएँगे। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी पर महत्वपूर्ण अवसरों पर सदन से अनुपस्थित रहने का आरोप भी लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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