राम मंदिर चढ़ावा विवाद: BJP प्रवक्ता प्रतुल शाह देव बोले — विपक्ष अयोध्या को बदनाम कर रहा, SIT जांच जारी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने 13 जुलाई को रांची में कहा कि राम मंदिर में कथित चढ़ावा घोटाले को लेकर विपक्ष द्वारा अयोध्या और राम मंदिर की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जाँच के लिए विशेष जाँच दल (SIT) गठित किया जा चुका है और कई गिरफ्तारियाँ भी हो चुकी हैं।
मुख्य घटनाक्रम
शाह देव ने कहा कि यह मामला दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन इसे आधार बनाकर समूचे राम मंदिर और अयोध्या को राजनीतिक निशाना बनाना उचित नहीं है। उनके अनुसार, SIT की जाँच तेज़ गति से आगे बढ़ रही है और 'दोषी चाहे कहीं भी हों, उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा।' उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी आरोपी बचने वाला नहीं है।
कांग्रेस पर पलटवार
BJP प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) का राम मंदिर विरोध का इतिहास पुराना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने सर्वोच्च न्यायालय में मंदिर निर्माण से जुड़ी सुनवाई टालने की माँग की थी। इसके अलावा, रामसेतु विवाद और कांग्रेस सरकार के दौरान दायर हलफनामे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भगवान राम के अस्तित्व पर भी सवाल उठाए थे। उनके अनुसार, अब भी कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है।
चुनाव आयोग पर विपक्ष के आरोपों का जवाब
विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग और EVM पर उठाए जा रहे सवालों पर शाह देव ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल केवल चुनाव हारने पर ही इन संस्थाओं पर आरोप लगाते हैं, जबकि जीत मिलने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं होती। उन्होंने यह भी बताया कि पहले चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति केवल प्रधानमंत्री की अनुशंसा पर होती थी, जबकि अब एक समिति के माध्यम से यह प्रक्रिया अपनाई जाती है। मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के ज़रिए फ़र्ज़ी मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।
NCERT और भ्रष्टाचार पर रुख
NCERT से जुड़े एक मामले पर उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी ने न्यायालय में सरकार का पक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रखा या किसी ब्लैकलिस्टेड सप्लायर के प्रति नरम रुख अपनाया है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करती।
मानसून सत्र और राहुल गांधी पर टिप्पणी
संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले प्रस्तावित सर्वदलीय बैठक को शाह देव ने संसदीय परंपरा का अनिवार्य हिस्सा बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस बैठक और पूरे मानसून सत्र में सक्रिय भागीदारी निभाएँगे। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कई महत्वपूर्ण अवसरों पर सदन से अनुपस्थित रहते हैं और गंभीर विधायी चर्चाओं में पर्याप्त रूप से हिस्सा नहीं लेते। आने वाले दिनों में SIT की जाँच रिपोर्ट और मानसून सत्र की कार्यवाही इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगी।