राम मंदिर चढ़ावा विवाद: साक्षी महाराज बोले — सपा-कांग्रेस को सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं
सारांश
मुख्य बातें
उन्नाव से भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने 13 जुलाई को पत्रकारों से बातचीत में राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर विपक्ष की आलोचना को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस को इस मामले में कोई भी सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन क्षेत्र के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर साक्षी महाराज का बयान
साक्षी महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में उन्नाव सहित पूरे प्रदेश में तेज़ गति से विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि लखनऊ से कानपुर की दूरी, जो पहले डेढ़ घंटे में तय होती थी, अब मात्र 35 मिनट में पूरी होगी। उनके अनुसार, यह परियोजना न केवल यात्रियों को सुविधा देगी, बल्कि देश की आर्थिक गति को भी तेज़ करेगी।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विपक्ष को चेतावनी
भाजपा सांसद ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को विशेष रूप से इस विषय पर बोलने का कोई अधिकार नहीं, क्योंकि सपा शासनकाल में राम भक्तों पर गोली चलाई गई थी और तत्कालीन नेतृत्व ने इस पर खेद जताने से भी इनकार किया था। साक्षी महाराज ने कहा कि उस समय के नेताओं ने खुलेआम कहा था कि उन्हें कोई खेद नहीं है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने सर्वोच्च न्यायालय में 50 अधिवक्ता राम मंदिर निर्माण में बाधा डालने के लिए खड़े किए थे। उन्होंने कहा कि जो लोग राम भक्तों को काल्पनिक बताते थे, वे अब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपना रंग बदल रहे हैं। उनका दावा है कि भाजपा इस चुनाव में 300 से अधिक विधायक जिताएगी।
शिवपाल यादव के बयान पर पलटवार
शिवपाल यादव द्वारा उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाने पर साक्षी महाराज ने कहा कि उन्हें अपना इतिहास याद करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सपा सरकार के दौरान मीडिया पर भी दबाव डाला जाता था और दुष्कर्म की घटनाओं पर तत्कालीन मुख्यमंत्री ने कहा था कि 'बच्चे हैं, गलती हो जाती है।' उन्होंने कहा कि आज राष्ट्रपति स्तर पर यह सुनिश्चित किया जाता है कि ऐसे मामलों में 24 घंटे के भीतर कार्रवाई हो।
बाबा रामदेव के बयान पर समर्थन
साक्षी महाराज ने योग गुरु बाबा रामदेव के उस बयान का समर्थन किया जिसमें उन्होंने कहा था कि धर्म अलग होने के बावजूद सभी के पूर्वज एक ही थे और उनका धर्म हिंदू था। साक्षी महाराज ने कहा कि बाबा रामदेव ने जो कहा, वह सत्य है — पाकिस्तान और बांग्लादेश भी भारत से ही निकले हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि यही बात मुसलमान कहें, तो और भी प्रभावी होगी, और कुछ मुसलमानों ने ऐसा कहना शुरू भी किया है।
आगे क्या
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में राम मंदिर चढ़ावा विवाद और विकास परियोजनाओं को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ होने की संभावना है। साक्षी महाराज के इस बयान के बाद विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया आने की उम्मीद है।