प्रियंका चतुर्वेदी का यूसीसी पर सवाल: राष्ट्रीय बहस से पहले कांग्रेस अपना रुख साफ करे
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने 13 जुलाई को नई दिल्ली में समान नागरिक संहिता (यूसीसी), अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितता, महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे के विवादित बयान और जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक स्थिति सहित कई अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी पार्टी का पक्ष स्पष्ट किया। उनके बयान ऐसे समय में आए हैं जब यूसीसी को लेकर विपक्षी दलों के भीतर ही मतभेद उभरते दिख रहे हैं।
यूसीसी पर कांग्रेस का रुख स्पष्ट हो: चतुर्वेदी
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के यूसीसी समर्थक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चतुर्वेदी ने कहा कि इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होना स्वागतयोग्य है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि चौधरी को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि यह कांग्रेस का आधिकारिक रुख है या उनकी निजी राय। उनके अनुसार, यूसीसी जैसे संवेदनशील मुद्दे पर जरूरत से अधिक राजनीति की जाती रही है। गौरतलब है कि चौधरी ने कहा था कि यूसीसी केंद्रीय स्तर पर लागू होनी चाहिए और किसी भी समुदाय को हाशिए पर महसूस नहीं होना चाहिए।
राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी पर तीखी प्रतिक्रिया
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितता के मामले पर चतुर्वेदी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) से जुड़े ट्रस्टियों की देखरेख में इस तरह की कथित गड़बड़ी होना अत्यंत शर्मनाक है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उत्तर प्रदेश सरकार का निर्णय राजनीतिक दबाव से मुक्त होता, तो जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाती। यह बयान ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब मंदिर ट्रस्ट की पारदर्शिता को लेकर विभिन्न हलकों में सवाल उठ रहे हैं।
नितेश राणे के बयान पर मौन प्रतिरोध
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे द्वारा विपक्ष को 'औरंगजेब की औलाद' बताए जाने पर चतुर्वेदी ने सीधी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि राणे प्रतिदिन एक के बाद एक बेतुके बयान देते हैं और मंत्री पद की गरिमा का उन्हें बोध नहीं है। उनका यह मौन प्रतिरोध भी एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश था।
जम्मू-कश्मीर में 'ऑपरेशन लोटस' के आरोप
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के 'ऑपरेशन लोटस' संबंधी बयान पर चतुर्वेदी ने कहा कि उन्हें इस तरह के आरोपों पर कोई आश्चर्य नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) राजनीतिक अस्थिरता का फायदा उठाती है और विधायकों के साथ 'घोड़ों जैसा व्यवहार' करती है। उनके अनुसार, यह रणनीति जनादेश और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करती है और सत्ता में बने रहने के लिए अपनाई जाती है।
आगे क्या
चतुर्वेदी के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब विपक्षी गठबंधन के भीतर यूसीसी जैसे मुद्दों पर आंतरिक मतभेद उजागर हो रहे हैं। कांग्रेस की ओर से अधीर रंजन चौधरी के बयान को आधिकारिक पार्टी रुख के रूप में स्पष्ट किया जाना अभी बाकी है, और यह सवाल आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।