राम मंदिर चढ़ावा विवाद: स्वामी चिदानंद सरस्वती बोले — SIT पर भरोसा रखें, दोषी बचेंगे नहीं
सारांश
मुख्य बातें
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने 26 जून 2026 को हरिद्वार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर स्पष्ट संदेश दिया — जनता किसी के बहकावे में न आए, विशेष जाँच दल (SIT) की कार्रवाई पर भरोसा रखे और संविधान में आस्था बनाए रखे। उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई भी दोषी व्यक्ति बचने वाला नहीं है और सरकार पूरी निष्पक्षता से कार्रवाई करेगी।
SIT की त्वरित कार्रवाई पर स्वामीजी का बयान
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा, 'इतने कम समय में SIT की रिपोर्ट सामने आ गई है, इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है? जो लोग भी इसमें दोषी हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी। अभी 15 दिन से पहले ही कार्रवाई शुरू हो गई है, आने वाले दिनों में बहुत कुछ खुल सकता है।' उन्होंने इसे प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण बताया।
सरकार और संविधान पर विश्वास का आह्वान
राम मंदिर चढ़ावे में हेराफेरी के मामले में दर्ज FIR का उल्लेख करते हुए स्वामीजी ने कहा, 'मैं राज्य सरकार और भारत सरकार, दोनों की सराहना करता हूँ। आप दोनों सरकारों पर आँख मूँदकर भरोसा कर सकते हैं। यह सिर्फ एक सरकार नहीं है, यह मूल्यों पर आधारित सरकार है — जिसके नेताओं ने अपना पूरा जीवन देश के लिए समर्पित किया है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि SIT की रिपोर्ट और संविधान के प्रावधानों के अनुसार ही सभी कार्रवाई होगी और कोई पक्षपात नहीं होगा।
राम मंदिर — आस्था का राष्ट्रीय प्रतीक
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने अयोध्या के राम मंदिर को महज एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, 'राम मंदिर सिर्फ एक मंदिर नहीं है। यह एक राष्ट्रीय मंदिर है। पूरा देश इससे जुड़ा हुआ है। यह सिर्फ प्रशासन का मामला नहीं है — यह आस्था का मामला है।' इस संदर्भ में उन्होंने चढ़ावे में कथित हेराफेरी को केवल वित्तीय अपराध नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ विश्वासघात करार दिया।
अफवाहों और गलत सूचनाओं से सावधान रहें
स्वामीजी ने जनता को आगाह किया कि देश में कुछ ऐसे तत्व सक्रिय हैं जो इस विवाद को लेकर भ्रामक खबरें फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक जाँच पूरी न हो जाए और तथ्य स्पष्ट न हो जाएँ, किसी पर भी उँगली उठाना उचित नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली सूचनाओं की पहले जाँच करें और धैर्य बनाए रखें।
आगे क्या होगा
SIT की रिपोर्ट के आधार पर आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है। स्वामी चिदानंद सरस्वती के अनुसार, न्यायिक प्रक्रिया अपना काम करेगी और सभी दोषियों के विरुद्ध समान रूप से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह मामला धार्मिक ट्रस्टों की जवाबदेही और पारदर्शिता के व्यापक सवाल को भी सामने ला रहा है।