विशाखापत्तनम में 19-21 अगस्त को आरएसएस की अखिल भारतीय समन्वय बैठक, 32 संगठन होंगे शामिल
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से प्रेरित संगठनों की वार्षिक 'अखिल भारतीय समन्वय बैठक' इस वर्ष विशाखापत्तनम के गुदिलोवा में आयोजित होगी। यह तीन दिवसीय बैठक 19 से 21 अगस्त 2026 तक चलेगी, जिसमें संघ से जुड़े कुल 32 संगठनों के शीर्ष पदाधिकारी भाग लेंगे।
बैठक का उद्देश्य और स्वरूप
आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि यह बैठक प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है। इसमें प्रत्येक संगठन के अखिल भारतीय अध्यक्ष, महासचिव, संगठन मंत्री और अन्य चुने हुए पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। सभी संगठन अपनी-अपनी गतिविधियों की जानकारी साझा करेंगे और आपसी समन्वय को मज़बूत करने पर विचार-विमर्श करेंगे।
किन मुद्दों पर होगी चर्चा
बैठक में कई महत्वपूर्ण सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों पर चर्चा अपेक्षित है। इनमें जनसंख्या असंतुलन, नशा मुक्ति, युवाओं में जागरूकता, 'पंच परिवर्तन' को लागू करना और विकास की भारतीय अवधारणा प्रमुख हैं। इसके साथ ही जन-कल्याण और नीतिगत मामलों पर भी विचार होगा। गौरतलब है कि ये संगठन वर्षों से 'लोक जागरण' यानी जन-जागरूकता के दीर्घकालिक कार्य में सक्रिय हैं।
शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति
बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, सभी सह-सरकार्यवाह और अखिल भारतीय कार्यविभाग प्रमुख उपस्थित रहेंगे। यह बैठक संघ के सर्वोच्च नेतृत्व और उससे जुड़े संगठनों के बीच सीधे संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच मानी जाती है।
कौन-कौन से संगठन होंगे शामिल
बैठक में भारतीय मजदूर संघ, भारतीय किसान संघ, भारतीय जनता पार्टी (BJP), विश्व हिंदू परिषद (VHP), अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), सक्षम, राष्ट्र सेविका समिति सहित सभी 32 संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी हिस्सा लेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब देश में कई सामाजिक और जनसांख्यिकीय विषय राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में हैं।
आगे क्या
तीन दिनों की इस बैठक में लिए गए निर्णयों और सुझावों को संबंधित संगठन अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में लागू करेंगे। विशाखापत्तनम में इस बैठक के आयोजन को आंध्र प्रदेश में संघ परिवार की सक्रियता के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।