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मानसून सत्र में सपा उठाएगी राम मंदिर चंदा चोरी, नीट पेपर लीक और महंगाई के मुद्दे: पुष्पेंद्र सरोज

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मानसून सत्र में सपा उठाएगी राम मंदिर चंदा चोरी, नीट पेपर लीक और महंगाई के मुद्दे: पुष्पेंद्र सरोज

सारांश

मानसून सत्र के पहले दिन से ही सपा ने आक्रामक रुख अपनाने का संकेत दे दिया है — राम मंदिर चंदा चोरी के आरोप से लेकर नीट पेपर लीक और सोनम वांगचुक के अनशन तक, विपक्ष सरकार को हर मोर्चे पर घेरने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने कहा कि मानसून सत्र में पार्टी राम मंदिर चंदा चोरी , नीट पेपर लीक और पेट्रोल-डीजल महंगाई के मुद्दे उठाएगी।
सरोज ने आरोप लगाया कि TMC के 20 बागी सांसदों को अपनी ओर खींचने में राम मंदिर ट्रस्ट के धन का कथित इस्तेमाल हुआ — यह उनका व्यक्तिगत आरोप है।
सोनम वांगचुक 20 दिनों से अनशन पर हैं; जंतर-मंतर पर शनिवार को उन्हें हिरासत में लिया गया, अस्पताल में भी अनशन जारी।
सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने माँग की कि संसद में पेश होने वाले हर विधेयक का मसौदा पहले विपक्ष को दिखाया जाए।
सपा ने BJP पर विपक्ष को तोड़कर विपक्षहीन लोकतंत्र स्थापित करने की कोशिश का आरोप लगाया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने 19 जुलाई को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में उनकी पार्टी राम मंदिर चंदा चोरी, नीट पेपर लीक, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें और देशभर में जारी धरनों-प्रदर्शनों जैसे ज्वलंत मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाएगी। सरोज ने कहा कि सपा के सांसद संसद में 'चाय-नाश्ते' के लिए नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ बुलंद करने आए हैं।

मुख्य मुद्दे और सपा की रणनीति

सरोज ने कहा कि इंडिया गठबंधन के वे सांसद जिन्हें 'खरीदा नहीं गया', वे संसद में जनता के सवाल उठाते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि चाहे कितने भी सांसद पाला बदल लें, विपक्ष की आवाज़ कमज़ोर नहीं होगी। सपा के सभी सांसद एकजुट होकर सदन में डटे रहेंगे।

टीएमसी के 20 बागी सांसदों पर सरोज का आरोप

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों को सदन में बैठने की अनुमति मिलने पर सरोज ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले सत्र और इस सत्र के बीच कई विपक्षी सांसदों को कथित तौर पर डरा-धमकाकर और धन का लालच देकर सत्ता पक्ष की ओर खींचा गया। सरोज ने आरोप लगाया कि इस काम में इस्तेमाल हुआ पैसा राम मंदिर ट्रस्ट से लिया गया था — हालाँकि यह उनका व्यक्तिगत आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सोनम वांगचुक का अनशन और लोकतंत्र पर सवाल

सरोज ने सोनम वांगचुक के 20 दिनों से जारी अनशन का उल्लेख करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर शनिवार को वांगचुक को उठाए जाने और छात्रों पर कार्रवाई की घटना लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि अन्ना हज़ारे का आंदोलन 11वें दिन समाप्त हो गया था, लेकिन वांगचुक अस्पताल में भी अनशन जारी रखे हुए हैं। सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने बताया कि वांगचुक की पत्नी अस्पताल की सुविधाओं से असंतुष्ट हैं और उन्हें निजी अस्पताल में स्थानांतरित किए जाने की माँग कर रही हैं।

सरकार पर तानाशाही का आरोप

ऑल पार्टी मीटिंग का संदर्भ देते हुए सरोज ने केंद्र सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की बात सुनने को तैयार नहीं है और केवल अपनी मर्जी से चलना चाहती है। सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) विपक्षहीन लोकतंत्र चाहती है, इसीलिए दलों को तोड़कर सांसदों और विधायकों को अपनी ओर खींचा जा रहा है।

संसदीय प्रक्रिया और पारदर्शिता की माँग

फखरुल हसन चांद ने कहा कि सदन में आने वाले प्रत्येक विधेयक का मसौदा पहले विपक्षी दलों के सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने सदन को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की बताई, लेकिन जोर दिया कि सत्ता पक्ष की जिम्मेदारी अधिक है। राम मंदिर ट्रस्ट के संदर्भ में सरोज ने माँग की कि कोई भी नया ट्रस्ट पूर्ण पारदर्शिता के साथ बने और उसमें आने वाली धनराशि जनसेवा के कार्यों में लगाई जाए। मानसून सत्र में सपा के तेवर यह संकेत देते हैं कि विपक्ष सरकार को घेरने के लिए पूरी तरह तैयार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अभी तक इनकी कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है; इन्हें राजनीतिक बयानबाज़ी और तथ्य के बीच की रेखा पर सावधानी से परखा जाना चाहिए। TMC के 20 बागी सांसदों का मसला दल-बदल विरोधी कानून की सीमाओं की पुरानी बहस को फिर से उठाता है, जिस पर मुख्यधारा की कवरेज अक्सर सतही रहती है। सोनम वांगचुक का 20 दिन का अनशन और जंतर-मंतर पर उनकी हिरासत सरकार की संवाद-शैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मानसून सत्र का असली पैमाना यह होगा कि क्या विपक्ष इन मुद्दों को व्यवधान से आगे ले जाकर ठोस जवाबदेही में बदल पाता है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा मानसून सत्र में कौन-कौन से मुद्दे उठाएगी?
समाजवादी पार्टी मानसून सत्र में राम मंदिर चंदा चोरी, नीट पेपर लीक, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें और देशभर में जारी धरनों-प्रदर्शनों के मुद्दे उठाने की योजना बना रही है। सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने कहा कि पार्टी के सभी सांसद संसद में जनता की आवाज़ बुलंद करेंगे।
पुष्पेंद्र सरोज ने राम मंदिर ट्रस्ट पर क्या आरोप लगाए?
सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों को डरा-धमकाकर और धन का लालच देकर सत्ता पक्ष की ओर खींचा गया, और कथित तौर पर इसमें राम मंदिर ट्रस्ट के धन का इस्तेमाल हुआ। यह उनका व्यक्तिगत राजनीतिक आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सोनम वांगचुक का अनशन कितने दिनों से जारी है और उनकी स्थिति क्या है?
सोनम वांगचुक 20 दिनों से अनशन पर हैं। शनिवार को जंतर-मंतर से उन्हें हिरासत में लेकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वे अस्पताल में भी अनशन जारी रखे हुए हैं। सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद के अनुसार, वांगचुक की पत्नी अस्पताल की सुविधाओं से असंतुष्ट हैं और उन्हें निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की माँग कर रही हैं।
TMC के 20 बागी सांसदों पर सपा का क्या कहना है?
सपा ने TMC के 20 बागी सांसदों को सदन में बैठने की अनुमति मिलने को विपक्ष को कमज़ोर करने की कोशिश बताया है। सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि BJP विपक्षहीन लोकतंत्र चाहती है और इसीलिए दलों को तोड़कर सांसदों को अपनी तरफ लाया जा रहा है।
सपा ने संसदीय प्रक्रिया को लेकर क्या माँग रखी है?
सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने माँग की है कि संसद में पेश होने वाले प्रत्येक विधेयक का मसौदा पहले विपक्षी दलों के सामने रखा जाए। उन्होंने कहा कि सदन को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से सत्ता पक्ष की है और विपक्ष के सवालों से नहीं भागना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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