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मानसून सत्र में विपक्ष का तीखा हमला: राम मंदिर चढ़ावा चोरी, नीट लीक और महंगाई पर सरकार से माँगेगा जवाब

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मानसून सत्र में विपक्ष का तीखा हमला: राम मंदिर चढ़ावा चोरी, नीट लीक और महंगाई पर सरकार से माँगेगा जवाब

सारांश

मानसून सत्र से पहले विपक्ष ने मोर्चा संभाल लिया है — राम मंदिर चढ़ावा चोरी, नीट-यूजी लीक, महंगाई और दलबदल जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी है। कांग्रेस, सपा और सीपीआई-एम की एकजुट आवाज़ बताती है कि यह सत्र सत्तापक्ष के लिए आसान नहीं होगा।

मुख्य बातें

कांग्रेस , समाजवादी पार्टी और सीपीआई-एम समेत विपक्षी दलों ने मानसून सत्र में सरकार को घेरने की घोषणा की।
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी पर मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने PM मोदी को संयुक्त पत्र लिखा।
नीट-यूजी पेपर लीक , छात्रों की आत्महत्या और सोनम वांगचुक को कथित जबरन अस्पताल में भर्ती कराने का मामला भी उठाया जाएगा।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने 2024 के जनादेश और लोकसभा की मौजूदा संरचना में अंतर का हवाला देते हुए दलबदल को प्रमुख मुद्दा बताया।
सांसद कुमारी सैलजा ने पेट्रोल मूल्यवृद्धि और इथेनॉल नीति पर सरकार की जवाबदेही माँगी।

संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने रविवार, 19 जुलाई को स्पष्ट कर दिया कि वे केंद्र सरकार को अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, नीट-यूजी पेपर लीक और बढ़ती महंगाई जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सदन के भीतर घेरेंगे। केंद्र द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद कई दलों के नेताओं ने एकजुट होकर यह संकेत दिया कि यह सत्र सरकार के लिए आसान नहीं रहेगा।

मुख्य मुद्दे जो उठेंगे सदन में

कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने कहा, 'हम निश्चित रूप से कई मुद्दे उठाएंगे। इनमें छात्रों से जुड़े मामले, राम मंदिर में चोरी और बढ़ती महंगाई शामिल हैं। सरकार लोगों की चिंताओं को न तो देखती है और न ही सुनती है। पेट्रोल की कीमतें बढ़ाई गई हैं लेकिन सरकार अपनी नीति के बारे में कुछ नहीं बता रही।' उन्होंने इथेनॉल नीति पर भी सवाल उठाए, कहा कि 'एक्सपर्ट्स कुछ भी समझाने में असमर्थ हैं और इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।'

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सर्वदलीय बैठक के बाद कहा, 'आज देश के सामने कई ऐसे मुद्दे हैं जो सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले बिलों से कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। विपक्ष लगातार माँग करता रहा है कि संसद में इन पर चर्चा हो।' गोगोई ने राम मंदिर चढ़ावा मामले में सरकार से 'संवेदनशीलता' दिखाने की अपील की। गौरतलब है कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त पत्र भी लिखा है।

दलबदल और जनादेश पर कांग्रेस का सवाल

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि वे विभिन्न विपक्षी दलों में हो रहे दलबदल की ओर भी केंद्र का ध्यान आकर्षित करेंगे। उन्होंने कहा, 'मूल मुद्दा यह है कि 2024 में लोगों द्वारा दिया गया जनादेश और लोकसभा की वर्तमान संरचना बहुत अलग है। यह दलबदल किसी वैचारिक मतभेद या नीतिगत असहमति के कारण नहीं, बल्कि केवल अवसरवाद के कारण हुआ है।' तिवारी ने जोर देकर कहा कि संसद को सबसे पहले इस दलबदल को रोकने के उपायों पर चर्चा करनी चाहिए।

सपा और वामपंथी दलों की माँगें

समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा, 'राम मंदिर के निर्माण के दौरान फंड और दान की चोरी का मामला धोखाधड़ी और विश्वासघात का है, जिसने सनातनियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।' उन्होंने नीट-यूजी पेपर लीक, छात्रों की आत्महत्या और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को कथित तौर पर उनकी इच्छा के विरुद्ध अस्पताल में भर्ती कराने के मामले को भी प्रमुख मुद्दा बताया।

सीपीआई-एम नेता हन्नान मोल्लाह ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि 'राम मंदिर और कई अन्य मंदिरों से पैसे लूटे जा रहे हैं।' उन्होंने सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया। यह आरोप कथित तौर पर उनकी व्यक्तिगत राय के रूप में सामने आए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

आगे क्या होगा

मानसून सत्र में विपक्ष की एकजुटता और मुद्दों की विविधता यह संकेत देती है कि सदन में तीखी बहस अपरिहार्य है। सरकार की ओर से अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या स्पीकर इन मुद्दों पर चर्चा की अनुमति देते हैं और सरकार किस रणनीति के साथ सदन में उतरती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए इस पर सरकार का मौन खुद एक राजनीतिक संदेश है। नीट-यूजी लीक पर सुप्रीम न्यायालय पहले से संज्ञान ले चुका है, ऐसे में संसदीय बहस की माँग तार्किक है। दलबदल का मुद्दा सबसे पेचीदा है — क्योंकि इस पर कानूनी सुधार के लिए सत्तापक्ष की सहमति अनिवार्य है, जो फिलहाल असंभव दिखती है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संसद के मानसून सत्र में विपक्ष कौन-से मुद्दे उठाएगा?
विपक्ष मुख्य रूप से अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, नीट-यूजी पेपर लीक, बढ़ती महंगाई, पेट्रोल मूल्यवृद्धि और सोनम वांगचुक को कथित जबरन अस्पताल में भर्ती कराने के मामले उठाएगा। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने दलबदल को भी प्रमुख मुद्दा बताया है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद क्या है?
अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का आरोप विपक्षी दलों ने लगाया है। इस मामले पर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त पत्र लिखकर जवाब माँगा है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
नीट-यूजी पेपर लीक मामले में विपक्ष की माँग क्या है?
विपक्षी दल चाहते हैं कि नीट-यूजी पेपर लीक मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा हो और सरकार जवाबदेह बने। समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने इस मामले को छात्रों की आत्महत्या से भी जोड़ा है।
सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराने का विवाद क्या है?
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को कथित तौर पर उनकी इच्छा के विरुद्ध अस्पताल में भर्ती कराया गया, ऐसा विपक्षी नेताओं का आरोप है। यह मामला मानसून सत्र में उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों में शामिल है।
मनीष तिवारी ने दलबदल को मुद्दा क्यों बनाया?
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में मिले जनादेश और सदन की मौजूदा संरचना में बड़ा अंतर है, जो अवसरवादी दलबदल के कारण है। उनका तर्क है कि यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती है और संसद को इसे प्राथमिकता से संबोधित करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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