मानसून सत्र में विपक्ष का तीखा हमला: राम मंदिर चढ़ावा चोरी, नीट लीक और महंगाई पर सरकार से माँगेगा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने रविवार, 19 जुलाई को स्पष्ट कर दिया कि वे केंद्र सरकार को अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, नीट-यूजी पेपर लीक और बढ़ती महंगाई जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सदन के भीतर घेरेंगे। केंद्र द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद कई दलों के नेताओं ने एकजुट होकर यह संकेत दिया कि यह सत्र सरकार के लिए आसान नहीं रहेगा।
मुख्य मुद्दे जो उठेंगे सदन में
कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने कहा, 'हम निश्चित रूप से कई मुद्दे उठाएंगे। इनमें छात्रों से जुड़े मामले, राम मंदिर में चोरी और बढ़ती महंगाई शामिल हैं। सरकार लोगों की चिंताओं को न तो देखती है और न ही सुनती है। पेट्रोल की कीमतें बढ़ाई गई हैं लेकिन सरकार अपनी नीति के बारे में कुछ नहीं बता रही।' उन्होंने इथेनॉल नीति पर भी सवाल उठाए, कहा कि 'एक्सपर्ट्स कुछ भी समझाने में असमर्थ हैं और इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।'
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सर्वदलीय बैठक के बाद कहा, 'आज देश के सामने कई ऐसे मुद्दे हैं जो सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले बिलों से कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। विपक्ष लगातार माँग करता रहा है कि संसद में इन पर चर्चा हो।' गोगोई ने राम मंदिर चढ़ावा मामले में सरकार से 'संवेदनशीलता' दिखाने की अपील की। गौरतलब है कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त पत्र भी लिखा है।
दलबदल और जनादेश पर कांग्रेस का सवाल
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि वे विभिन्न विपक्षी दलों में हो रहे दलबदल की ओर भी केंद्र का ध्यान आकर्षित करेंगे। उन्होंने कहा, 'मूल मुद्दा यह है कि 2024 में लोगों द्वारा दिया गया जनादेश और लोकसभा की वर्तमान संरचना बहुत अलग है। यह दलबदल किसी वैचारिक मतभेद या नीतिगत असहमति के कारण नहीं, बल्कि केवल अवसरवाद के कारण हुआ है।' तिवारी ने जोर देकर कहा कि संसद को सबसे पहले इस दलबदल को रोकने के उपायों पर चर्चा करनी चाहिए।
सपा और वामपंथी दलों की माँगें
समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा, 'राम मंदिर के निर्माण के दौरान फंड और दान की चोरी का मामला धोखाधड़ी और विश्वासघात का है, जिसने सनातनियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।' उन्होंने नीट-यूजी पेपर लीक, छात्रों की आत्महत्या और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को कथित तौर पर उनकी इच्छा के विरुद्ध अस्पताल में भर्ती कराने के मामले को भी प्रमुख मुद्दा बताया।
सीपीआई-एम नेता हन्नान मोल्लाह ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि 'राम मंदिर और कई अन्य मंदिरों से पैसे लूटे जा रहे हैं।' उन्होंने सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया। यह आरोप कथित तौर पर उनकी व्यक्तिगत राय के रूप में सामने आए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आगे क्या होगा
मानसून सत्र में विपक्ष की एकजुटता और मुद्दों की विविधता यह संकेत देती है कि सदन में तीखी बहस अपरिहार्य है। सरकार की ओर से अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या स्पीकर इन मुद्दों पर चर्चा की अनुमति देते हैं और सरकार किस रणनीति के साथ सदन में उतरती है।