मानसून सत्र में विपक्ष का हमला: NEET लीक, बेरोज़गारी और राम मंदिर चढ़ावे पर सरकार से जवाब तलब
सारांश
मुख्य बातें
संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार, 20 जुलाई को विपक्षी दलों ने नई दिल्ली में एकजुट होकर केंद्र सरकार को घेरा — मुद्दे थे NEET परीक्षा में कथित अनियमितताएँ, प्रश्न-पत्र लीक, युवा बेरोज़गारी, किसानों की दुर्दशा और अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी। विपक्षी नेताओं का आरोप था कि सरकार जनता की पीड़ा सुनने को तैयार नहीं है। वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार छात्रों के हितों के प्रति संवेदनशील है और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
डिंपल यादव: 'युवा और किसान दोनों उपेक्षित'
समाजवादी पार्टी (SP) की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि देशभर में किसान, युवा और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर लोग परेशान हैं, लेकिन सरकार किसी की बात सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र केवल निष्पक्ष परीक्षा चाहते हैं और उनकी माँगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
यादव ने कहा कि देश की स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है — युवा अपनी बात रखना चाहते हैं, लेकिन सरकार संवाद से बच रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि समाजवादी पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है और संसद में उनकी आवाज़ उठाती रहेगी।
मनोज कुमार झा और पप्पू यादव की तीखी प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज कुमार झा ने परिसीमन प्रक्रिया पर पारदर्शिता की माँग करते हुए कहा कि पहले इसका मसौदा सार्वजनिक होना चाहिए। उनका कहना था कि केवल आँकड़े जुटाने के अभियान से लोकतंत्र सुरक्षित नहीं रहता।
सांसद पप्पू यादव ने प्रश्न-पत्र लीक मामले पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब परीक्षाएँ बार-बार लीक हों और स्थगित हों, तो देश के बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ जाता है। उनके अनुसार, युवा न तो समय पर नौकरी हासिल कर पा रहे हैं और न ही परीक्षा प्रणाली पर भरोसा रख पा रहे हैं। पप्पू यादव ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे का भी जिक्र करते हुए कहा कि जिस मुद्दे को लेकर सरकार सत्ता में आई, उससे जुड़े मामलों पर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
कांग्रेस की माँग: पहले जवाब, फिर विधायी कार्य
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि देश गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है। उन्होंने NEET परीक्षा और राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सरकार से सीधे जवाब माँगे और कहा कि जब तक इन मुद्दों पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक अन्य विधायी कार्यों पर चर्चा उचित नहीं।
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने संसद के बाहर कहा कि देश में बदलाव की भावना दिखाई दे रही है और लोकतंत्र मजबूत बना हुआ है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले सत्र में कई अहम मुद्दों पर गहरी चर्चा होगी।
TMC की माँग: PM और गृह मंत्री दें NEET पर जवाब
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ माजी ने स्पष्ट किया कि इंडी अलाइंस परिसीमन या महिला आरक्षण विधेयक के विरुद्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि TMC ने महिला आरक्षण विधेयक का पहले ही समर्थन किया था, लेकिन इसे लागू करने में देरी हुई। माजी ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोपों को बड़ा मुद्दा बताते हुए संसद में चर्चा की माँग की।
TMC सांसद सागरिका घोष ने माँग की कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री NEET परीक्षा के मुद्दे पर सदन में जवाब दें। उन्होंने कहा कि देश के सामने नीट परीक्षा, कथित चंदा धोखाधड़ी और राजनीतिक दलों से जुड़े कई गंभीर मुद्दे हैं, और विपक्ष एकजुट होकर इन्हें सदन में उठाता रहेगा।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब NEET विवाद पहले से ही देशभर में छात्र आंदोलनों की वजह बना हुआ है। मानसून सत्र के शेष दिनों में इन मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक जारी रहने की संभावना है। गौरतलब है कि परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे विषय भी एजेंडे पर हैं, जो सत्र को और अधिक राजनीतिक रूप से संवेदनशील बनाते हैं।