राम मंदिर CEO के सुझाव माने जाएंगे: नृपेंद्र मिश्रा, 15 नवंबर तक पूरा होगा शेष निर्माण
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के निर्माण कार्यों की प्रगति पर बड़ा अपडेट सामने आया है। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने 17 अक्टूबर 2026 को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जीतेंद्र मिश्रा द्वारा निर्माण समीक्षा बैठक में दिए गए सभी सुझावों को स्वीकार कर लिया गया है और उनका पालन किया जाएगा। विशेष रूप से निर्माण एजेंसियों को किए गए अग्रिम भुगतानों के समय पर उपयोग संबंधी सुझाव पर तत्काल ध्यान दिए जाने की बात कही गई है।
समीक्षा बैठक और CEO की भूमिका
नृपेंद्र मिश्रा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस विशेष कार्य के लिए सीईओ जीतेंद्र मिश्रा से अलग से कोई चर्चा नहीं की थी। हालांकि, सीईओ समीक्षा बैठक में उपस्थित थे और उन्हें निर्माण संबंधी सभी विषयों की जानकारी दी गई थी। बैठक के दौरान उनके सुझावों पर विधिवत विचार किया गया।
अग्रिम भुगतानों के मसले पर राजकीय निर्माण निगम सहित अन्य निर्माण संस्थाओं का उल्लेख करते हुए नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि सीईओ ने सुझाव दिया था कि अग्रिम धनराशि का उपयोग समय पर होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी एजेंसी द्वारा प्राप्त राशि का पूर्ण उपयोग नहीं हुआ, तो उस पर अर्जित ब्याज राम मंदिर ट्रस्ट को वापस किया जाना चाहिए।
निर्माण की मौजूदा स्थिति
समिति अध्यक्ष ने बताया कि मंदिर परिसर में कुल 150 निर्माण कार्यों में से 148 पूरे हो चुके हैं और ट्रस्ट को सौंपे जा चुके हैं। शेष कार्य 15 नवंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। मंदिर की बाहरी संरचना यानी परकोटा का निर्माण कार्य अभी भी सौंपा जाना बाकी है, जो प्रमुख लंबित कार्यों में से एक है।
निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सँभाल रही कंपनी लार्सन एंड टुब्रो को सभी संबंधित रेखाचित्र, डिज़ाइन दस्तावेज़ और वित्तीय अभिलेखों सहित पूर्ण परियोजनाएँ ट्रस्ट को सौंपनी हैं। ट्रस्ट के परियोजना इंजीनियर प्रत्येक कार्य का निरीक्षण करने के बाद ही उसे अंतिम मंजूरी देते हैं, जिससे गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित होता है।
अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय का निरीक्षण
इसी क्रम में नृपेंद्र मिश्रा ने शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय का निरीक्षण किया। यह संग्रहालय श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है और इसमें भगवान राम के जीवन को दर्शाने वाली 20 गैलरी होंगी। यह संग्रहालय परिसर को एक वैश्विक धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आगे की राह
गौरतलब है कि यह अपडेट ऐसे समय आया है जब परिसर में शेष बुनियादी ढाँचे, अंतिम रूप देने और प्रकाश व्यवस्था पर काम जारी है। 15 नवंबर 2026 की अंतिम तिथि को ध्यान में रखते हुए निर्माण एजेंसियाँ अपने-अपने कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने में जुटी हैं। वित्तीय पारदर्शिता और समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे ये कदम ट्रस्ट की जवाबदेही को रेखांकित करते हैं।