16 अक्टूबर 2026
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राम मंदिर का शेष निर्माण 15 नवंबर तक पूरा होगा: नृपेंद्र मिश्र, 148/150 कार्य सौंपे गए

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राम मंदिर का शेष निर्माण 15 नवंबर तक पूरा होगा: नृपेंद्र मिश्र, 148/150 कार्य सौंपे गए

सारांश

राम मंदिर परिसर का निर्माण अब अंतिम चरण में है — 150 में से 148 कार्य पूरे होकर ट्रस्ट को सौंपे जा चुके हैं। परकोटे की छत पर वाटर ट्रीटमेंट और लाइटिंग का शेष काम 15 नवंबर तक पूरा होगा। अयोध्या में लगातार बारिश से गति थोड़ी धीमी हुई, लेकिन समिति अध्यक्ष ने डेडलाइन पर भरोसा जताया।

मुख्य बातें

नृपेंद्र मिश्र ने 16 अक्टूबर 2026 को बताया कि राम मंदिर परिसर का शेष निर्माण 15 नवंबर 2026 तक पूरा होगा।
परिसर के 150 निर्माण कार्यों में से 148 पूरे होकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपे जा चुके हैं।
केवल परकोटे पर वाटर ट्रीटमेंट और मंदिर-परकोटे की लाइटिंग का काम शेष है।
अयोध्या में पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश ने निर्माण गति प्रभावित की।
माधवाचार्य गेट का 80% कार्य पूरा; शहीद स्मारक का निर्माण संपन्न, केवल लैंडस्केपिंग शेष।
निर्माण कंपनी एल एंड टी को प्रत्येक परियोजना के साथ ड्राइंग, डिज़ाइन और वित्तीय दस्तावेज़ भी सौंपने थे।

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने 16 अक्टूबर 2026 को अयोध्या में पत्रकारों को बताया कि श्रीराम मंदिर परिसर का लगभग संपूर्ण निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और जो शेष बचा है, वह 15 नवंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। परिसर में कुल 150 निर्माण कार्यों में से 148 को पूरा कर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिया गया है।

निर्माण की मौजूदा स्थिति

मिश्र ने बताया कि परिसर के भीतर 150 निर्माण कार्यों में से 148 पूरे होकर ट्रस्ट को हस्तांतरित किए जा चुके हैं। अब केवल 'परकोटा' — अर्थात मंदिर की बाहरी घेराबंदी वाली संरचना — का मुख्य निर्माण कार्य सौंपा जाना शेष है। इसके अतिरिक्त मंदिर एवं परकोटा में लाइटिंग का काम भी प्रगति पर है, जो 15 नवंबर तक पूरा होना निर्धारित है।

देरी का कारण

मिश्र के अनुसार परकोटा की छत पर वाटर ट्रीटमेंट का काम अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों से अयोध्या में हो रही लगातार बारिश के कारण निर्माण की गति प्रभावित हुई है, जिससे इस कार्य में देरी आई। हालाँकि उन्होंने भरोसा जताया कि मौसम सुधरते ही बचा हुआ काम शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।

एल एंड टी द्वारा हस्तांतरण प्रक्रिया

निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सँभालने वाली कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (एल एंड टी) को पूरे हो चुके प्रोजेक्ट ट्रस्ट को सौंपने के साथ-साथ संबंधित रिकॉर्ड, ड्राइंग, डिज़ाइन और वित्तीय दस्तावेज़ भी सुपुर्द करने थे। ट्रस्ट के प्रोजेक्ट इंजीनियर प्रत्येक कार्य का निरीक्षण करते हैं और उसके उपरांत ही हस्तांतरण की मंजूरी दी जाती है। यह प्रक्रिया पारदर्शिता और गुणवत्ता-सत्यापन सुनिश्चित करती है।

अन्य परियोजनाओं की स्थिति

मिश्र ने अयोध्या में जारी अन्य विकास कार्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 'शहीद स्मारक' का निर्माण पूरा हो चुका है और उन्होंने स्वयं गुरुवार को वहाँ जाकर निरीक्षण किया। अब वहाँ केवल बागवानी और लैंडस्केपिंग से जुड़े छोटे कार्य शेष हैं। वहीं माधवाचार्य गेट का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि कुछ राजकीय निर्माण निगम के ठेकेदारों की कार्यगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही। मिश्र ने बताया कि इन कठिनाइयों का जायज़ा लेने के लिए वे स्वयं जाएँगे। स्तंभ के लोकार्पण की तिथि ट्रस्ट द्वारा निर्धारित की जाएगी।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह जानकारी ऐसे समय में आई है जब राम मंदिर परिसर में बुनियादी ढाँचे, फिनिशिंग और लाइटिंग के अंतिम चरण के काम जारी हैं। 15 नवंबर 2026 की समय-सीमा को निर्माण समिति ने सभी लंबित कार्यों की अंतिम डेडलाइन के रूप में निर्धारित किया है। यह पूर्णता न केवल तकनीकी बल्कि धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण होगी, क्योंकि देशभर से श्रद्धालुओं की आमद लगातार बढ़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'परकोटा' की अनिश्चितता यह याद दिलाती है कि बड़े धार्मिक-राजनीतिक महत्त्व वाले प्रकल्पों में अंतिम चरण की देरी अक्सर सबसे अधिक सुर्खियाँ पाती है। बारिश को विलंब का कारण बताना तकनीकी रूप से सही हो सकता है, लेकिन ट्रस्ट को यह सुनिश्चित करना होगा कि माधवाचार्य गेट जैसी परियोजनाओं पर ठेकेदारों की सुस्त गति के लिए जवाबदेही तय हो। 15 नवंबर की डेडलाइन न केवल निर्माणात्मक बल्कि प्रतीकात्मक रूप से भी अहम है — यह देखना होगा कि क्या यह समय-सीमा पहले की तरह आगे खिसकती है या इस बार वास्तव में परिसर अपने पूर्ण स्वरूप में खुलता है।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर का निर्माण कब तक पूरा होगा?
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के अनुसार परिसर का शेष बचा निर्माण कार्य 15 नवंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। 150 में से 148 कार्य पहले ही ट्रस्ट को सौंपे जा चुके हैं।
राम मंदिर परिसर में अभी क्या काम बाकी है?
परिसर में मुख्यतः 'परकोटा' (बाहरी घेराबंदी संरचना) पर वाटर ट्रीटमेंट और मंदिर एवं परकोटे में लाइटिंग का कार्य शेष है। ये दोनों काम 15 नवंबर 2026 तक पूरे किए जाने का लक्ष्य है।
राम मंदिर निर्माण में देरी क्यों हुई?
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि अयोध्या में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण परकोटे की छत पर वाटर ट्रीटमेंट का काम धीमा पड़ गया। इसके अलावा माधवाचार्य गेट पर कुछ ठेकेदारों की कार्यगति भी अपेक्षित नहीं रही।
राम मंदिर का निर्माण किस कंपनी ने किया है?
राम मंदिर परिसर का निर्माण कार्य लार्सन एंड टुब्रो (एल एंड टी) कंपनी को सौंपा गया था। कंपनी को पूरी हुई परियोजनाओं के साथ ड्राइंग, डिज़ाइन और वित्तीय दस्तावेज़ भी ट्रस्ट को सुपुर्द करने होते हैं, जिनकी जाँच ट्रस्ट के प्रोजेक्ट इंजीनियर करते हैं।
अयोध्या में राम मंदिर के अलावा कौन-सी परियोजनाएँ पूरी हुई हैं?
नृपेंद्र मिश्र के अनुसार 'शहीद स्मारक' का निर्माण पूरा हो चुका है और केवल बागवानी व लैंडस्केपिंग के छोटे काम शेष हैं। 'माधवाचार्य गेट' का 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और स्तंभ के लोकार्पण की तिथि ट्रस्ट द्वारा तय की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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