राम मंदिर निर्माण: सीईओ जीतेंद्र मिश्रा के सुझाव मान्य, 15 नवंबर तक पूरा होगा शेष कार्य
सारांश
मुख्य बातें
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने 17 अक्टूबर को स्पष्ट किया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जीतेंद्र मिश्रा द्वारा निर्माण समीक्षा बैठक में दिए गए सुझावों को पूरी तरह लागू किया जाएगा। विशेष रूप से निर्माण एजेंसियों को किए गए अग्रिम भुगतानों के समय पर उपयोग से संबंधित सिफारिशों पर तत्काल ध्यान दिया जाएगा। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अयोध्या में राम मंदिर परिसर के 150 में से 148 निर्माण कार्य पूरे होकर ट्रस्ट को सौंपे जा चुके हैं।
समीक्षा बैठक में क्या हुआ
पत्रकारों से बातचीत में नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि सीईओ जीतेंद्र मिश्रा इस विशेष निर्माण समीक्षा बैठक में उपस्थित थे और उन्हें चर्चा किए गए सभी निर्माण संबंधी विषयों की पूरी जानकारी दी गई थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सीईओ से इस विषय पर कोई अलग से बातचीत नहीं हुई थी — सभी सुझाव बैठक के भीतर ही सामने आए।
समिति अध्यक्ष ने कहा कि सीईओ के सुझावों पर बैठक में विधिवत विचार किया गया और उन्हें सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया।
अग्रिम भुगतान और ब्याज वापसी का मुद्दा
राजकीय निर्माण निगम सहित अन्य एजेंसियों को किए गए अग्रिम भुगतानों का उल्लेख करते हुए नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि सीईओ जीतेंद्र मिश्रा ने दो अहम सिफारिशें रखीं — पहली, अग्रिम राशि का समय पर उपयोग सुनिश्चित किया जाए; और दूसरी, यदि किसी एजेंसी ने धनराशि का पूर्ण उपयोग नहीं किया, तो उस अवधि में अर्जित ब्याज राम मंदिर ट्रस्ट को वापस किया जाए।
गौरतलब है कि बड़े बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में अग्रिम भुगतान का अनुपयोग एक सामान्य वित्तीय चुनौती रही है, और इस सुझाव को लागू करना ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
निर्माण की मौजूदा स्थिति
इससे पहले शुक्रवार को दिए गए एक अपडेट में नृपेंद्र मिश्रा ने बताया था कि मंदिर परिसर में कुल 150 निर्माण कार्यों में से 148 पूरे होकर ट्रस्ट को सौंपे जा चुके हैं। शेष कार्य — जिनमें मंदिर की बाहरी परिधि संरचना परकोटा प्रमुख है — 15 नवंबर तक पूर्ण होने की उम्मीद है।
निर्माण की ज़िम्मेदारी संभाल रही कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) को प्रत्येक परियोजना के साथ संबंधित रिकॉर्ड, रेखाचित्र, डिज़ाइन और वित्तीय दस्तावेज़ ट्रस्ट को सौंपने हैं। ट्रस्ट के परियोजना इंजीनियर निरीक्षण के बाद ही किसी कार्य को औपचारिक रूप से स्वीकार करते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय का निरीक्षण
शनिवार को नृपेंद्र मिश्रा ने अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय का निरीक्षण किया, जो राम मंदिर ट्रस्ट के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है। इस संग्रहालय में भगवान राम के जीवन को दर्शाने वाली 20 गैलरी होंगी, जो इसे एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बनाएंगी।
यह संग्रहालय अयोध्या को एक अंतरराष्ट्रीय तीर्थ और पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। परिसर में अभी भी बुनियादी ढाँचे, प्रकाश व्यवस्था और अंतिम सज्जा कार्य प्रगति पर हैं।
आगे क्या होगा
15 नवंबर 2024 की अंतिम तिथि के साथ, राम मंदिर परिसर का निर्माण अपने समापन चरण में है। परकोटा और शेष बुनियादी ढाँचे के पूरा होने के बाद ट्रस्ट परिसर के संचालन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करेगा। वित्तीय अनुशासन और समय पर परियोजना हस्तांतरण सुनिश्चित करने के लिए सीईओ के सुझावों का क्रियान्वयन इस अंतिम चरण की कुंजी माना जा रहा है।