राम मंदिर ट्रस्ट की अयोध्या में अहम बैठक: पहले सीईओ की नियुक्ति पर आज फैसले की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 2 सितंबर को अयोध्या के मणिराम दास छावनी में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। यह बैठक दो सत्रों में संपन्न होगी और इसमें ट्रस्ट की प्रबंधन, निर्माण, वित्त तथा धार्मिक समितियों के पुनर्गठन पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।
सर्च कमेटी की सिफारिश और चयन प्रक्रिया
यह बैठक एक तीन सदस्यीय सर्च कमेटी द्वारा सीईओ पद के लिए तीन नामों की सिफारिश किए जाने के ठीक एक दिन बाद हो रही है। इस समिति में लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी (सेवानिवृत्त), पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे और पूर्व न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली शामिल थे। समिति ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपी।
पूर्व न्यायमूर्ति कोहली ने चयन प्रक्रिया का विस्तृत विवरण साझा किया। उनके अनुसार, 11 से 18 जुलाई के बीच कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए। 19 जुलाई को एक बैठक में 600 अंकों का एक गूगल फॉर्म तैयार कर सभी आवेदकों को भेजा गया, जिनमें से 3,570 उम्मीदवारों ने उत्तर दिया।
जिन उम्मीदवारों ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए, उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए विचार में लिया गया। इसके बाद 600 में से 470 या अधिक अंक पाने वाले 108 उम्मीदवारों से चार दिनों तक वर्चुअल बातचीत की गई। अंततः 17 उम्मीदवारों को अयोध्या धाम में आमने-सामने साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया गया, जिनमें से 16 उपस्थित हुए।
पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर
पूर्व न्यायमूर्ति कोहली ने कहा, 'यह एक ऐसा काम है जिसमें पारदर्शिता और निष्पक्षता की बहुत ज्यादा जरूरत है।' उन्होंने बताया कि तीन अंतिम नामों की सिफारिश उम्मीदवारों की सोच, मुद्दों की समझ और भगवान राम के प्रति उनके समर्पण के आधार पर की गई है। समिति के सदस्यों ने इस अवसर के लिए स्वयं को सौभाग्यशाली बताया।
ट्रस्ट कोषाध्यक्ष की प्रतिक्रिया
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने सर्च कमेटी के सदस्यों को उनके अथक प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया। जब उनसे पूछा गया कि क्या बैठक के बाद सीईओ के नाम की घोषणा होगी, तो उन्होंने कहा कि यह मंदिर समिति के फैसले पर निर्भर करेगा। गौरतलब है कि ट्रस्ट बड़े प्रशासनिक और नेतृत्व संबंधी बदलावों की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
आगे क्या होगा
बैठक में ट्रस्टी-स्तर के अन्य पदों पर भी चर्चा होने की संभावना है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब राम मंदिर के प्रशासनिक ढाँचे को अधिक संस्थागत और पेशेवर रूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। सीईओ की नियुक्ति मंदिर प्रबंधन में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है, और इस पद पर जो भी नियुक्त होगा, उस पर करोड़ों श्रद्धालुओं की निगाहें होंगी।