राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ पद पर 5,200 आवेदन, चार सप्ताह में पूरा होगा चयन
सारांश
मुख्य बातें
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पद के लिए 5,200 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, और 22 जुलाई को अयोध्या स्थित मंदिर परिसर में आयोजित विशेष बैठक के बाद ट्रस्ट अधिकारियों ने घोषणा की कि चयन प्रक्रिया चार सप्ताह के भीतर पूरी कर ली जाएगी। यह राम मंदिर के इतिहास में पहली बार है जब किसी सीईओ की नियुक्ति की जा रही है।
बैठक में क्या हुए निर्णय
बुधवार की विशेष बैठक में तीन प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ — नए महासचिव की नियुक्ति, तीन रिक्त न्यासी पदों को भरना, और राम मंदिर के पहले सीईओ के चयन को अंतिम रूप देना। ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने पत्रकारों को बताया कि आवेदनों की भारी संख्या को देखते हुए बोर्ड ने चयन की समय-सीमा एक महीने तक बढ़ाने का निर्णय किया है।
धार्मिक समिति का पुनर्गठन
राम मंदिर के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि मंदिर की धार्मिक व्यवस्थाओं और अनुष्ठानों का पूर्णतया पालन सुनिश्चित करने के लिए नौ सदस्यीय धार्मिक समिति का पुनर्गठन किया गया है। इस समिति में अयोध्या के संत समुदाय के पाँच सदस्य और अन्य मंदिर ट्रस्टों के चार सदस्य होंगे।
गोविंद देव गिरि ने स्पष्ट किया कि यह समिति सुनिश्चित करेगी कि राम मंदिर में दैनिक अनुष्ठान वैदिक रामानंदी परंपराओं के अनुरूप संपन्न हों। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या के पाँच संत राम मंदिर की उचित सेवा और धार्मिक कर्तव्यों के निर्वहन की निगरानी करेंगे।
पुजारी प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना
बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया — ट्रस्ट द्वारा प्रमाणित एक स्थायी पुजारी प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया जाएगा। गोविंद देव गिरि के अनुसार, यह संस्थान मंदिर परिसर के 14 मंदिरों के लिए प्रशिक्षित पुजारी तैयार करेगा और विश्वभर के पुजारियों को धार्मिक अनुष्ठानों का प्रशिक्षण देगा।
दान विवाद और भक्तों की आस्था
कथित दान गबन विवाद की पृष्ठभूमि में हुई इस बैठक में ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि दान गणना प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर अभी कोई टिप्पणी संभव नहीं है, क्योंकि मामले की जाँच कर रही विशेष जाँच टीम (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने जोर देकर कहा कि इस विवाद के बावजूद मंदिर में भक्तों की भीड़ पहले की तरह स्थिर बनी हुई है और श्रद्धालुओं की आस्था अडिग है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब ट्रस्ट प्रशासनिक और धार्मिक दोनों मोर्चों पर अपनी संरचना को मज़बूत करने में जुटा है। सीईओ की नियुक्ति के बाद राम मंदिर के प्रशासन में एक पेशेवर कार्यकारी ढाँचा स्थापित होगा, जो तीर्थ क्षेत्र के दीर्घकालिक प्रबंधन को और सुदृढ़ करेगा।