जदयू पर नीतीश कुमार का नियंत्रण खत्म — विधानसभा चुनाव हुए तो 10 सीटें भी मुश्किल: छोटू सिंह
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल यूनाइटेड (JDU) के पूर्व प्रदेश महासचिव छोटू सिंह ने 3 नवंबर 2026 को पटना में पार्टी के नेतृत्व और संगठनात्मक स्थिति पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जदयू पर पूर्ववत नियंत्रण नहीं रह गया है और कुछ अंदरूनी तत्व पार्टी को जानबूझकर कमज़ोर कर रहे हैं। छोटू सिंह ने यहाँ तक कहा कि यदि अभी विधानसभा चुनाव हो जाएँ, तो जदयू को 10 सीटें मिलना भी मुश्किल होगा।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
छोटू सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने जदयू को शून्य से शिखर तक पहुँचाया, लेकिन अब कुछ लोग पार्टी को फिर शून्य पर लाने की कोशिश में लगे हैं। उन्होंने विधान परिषद (MLC) चुनाव में वरिष्ठ नेताओं के प्रभाव वाले क्षेत्रों में उम्मीदवारों की जमानत जब्त होने का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी के भीतर दिखावटी ताकत और ज़मीनी हकीकत में भारी फ़र्क आ गया है। उन्होंने स्नातक चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि पहले नीतीश कुमार को प्रचार करने की ज़रूरत नहीं पड़ती थी, क्योंकि विकास कार्यों के बल पर लोग पार्टी को समर्थन देते थे — लेकिन अब वह स्थिति नहीं रही।
वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार करने का मुद्दा
छोटू सिंह ने सवाल उठाया कि यदि नीतीश कुमार की वास्तविक इच्छाशक्ति काम कर रही होती, तो श्याम रजक, नरेंद्र नारायण यादव, महेश्वर हजारी और कुशवाहा समाज के वरिष्ठ नेता मंत्रिमंडल में होते। उन्होंने पूछा कि आखिर पार्टी में किसका प्रभाव चल रहा है। उनके अनुसार, पिछले दो वर्षों में नीतीश कुमार की राजनीतिक सक्रियता में जो बदलाव आया है, वह सबके सामने है।
उन्होंने अनंत सिंह और आनंद मोहन को पार्टी से बाहर किए जाने पर भी आपत्ति जताई। उनके अनुसार, अनंत सिंह ने सरकार के समर्थन में काम किया और आलोचनाएँ भी झेलीं, फिर भी उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अनंत सिंह के परिवार को मकान खाली करने के लिए महज 15-20 दिन का समय दिया गया, जिसे उन्होंने अनुचित बताया। हालाँकि उन्होंने इसके लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) या सम्राट चौधरी को जिम्मेदार नहीं ठहराया, बल्कि जदयू के भीतर के कुछ लोगों को ही दोषी माना।
बांकीपुर सीट और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल
बांकीपुर सीट का ज़िक्र करते हुए छोटू सिंह ने चुनावी नतीजों और मतगणना की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले परिणाम जल्दी आ जाते थे, जबकि अब तीन-तीन दिन बाद नतीजे सामने आ रहे हैं। दो निर्दलीय उम्मीदवारों के जीतकर BJP में शामिल होने के प्रसंग पर उन्होंने कहा कि राजनीति में जैसा किया जाता है, वैसा जवाब मिलता है — पहले जदयू ने भी भाजपा से आए लोगों को अपने साथ जोड़ा था।
लालू प्रसाद यादव से मुलाकात और अगला कदम
छोटू सिंह ने बताया कि वह राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव से अगले दिन मुलाकात करने जा रहे हैं। उन्होंने लालू यादव को अपना 'अभिभावक' बताते हुए कहा कि लालू ने उन्हें राजनीतिक जमीन से आगे बढ़ने का अवसर दिया। हालाँकि, RJD में शामिल होने की संभावना पर उन्होंने कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की। उन्होंने कहा कि 'राजनीति में कौन कहाँ जाएगा, यह परिस्थितियों पर निर्भर करता है — जहाँ सम्मान मिलेगा, वहाँ कोई भी जा सकता है।'
जदयू के भविष्य पर चेतावनी
अपनी बात समाप्त करते हुए छोटू सिंह ने कहा कि आज उनकी आँखों में आँसू हैं, क्योंकि पार्टी चार में से एक सीट भी नहीं जीत सकी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नीतीश कुमार को घेरने वालों पर रोक नहीं लगाई गई, तो आगामी विधानसभा चुनाव में जदयू को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में अगले विधानसभा चुनाव की रणनीतिक तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं।