जदयू कार्यकर्ता ने नीतीश कुमार के समर्थन में भूख हड़ताल की, बोले- 'मैं उन्हें बिहार से जाने नहीं दूंगा'
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार की लोकप्रियता: उन्होंने बिहार में कई सकारात्मक बदलाव किए हैं।
- समर्थकों की भावनाएं: समर्थक उन्हें बिहार में बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
- राजनीतिक बदलाव: यह घटना बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है।
पटना, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नीतीश कुमार राष्ट्रीय राजनीति में वापसी की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना होगा। इस निर्णय से सत्ताधारी पार्टी जदयू के कार्यकर्ता नाखुश दिखाई दे रहे हैं। एक समर्थक ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर भूख हड़ताल शुरू कर दी है, जिसमें वह नीतीश कुमार से आग्रह कर रहे हैं कि वह बिहार के मुख्यमंत्री बने रहें।
जदयू कार्यकर्ता अमरेंद्र दास त्रिलोकी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "नीतीश कुमार के केंद्र में जाने की खबर सुनकर हमें बहुत दुख हुआ। 2005 से पहले बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब थी। लेकिन जब से नीतीश कुमार ने पद संभाला है, तब से उन्होंने हर क्षेत्र में विकास किया है। लोगों को न्याय मिला है और अच्छे शासन की स्थापना हुई है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, साफ पानी और महिला सशक्तिकरण में काफी प्रगति हुई है।"
त्रिलोकी ने कहा, "बिहार में आज कई योजनाएं चल रही हैं, जिससे जनता खुशहाल है। आज बिहार में उतनी गरीबी नहीं है, जितनी अन्य राज्यों में है। राज्य में 20 घंटे से अधिक बिजली मिलती है। पहले घरों में लालटेन और मोमबत्ती जलानी पड़ती थीं, लेकिन अब बिजली की निरंतर आपूर्ति के चलते इनकी आवश्यकता नहीं रह गई है।"
उन्होंने जोर देकर कहा, "मैं नीतीश कुमार को बिहार से जाने नहीं दूंगा। हम चाहते हैं कि नीतीश कुमार अंतिम क्षण तक बिहार को सुशोभित करें। इस तरह से, हम उनका समर्थन करेंगे। जिस तरह से मुख्यमंत्री नीतीश कहते हैं कि पूरा बिहार मेरा परिवार है, वैसे ही हम भी यह कहते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश हमारे परिवार के सदस्य हैं।"
सीएम नीतीश कुमार से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने आपको बहुमत दिया है, इसलिए आपको दिल्ली नहीं जाने देंगे। आप बिहार में ही रहें।
इससे पहले, पटना में गुरुवार को नीतीश कुमार के आवास के बाहर उनके समर्थकों की एक बड़ी संख्या जुटी थी। उन्होंने नीतीश कुमार के बिहार में मुख्यमंत्री बने रहने के समर्थन में नारे लगाए। कुछ कार्यकर्ता भावुक भी नजर आए। हालांकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जदयू कार्यकर्ताओं और बिहार की जनता का आभार जताते हुए गुरुवार को राज्यसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी। बाद में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया।