अर्जुन कपूर के पर्सनालिटी राइट मामले में दिल्ली हाईकोर्ट 8 अक्टूबर को सुनाएगा अंतरिम आदेश

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अर्जुन कपूर के पर्सनालिटी राइट मामले में दिल्ली हाईकोर्ट 8 अक्टूबर को सुनाएगा अंतरिम आदेश

सारांश

अर्जुन कपूर ने AI डीपफेक और अनधिकृत छवि उपयोग के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। कोर्ट 8 अक्टूबर को अंतरिम आदेश सुनाएगा। अल्लू अर्जुन, कार्तिक आर्यन और अमिताभ बच्चन सहित कई सितारों को पहले ही यह सुरक्षा मिल चुकी है — यह मामला डिजिटल युग में सेलिब्रिटी अधिकारों की बड़ी लड़ाई बन रहा है।

Key Takeaways

अर्जुन कपूर ने AI डीपफेक और अनधिकृत ऑनलाइन उपयोग के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में पर्सनालिटी राइट याचिका दायर की। हाईकोर्ट 8 अक्टूबर को अंतरिम आदेश पारित करेगा। कोर्ट ने कहा — सार्वजनिक हस्तियों की हर सामग्री पर रोक नहीं लगाई जा सकती, केवल अपमानजनक या मानहानिकारक सामग्री पर कार्रवाई संभव। अल्लू अर्जुन और कार्तिक आर्यन को पहले ही कोर्ट से पर्सनालिटी राइट सुरक्षा मिल चुकी है। अमिताभ बच्चन, सलमान खान, ऐश्वर्या राय बच्चन सहित कई सितारों को भी यह सुरक्षा प्राप्त है।

बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन कपूर द्वारा अपने व्यक्तित्व अधिकारों (पर्सनालिटी राइट) की सुरक्षा के लिए दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट 8 अक्टूबर को अंतरिम आदेश पारित करेगा। कोर्ट ने 29 अप्रैल को मामले की सुनवाई के दौरान यह तिथि तय की। अभिनेता ने एआई (AI) के दुरुपयोग और अश्लील सामग्री में अपनी छवि के अनधिकृत उपयोग के खिलाफ यह याचिका दायर की है।

मामले की पृष्ठभूमि

अर्जुन कपूर के वकील ने अदालत को बताया कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और वेबसाइटों पर अभिनेता की अनुमति के बिना उनके चेहरे का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, एआई-जेनरेटेड डीपफेक वीडियो के ज़रिए भी उनकी छवि का दुरुपयोग हो रहा है, जो न केवल उनकी प्रतिष्ठा के लिए हानिकारक है, बल्कि उनके व्यक्तित्व अधिकारों का भी उल्लंघन करता है।

हाईकोर्ट की अहम टिप्पणियाँ

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि सार्वजनिक हस्तियों पर बनाई गई हर सामग्री पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता, जब तक कि वह अपमानजनक या मानहानिकारक न हो। अदालत ने कहा,

Point of View

लेकिन असली सवाल यह है कि बिना स्पष्ट विधायी ढाँचे के ये अदालती आदेश कितने प्रभावी हैं। भारत में अभी तक पर्सनालिटी राइट के लिए कोई समर्पित कानून नहीं है — सुरक्षा मुख्यतः न्यायिक व्याख्या पर निर्भर है। डीपफेक और AI के तेज़ी से बढ़ते दुरुपयोग को देखते हुए, यह मामला संसद को इस विषय पर ठोस कानून बनाने के लिए प्रेरित करने का अवसर हो सकता है — जो अब तक नहीं हुआ।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

अर्जुन कपूर का पर्सनालिटी राइट मामला क्या है?
अर्जुन कपूर ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा माँगी है। उनकी शिकायत है कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना अनुमति उनके चेहरे और AI-जेनरेटेड डीपफेक वीडियो का दुरुपयोग हो रहा है।
दिल्ली हाईकोर्ट अंतरिम आदेश कब सुनाएगा?
दिल्ली हाईकोर्ट इस मामले में 8 अक्टूबर को अंतरिम आदेश पारित करेगा। 29 अप्रैल को हुई सुनवाई में कोर्ट ने यह तिथि तय की।
दिल्ली हाईकोर्ट ने पर्सनालिटी राइट पर क्या कहा?
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक हस्तियों पर बनी हर सामग्री पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता — केवल अपमानजनक या मानहानिकारक सामग्री पर कार्रवाई की जा सकती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि आम आदमी पर्सनालिटी राइट के लिए अदालत नहीं आता।
किन अन्य सेलिब्रिटी को पर्सनालिटी राइट की सुरक्षा मिली है?
अल्लू अर्जुन और कार्तिक आर्यन को पहले ही कोर्ट से यह सुरक्षा मिल चुकी है। इसके अलावा अमिताभ बच्चन, सलमान खान, ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन, विवेक ओबेरॉय, नागार्जुन, करण जौहर और श्री श्री रविशंकर को भी न्यायालय से पर्सनालिटी राइट सुरक्षा प्राप्त है।
AI डीपफेक से सेलिब्रिटी के अधिकार कैसे प्रभावित होते हैं?
AI डीपफेक तकनीक से किसी भी व्यक्ति का चेहरा, आवाज़ और छवि बिना अनुमति के इस्तेमाल की जा सकती है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और व्यावसायिक हितों को नुकसान पहुँचता है। भारत में इसके खिलाफ अभी तक कोई समर्पित कानून नहीं है और सुरक्षा मुख्यतः अदालती आदेशों पर निर्भर है।
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