26 जुलाई 2026
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जेडीयू ने नीतीश कुमार को बिहार विधानसभा दल का नया नेता चुनने का अधिकार सौंपा

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जेडीयू ने नीतीश कुमार को बिहार विधानसभा दल का नया नेता चुनने का अधिकार सौंपा

सारांश

बिहार की राजनीति में एक बड़ा मोड़ आया है, जब जदयू ने नीतीश कुमार को विधायक दल के नए नेता का चयन करने का अधिकार सौंपा। क्या इसका प्रभाव राज्य की राजनीतिक दिशा पर पड़ेगा? जानें पूरी कहानी।

मुख्य बातें

नीतीश कुमार को विधायक दल के नेता के चयन का अधिकार दिया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
राजनीतिक स्थिरता के लिए एकजुटता का संकेत।
निशांत कुमार की उम्मीदवारी फिलहाल असंभव।
नीतीश कुमार का सक्रिय रहना राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण।

पटना, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना घटित हुई जब जदयू ने नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद अपनी पहली प्रमुख विधायक दल की बैठक बुलाई।

यह बैठक पटना के 1 अणे मार्ग पर लगभग एक घंटे तक चली, लेकिन इसमें तुरंत किसी नए विधायक दल के नेता का चयन नहीं किया गया।

इसके बजाय, सर्वसम्मति से पार्टी ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को विधायक दल के नए नेता के चयन का अधिकार सौंपा।

बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने पुष्टि की कि एक औपचारिक प्रस्ताव पारित किया गया है, जिसके तहत अंतिम निर्णय लेने का अधिकार नीतीश कुमार को दिया गया है।

उन्होंने बताया कि सभी पार्टी सदस्यों ने नीतीश कुमार के शासन, नेतृत्व और बिहार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए उनकी कृतज्ञता व्यक्त की।

नीरज कुमार ने कहा, “राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को विधायक दल के नेता के चयन का अधिकार दिया गया है। विधायक दल ने सर्वसम्मति से उनके कार्यों और उपलब्धियों के लिए आभार व्यक्त किया।”

बैठक के दौरान नीतीश कुमार ने भी संकेत दिया कि वह संसदीय जिम्मेदारियों के साथ-साथ राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर पार्टी नेताओं के साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहेंगे।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य संगठनात्मक मामलों और सरकारी योजनाओं की प्रगति से सीधे जुड़े रहना है।

पार्टी के भीतर मतभेदों की अटकलों को खारिज करते हुए नीरज कुमार ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं है। “आखिर हमारी पार्टी का नाम ही ‘यूनाइटेड’ है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बैठक में किसी विशेष नाम पर चर्चा नहीं हुई और नेता चुनने का अधिकार केवल नीतीश कुमार के पास है।

दिलचस्प बात यह है कि तुरंत निर्णय न होने से राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। नीतीश कुमार को यह अधिकार देने का प्रस्ताव उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने रखा, जिसे सर्वसम्मति से समर्थन मिला।

बैठक से पहले निशांत कुमार के समर्थन में पोस्टर भी सामने आए, जिनमें उन्हें संभावित भविष्य के नेता के रूप में पेश किया गया था।

हालांकि, पार्टी सूत्रों ने स्पष्ट किया कि निशांत कुमार फिलहाल इस पद के लिए पात्र नहीं हैं, क्योंकि वे किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। उनकी उम्मीदवारी तभी संभव होगी जब वे विधायक या विधान परिषद सदस्य चुने जाएं।

--आईएएनसी

पीएम

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जदयू की बैठक में क्या निर्णय लिया गया?
जदयू ने नीतीश कुमार को विधायक दल के नए नेता के चयन का अधिकार सौंपा।
बैठक में किसने प्रस्ताव रखा?
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने नीतीश कुमार को यह अधिकार देने का प्रस्ताव रखा।
क्या पार्टी में कोई विवाद है?
नीरज कुमार ने स्पष्ट किया कि पार्टी में किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं है।
क्या निशांत कुमार इस पद के लिए पात्र हैं?
निशांत कुमार फिलहाल इस पद के लिए पात्र नहीं हैं क्योंकि वे किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं।
बैठक में नीतीश कुमार ने क्या कहा?
नीतीश कुमार ने संसदीय जिम्मेदारियों के साथ-साथ पार्टी नेताओं के साथ जुड़े रहने का संकेत दिया।
राष्ट्र प्रेस
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