22 अक्टूबर 2026
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वित्त मंत्री सीतारमण ने चिली प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात, भारत-चिली CEPA और महत्वपूर्ण खनिजों पर चर्चा

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वित्त मंत्री सीतारमण ने चिली प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात, भारत-चिली CEPA और महत्वपूर्ण खनिजों पर चर्चा

सारांश

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चिली के पूर्व राष्ट्रपति एडुआर्डो फ्रेई और CAF प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। भारत-चिली CEPA को शीघ्र पूरा करने और महत्वपूर्ण खनिजों व नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग पर ज़ोर दिया गया — लैटिन अमेरिका में भारत की आर्थिक कूटनीति का साफ़ संकेत।

मुख्य बातें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में चिली के पूर्व राष्ट्रपति व राजदूत एडुआर्डो फ्रेई और CAF प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
भारत-चिली व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) को जल्द अंतिम रूप देने पर सहमति बनी।
सीतारमण ने CAF को महत्वपूर्ण खनिजों और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों से जुड़ी परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए प्रोत्साहित किया।
चिली में हाल की बाढ़ को लेकर वित्त मंत्री ने गहरी चिंता और संवेदना प्रकट की।
एक दिन पहले 21 अक्टूबर को सीतारमण ने स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्विनी से भी वित्तीय सेवाओं और नवीकरणीय ऊर्जा पर चर्चा की।

केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में चिली के पूर्व राष्ट्रपति और विशेष मिशन पर राजदूत एडुआर्डो फ्रेई के नेतृत्व में आए चिली प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस बैठक में लैटिन अमेरिका और कैरेबियन विकास बैंक (CAF) का एक प्रतिनिधिमंडल भी उपस्थित था। चर्चाओं का मुख्य केंद्र द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को प्रगाढ़ करना और नए सहयोग के अवसर तलाशना रहा।

बैठक का मुख्य एजेंडा

वित्त मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, बैठक में 'भारत-चिली व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते' (CEPA) को शीघ्र अंतिम रूप देने को लेकर विचार-विमर्श हुआ। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को नई गति देने के लिहाज़ से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अतिरिक्त, CAF के साथ सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर भी सहमति व्यक्त की गई।

महत्वपूर्ण खनिज और नवीकरणीय ऊर्जा पर ज़ोर

वित्त मंत्री सीतारमण ने CAF को उन परियोजनाओं के वित्तपोषण के अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया, जिनमें भारतीय कंपनियाँ शामिल हों — विशेष रूप से महत्वपूर्ण खनिजों और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में। गौरतलब है कि CAF पहले से ही CII और एक्जिम बैंक के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है, जो इस सहयोग को और व्यावहारिक धरातल पर ले जाने का आधार बनाता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला में अपनी स्थिति मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है।

चिली में बाढ़ को लेकर संवेदना

बैठक के दौरान वित्त मंत्री सीतारमण ने चिली में हाल ही में आई बाढ़ के संदर्भ में पूर्व राष्ट्रपति फ्रेई के समक्ष गहरी चिंता जताई और पीड़ितों के प्रति संवेदना प्रकट की। इससे भारत और चिली के बीच केवल आर्थिक नहीं, बल्कि मानवीय संबंधों की मज़बूती भी रेखांकित होती है।

स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर से भी हुई मुलाकात

इससे एक दिन पहले, बुधवार 21 अक्टूबर 2026 को वित्त मंत्री सीतारमण ने नई दिल्ली में स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्विनी से भी भेंट की। मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने वित्तीय सेवाओं, नवीकरणीय ऊर्जा, उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना और द्विपक्षीय पर्यटन को बढ़ावा देने जैसे परस्पर हित के विषयों पर सहयोग के अवसरों पर चर्चा की।

भारत की वैश्विक कूटनीतिक सक्रियता

लगातार दो दिनों में वित्त मंत्री की ये उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठकें भारत की बढ़ती वैश्विक आर्थिक कूटनीति को दर्शाती हैं। चिली के साथ CEPA को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रगति से लैटिन अमेरिका में भारत के आर्थिक पदचिह्न विस्तृत होने की संभावना है, जो आने वाले समय में दोनों देशों के लिए नए व्यापारिक और निवेश द्वार खोल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसे 'जल्द पूरा करने' पर बार-बार ज़ोर देना उस अधूरेपन को ही रेखांकित करता है। असली महत्व यहाँ महत्वपूर्ण खनिजों पर है — चिली विश्व का सबसे बड़ा तांबा उत्पादक और दूसरा सबसे बड़ा लिथियम उत्पादक देश है, जो भारत की EV और ऊर्जा भंडारण महत्वाकांक्षाओं के लिए रणनीतिक रूप से अपरिहार्य है। CAF को वित्तपोषण के लिए प्रोत्साहित करना एक चतुर कदम है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज यह नज़रअंदाज़ कर देती है कि चीन लैटिन अमेरिकी खनिज क्षेत्र में पहले से गहरी पैठ बना चुका है — भारत के लिए समय और क्रियान्वयन दोनों महत्वपूर्ण हैं।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वित्त मंत्री सीतारमण की चिली प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात किस बारे में थी?
यह मुलाकात 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुई, जिसमें भारत-चिली CEPA को शीघ्र पूरा करने और CAF के साथ महत्वपूर्ण खनिजों व नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग पर केंद्रित चर्चा हुई।
भारत-चिली CEPA क्या है और यह क्यों अहम है?
भारत-चिली व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को व्यापक ढाँचा देने की योजना है। चिली विश्व का प्रमुख तांबा और लिथियम उत्पादक है, जो भारत की ऊर्जा और विनिर्माण ज़रूरतों के लिहाज़ से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
CAF क्या है और इसकी भारत में क्या भूमिका है?
CAF लैटिन अमेरिका और कैरेबियन विकास बैंक है, जो क्षेत्रीय विकास परियोजनाओं को वित्तपोषित करता है। वित्त मंत्री सीतारमण ने CAF को भारतीय कंपनियों से जुड़ी परियोजनाओं — खासकर महत्वपूर्ण खनिजों और नवीकरणीय ऊर्जा में — के लिए वित्तपोषण के अवसर तलाशने को प्रोत्साहित किया।
सीतारमण ने स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर से कब और किस विषय पर बात की?
वित्त मंत्री सीतारमण ने 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्विनी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने वित्तीय सेवाओं, नवीकरणीय ऊर्जा, उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना और द्विपक्षीय पर्यटन को बढ़ावा देने पर चर्चा की।
चिली में बाढ़ का इस बैठक से क्या संबंध था?
वित्त मंत्री सीतारमण ने बैठक के दौरान चिली में हाल ही में आई बाढ़ को लेकर पूर्व राष्ट्रपति फ्रेई के समक्ष चिंता जताई और पीड़ितों के प्रति भारत की संवेदना प्रकट की, जो दोनों देशों के बीच मानवीय संबंधों की मज़बूती को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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