भारत-चिली सीईपीए: पीयूष गोयल ने चिली विदेश मंत्री से की बैठक, द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर बनी सहमति

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भारत-चिली सीईपीए: पीयूष गोयल ने चिली विदेश मंत्री से की बैठक, द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर बनी सहमति

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने चिली के विदेश मंत्री फ्रांसिस्को पेरेज मैककेना से नई दिल्ली में मुलाकात कर भारत-चिली सीईपीए वार्ता की समीक्षा की। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत लैटिन अमेरिका में अपनी व्यापारिक उपस्थिति मजबूत करने की दिशा में सक्रिय कदम उठा रहा है।

मुख्य बातें

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 12 मई को नई दिल्ली में चिली के विदेश मंत्री फ्रांसिस्को पेरेज मैककेना से मुलाकात की।
बैठक में भारत-चिली सीईपीए वार्ता की प्रगति की समीक्षा और द्विपक्षीय व्यापार व निवेश बढ़ाने पर चर्चा हुई।
प्रस्तावित सीईपीए से बाज़ार पहुँच में सुधार, व्यापार बाधाओं में कमी और द्विपक्षीय निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
चिली खनिज, ऊर्जा, कृषि और सेवा क्षेत्रों में भारत के लिए लैटिन अमेरिका का महत्वपूर्ण साझेदार बन रहा है।
भारत वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निर्यात मजबूती और आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण के लिए कई व्यापार समझौतों पर सक्रिय है।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार, 12 मई को नई दिल्ली में चिली के विदेश मंत्री फ्रांसिस्को पेरेज मैककेना और चिली प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के साथ बैठक की। इस बैठक में भारत-चिली कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (सीईपीए) पर चल रही बातचीत की समीक्षा की गई और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार, निवेश एवं रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में क्या हुआ

गोयल ने चिली विदेश मंत्री के साथ नाश्ते पर यह बैठक की, जिसमें सीईपीए वार्ता की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ व्यापार बाधाओं को कम करने और बाज़ार पहुँच बेहतर करने के उपायों पर विचार-विमर्श हुआ। मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत चिली के साथ अपनी दीर्घकालिक साझेदारी को विशेष महत्व देता है।

गोयल ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

सीईपीए वार्ता कई वर्षों से जारी है और ठोस समयसीमा अभी भी अस्पष्ट है, जो इस घोषणा की वास्तविक गति पर सवाल उठाती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-चिली सीईपीए क्या है?
सीईपीए यानी कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट भारत और चिली के बीच प्रस्तावित एक व्यापक व्यापार समझौता है, जिसका उद्देश्य बाज़ार पहुँच बेहतर करना, व्यापार बाधाएँ कम करना और द्विपक्षीय निवेश को बढ़ावा देना है। यह समझौता खनिज, ऊर्जा, कृषि और सेवा क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा देगा।
पीयूष गोयल की चिली विदेश मंत्री से बैठक में क्या हुआ?
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 12 मई को नई दिल्ली में चिली के विदेश मंत्री फ्रांसिस्को पेरेज मैककेना के साथ नाश्ते पर बैठक की, जिसमें सीईपीए वार्ता की प्रगति की समीक्षा हुई। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
भारत के लिए चिली क्यों महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है?
चिली लैटिन अमेरिका में खनिज, ऊर्जा, कृषि और सेवा क्षेत्रों में भारत का एक उभरता हुआ महत्वपूर्ण साझेदार है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने और लैटिन अमेरिका में अपना व्यापारिक प्रभाव बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
सीईपीए से दोनों देशों को क्या फायदा होगा?
प्रस्तावित सीईपीए से बाज़ार पहुँच में सुधार होगा, व्यापार बाधाएँ कम होंगी और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय निवेश को बढ़ावा मिलेगा। यह समझौता भारत को वैश्विक विनिर्माण और निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने के सरकारी प्रयासों को भी गति देगा।
भारत और लैटिन अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों की स्थिति क्या है?
भारत लैटिन अमेरिका में अपने व्यापारिक प्रभाव को बढ़ाने पर सक्रिय रूप से ध्यान केंद्रित कर रहा है। इस क्षेत्र में चिली एक प्रमुख साझेदार के रूप में उभर रहा है और भारत वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निर्यात मजबूत करने व आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने के लिए कई व्यापार समझौतों पर काम कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस