पीयूष गोयल ने ICFA चेयरमैन डॉ. एमजे खान से की बैठक, कृषि सहयोग और निर्यात विस्तार पर हुई चर्चा

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पीयूष गोयल ने ICFA चेयरमैन डॉ. एमजे खान से की बैठक, कृषि सहयोग और निर्यात विस्तार पर हुई चर्चा

सारांश

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की एक ही दिन में तीन अहम बैठकें — ICFA, DPIIT और डेल्हीवरी — भारत की उस बहुआयामी रणनीति की झलक देती हैं जो कृषि सहयोग, लॉजिस्टिक्स नवाचार और रिकॉर्ड $863 अरब निर्यात की बुनियाद पर वैश्विक व्यापार में भारत की पैठ गहरी करने पर केंद्रित है।

मुख्य बातें

पीयूष गोयल ने 7 मई 2026 को ICFA चेयरमैन डॉ.
एमजे खान से बैठक कर कृषि सहयोग, खाद्य सुरक्षा और अफ्रीकी क्षेत्र के साथ साझेदारी पर चर्चा की।
डेल्हीवरी के सह-संस्थापक सूरज सहारन से भी मुलाकात; भारतीय लॉजिस्टिक्स को पारदर्शी और भविष्य-तैयार बनाने पर बातचीत।
DOC और DPIIT अधिकारियों के साथ बैठक में निर्यात प्रोत्साहन और नए वैश्विक बाज़ारों में पैठ बनाने पर विचार-विमर्श।
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल निर्यात 4.6% बढ़कर रिकॉर्ड 863.11 अरब डॉलर पर पहुँचा।
सेवा निर्यात 8.71% बढ़कर 421.32 बिलियन डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार, 7 मई 2026 को इंडियन चैंबर ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर (ICFA) के चेयरमैन डॉ. एमजे खान के साथ नई दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में किसानों की जीवन गुणवत्ता सुधारने, वैश्विक कृषि परिदृश्य में भारत की स्थिति मजबूत करने और अफ्रीकी क्षेत्र के साथ कृषि सहयोग गहरा करने पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में किन विषयों पर हुई चर्चा

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर बैठक की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि डॉ. एमजे खान के साथ हुई चर्चा में भारतीय किसानों की जीवन गुणवत्ता बेहतर बनाने, वैश्विक कृषि माहौल में भारत की भूमिका सुदृढ़ करने और अफ्रीकी क्षेत्र के साथ कृषि सहयोग को और गहरा करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही, इस क्षेत्र में भारत की विशेषज्ञता साझा करने के तरीकों पर भी बात हुई।

गोयल ने आगे कहा कि दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कृषि सहयोग बढ़ाने के नए रास्तों पर भी चर्चा की गई। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत वैश्विक कृषि व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

डेल्हीवरी के सह-संस्थापक से भी मुलाकात

इसी दिन पीयूष गोयल ने डेल्हीवरी के सह-संस्थापक और कार्यकारी निदेशक सूरज सहारन से भी मुलाकात की। गोयल ने 'एक्स' पर पोस्ट में बताया कि इस बातचीत में नवाचार, प्रौद्योगिकी-आधारित व्यापार मॉडल और उद्यम विस्तार के सफर पर गहन चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि भारतीय लॉजिस्टिक्स को अधिक पारदर्शी, कुशल और भविष्य के लिए तैयार बनाने में सहारन के योगदान को देखकर प्रसन्नता हुई।

वाणिज्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक

पीयूष गोयल ने गुरुवार को वाणिज्य विभाग (DOC) और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के अधिकारियों के साथ भी एक अहम बैठक की। इस बैठक में भारतीय व्यवसायों के वैश्विक विस्तार को गति देने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। मंत्री के अनुसार, चर्चा निर्यात और निवेश को बढ़ावा देने, इच्छुक निर्यातकों के लिए अवसर खोलने और नए वैश्विक बाज़ारों में पैठ बनाने पर केंद्रित रही।

गोयल ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा कि भारतीय व्यवसायों की वैश्विक पहुँच बढ़ाने, निर्यात प्रोत्साहन प्रयासों को सुदृढ़ करने और देश भर के उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने के उपायों पर भी विचार किया गया।

भारत के निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि

वाणिज्य मंत्रालय द्वारा संकलित नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी टैरिफ विवाद और भू-राजनीतिक तनावों से उत्पन्न अनिश्चितताओं के बावजूद, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत के कुल माल और सेवाओं के निर्यात में 4.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह रिकॉर्ड 863.11 अरब डॉलर तक पहुँच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह आँकड़ा 825.26 अरब डॉलर था।

माल निर्यात में 0.93 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 2024-25 के 437.70 बिलियन डॉलर से बढ़कर 441.78 बिलियन डॉलर हो गया। यह वृद्धि जहाज़ों की आवाजाही में व्यवधान और विदेशी बाज़ारों में माँग की अनिश्चितताओं के बीच हासिल हुई। वहीं, सेवा निर्यात में 8.71 प्रतिशत की मज़बूत वृद्धि दर्ज की गई और यह 2025-26 में 421.32 बिलियन डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँच गया, जो भारत की आईटी सेवाओं, व्यावसायिक समाधानों और पेशेवर विशेषज्ञता की निरंतर वैश्विक माँग को रेखांकित करता है।

गौरतलब है कि यह बैठकें ऐसे दौर में हो रही हैं जब भारत अपने निर्यात आधार को विविध बनाने और नए वैश्विक साझेदारों के साथ संबंध प्रगाढ़ करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लॉजिस्टिक्स और व्यापार नीति पर तीन बैठकें यह संकेत देती हैं कि सरकार निर्यात के मोर्चे पर दबाव बढ़ाने की कोशिश में है — और यह ज़रूरी भी है, क्योंकि अमेरिकी टैरिफ विवाद के बीच रिकॉर्ड $863 अरब का निर्यात आँकड़ा उत्साहजनक है। हालाँकि, माल निर्यात में मात्र 0.93% की वृद्धि यह बताती है कि असली चुनौती विनिर्माण आधारित निर्यात को गति देने में है, न कि सेवाओं की बदौलत आँकड़ा संभालने में। अफ्रीकी क्षेत्र के साथ कृषि सहयोग की बात नई नहीं है — पर इस बार इसे खाद्य सुरक्षा के व्यापक ढाँचे से जोड़ना एक सकारात्मक बदलाव है। असली परीक्षा यह होगी कि ये बैठकें ठोस द्विपक्षीय समझौतों और किसानों की आय में मापनीय सुधार में कब तब्दील होती हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल और डॉ. एमजे खान की बैठक में क्या चर्चा हुई?
इस बैठक में भारतीय किसानों की जीवन गुणवत्ता सुधारने, वैश्विक कृषि परिदृश्य में भारत की स्थिति मज़बूत करने, अफ्रीकी क्षेत्र के साथ कृषि सहयोग गहरा करने और दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा के लिए नए उपायों पर विचार-विमर्श हुआ।
भारत का वित्त वर्ष 2025-26 में निर्यात कितना रहा?
वाणिज्य मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल माल और सेवाओं का निर्यात 4.6% बढ़कर रिकॉर्ड 863.11 अरब डॉलर पर पहुँच गया, जो पिछले वर्ष के 825.26 अरब डॉलर से अधिक है।
ICFA क्या है और इसकी भूमिका क्या है?
इंडियन चैंबर ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर (ICFA) भारत में खाद्य और कृषि क्षेत्र का एक प्रमुख उद्योग संगठन है, जो कृषि नीति, खाद्य प्रसंस्करण और वैश्विक कृषि व्यापार के मुद्दों पर सरकार के साथ सक्रिय संवाद करता है।
सेवा निर्यात में इतनी मज़बूत वृद्धि क्यों हुई?
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, सेवा निर्यात में 8.71% की वृद्धि भारत की आईटी सेवाओं, व्यावसायिक समाधानों और पेशेवर विशेषज्ञता की निरंतर वैश्विक माँग के कारण हुई। 2025-26 में सेवा निर्यात 421.32 बिलियन डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँचा।
पीयूष गोयल ने डेल्हीवरी के सूरज सहारन से किस विषय पर बात की?
गोयल ने सूरज सहारन के साथ नवाचार, प्रौद्योगिकी-आधारित व्यापार मॉडल और उद्यम विस्तार पर चर्चा की। बातचीत में भारतीय लॉजिस्टिक्स को अधिक पारदर्शी, कुशल और भविष्य के लिए तैयार बनाने पर भी विचार हुआ।
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