पीयूष गोयल ने ICFA चेयरमैन डॉ. एमजे खान से की बैठक, कृषि सहयोग और निर्यात विस्तार पर हुई चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार, 7 मई 2026 को इंडियन चैंबर ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर (ICFA) के चेयरमैन डॉ. एमजे खान के साथ नई दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में किसानों की जीवन गुणवत्ता सुधारने, वैश्विक कृषि परिदृश्य में भारत की स्थिति मजबूत करने और अफ्रीकी क्षेत्र के साथ कृषि सहयोग गहरा करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में किन विषयों पर हुई चर्चा
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर बैठक की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि डॉ. एमजे खान के साथ हुई चर्चा में भारतीय किसानों की जीवन गुणवत्ता बेहतर बनाने, वैश्विक कृषि माहौल में भारत की भूमिका सुदृढ़ करने और अफ्रीकी क्षेत्र के साथ कृषि सहयोग को और गहरा करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही, इस क्षेत्र में भारत की विशेषज्ञता साझा करने के तरीकों पर भी बात हुई।
गोयल ने आगे कहा कि दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कृषि सहयोग बढ़ाने के नए रास्तों पर भी चर्चा की गई। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत वैश्विक कृषि व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
डेल्हीवरी के सह-संस्थापक से भी मुलाकात
इसी दिन पीयूष गोयल ने डेल्हीवरी के सह-संस्थापक और कार्यकारी निदेशक सूरज सहारन से भी मुलाकात की। गोयल ने 'एक्स' पर पोस्ट में बताया कि इस बातचीत में नवाचार, प्रौद्योगिकी-आधारित व्यापार मॉडल और उद्यम विस्तार के सफर पर गहन चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि भारतीय लॉजिस्टिक्स को अधिक पारदर्शी, कुशल और भविष्य के लिए तैयार बनाने में सहारन के योगदान को देखकर प्रसन्नता हुई।
वाणिज्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक
पीयूष गोयल ने गुरुवार को वाणिज्य विभाग (DOC) और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के अधिकारियों के साथ भी एक अहम बैठक की। इस बैठक में भारतीय व्यवसायों के वैश्विक विस्तार को गति देने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। मंत्री के अनुसार, चर्चा निर्यात और निवेश को बढ़ावा देने, इच्छुक निर्यातकों के लिए अवसर खोलने और नए वैश्विक बाज़ारों में पैठ बनाने पर केंद्रित रही।
गोयल ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा कि भारतीय व्यवसायों की वैश्विक पहुँच बढ़ाने, निर्यात प्रोत्साहन प्रयासों को सुदृढ़ करने और देश भर के उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने के उपायों पर भी विचार किया गया।
भारत के निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि
वाणिज्य मंत्रालय द्वारा संकलित नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी टैरिफ विवाद और भू-राजनीतिक तनावों से उत्पन्न अनिश्चितताओं के बावजूद, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत के कुल माल और सेवाओं के निर्यात में 4.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह रिकॉर्ड 863.11 अरब डॉलर तक पहुँच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह आँकड़ा 825.26 अरब डॉलर था।
माल निर्यात में 0.93 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 2024-25 के 437.70 बिलियन डॉलर से बढ़कर 441.78 बिलियन डॉलर हो गया। यह वृद्धि जहाज़ों की आवाजाही में व्यवधान और विदेशी बाज़ारों में माँग की अनिश्चितताओं के बीच हासिल हुई। वहीं, सेवा निर्यात में 8.71 प्रतिशत की मज़बूत वृद्धि दर्ज की गई और यह 2025-26 में 421.32 बिलियन डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँच गया, जो भारत की आईटी सेवाओं, व्यावसायिक समाधानों और पेशेवर विशेषज्ञता की निरंतर वैश्विक माँग को रेखांकित करता है।
गौरतलब है कि यह बैठकें ऐसे दौर में हो रही हैं जब भारत अपने निर्यात आधार को विविध बनाने और नए वैश्विक साझेदारों के साथ संबंध प्रगाढ़ करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।