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पीयूष गोयल ने ईपीसी प्रमुखों संग निर्यात बढ़ाने और एफटीए के उपयोग पर की अहम बैठक

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पीयूष गोयल ने ईपीसी प्रमुखों संग निर्यात बढ़ाने और एफटीए के उपयोग पर की अहम बैठक

सारांश

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने ईपीसी प्रमुखों के साथ बैठक कर निर्यात बढ़ाने और एफटीए के प्रभावी उपयोग पर विचार-विमर्श किया। भारत-न्यूजीलैंड एफटीए के तहत द्विपक्षीय व्यापार को अगले पांच वर्षों में ५ अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है।

मुख्य बातें

पीयूष गोयल ने 27 अप्रैल 2026 को विभिन्न निर्यात संवर्धन परिषदों (ईपीसी) के प्रमुखों के साथ अहम बैठक की।
बैठक में क्षेत्र-विशिष्ट प्राथमिकताओं और वैश्विक व्यापार में अवसरों के उपयोग पर चर्चा हुई।
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता रिकॉर्ड नौ महीनों में संपन्न हुआ, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
वर्तमान में दोनों देशों के बीच वस्तु व्यापार १.३ अरब डॉलर और सेवा व्यापार ६३४ मिलियन डॉलर है; लक्ष्य अगले पांच वर्षों में ५ अरब डॉलर करना है।
न्यूजीलैंड में लगभग ३ लाख भारतीय समुदाय इस साझेदारी को मजबूत आधार देता है।
यह समझौता हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत के रणनीतिक विविधीकरण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

नई दिल्ली, 27 अप्रैल: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को विभिन्न निर्यात संवर्धन परिषदों (ईपीसी) के प्रमुखों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस वार्ता में भारतीय निर्यातकों को वैश्विक व्यापार में अवसरों का लाभ उठाने और मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के प्रभावी उपयोग पर गहन चर्चा हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र-विशिष्ट प्राथमिकताओं को समझना और निर्यात को नई गति देना था।

मुख्य घटनाक्रम: ईपीसी प्रमुखों के साथ सार्थक संवाद

मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस रणनीतिक बदलाव का संकेत है जिसमें भारत अब केवल घरेलू बाजार पर निर्भर नहीं रहना चाहता। भारत-न्यूजीलैंड एफटीए का रिकॉर्ड नौ महीनों में पूरा होना दर्शाता है कि सरकार व्यापार वार्ताओं में नई फुर्ती दिखा रही है — लेकिन असली परीक्षा यह है कि ईपीसी और निर्यातक जमीन पर इन समझौतों का कितना लाभ उठा पाते हैं। आलोचकों का कहना है कि पिछले कई एफटीए के बावजूद छोटे और मझोले निर्यातक अक्सर जागरूकता और बुनियादी ढांचे की कमी के कारण पीछे रह जाते हैं। यह वह विरोधाभास है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नजरअंदाज करती है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल ने ईपीसी प्रमुखों के साथ बैठक में क्या चर्चा की?
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 27 अप्रैल 2026 को ईपीसी प्रमुखों के साथ बैठक में क्षेत्र-विशिष्ट निर्यात प्राथमिकताओं और मुक्त व्यापार समझौतों के प्रभावी उपयोग पर विचार-विमर्श किया। इसका उद्देश्य भारतीय व्यवसायों को वैश्विक बाजार में अधिक सक्षम बनाना है।
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता क्या है और यह कब हुआ?
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता रिकॉर्ड नौ महीनों में संपन्न हुआ और इसे द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। इस समझौते के तहत दोनों देशों का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में व्यापार को ५ अरब डॉलर तक पहुंचाना है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच अभी कितना व्यापार होता है?
आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में भारत और न्यूजीलैंड के बीच वस्तुओं का व्यापार १.३ अरब डॉलर और सेवाओं का व्यापार ६३४ मिलियन डॉलर है। दोनों देश इसे अगले पांच वर्षों में ५ अरब डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।
इस एफटीए का भारतीय निर्यातकों पर क्या असर होगा?
इस मुक्त व्यापार समझौते से भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी और कृषि-तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा तथा फिनटेक जैसे क्षेत्रों में नए अवसर खुलेंगे। न्यूजीलैंड में लगभग ३ लाख भारतीयों का समुदाय इस साझेदारी को और मजबूत बनाता है।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की व्यापार रणनीति क्या है?
एक उद्योग निकाय के अनुसार, भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक विविधीकरण की नीति पर चल रहा है और लचीली, समावेशी तथा भविष्य के लिए तैयार आर्थिक साझेदारियां बना रहा है। यह नीति भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में केंद्रीय भूमिका दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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