भारत का खाद्य निर्यात 5 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को छूने की ओर: पीयूष गोयल का आह्वान

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भारत का खाद्य निर्यात 5 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को छूने की ओर: पीयूष गोयल का आह्वान

सारांश

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत को कृषि और प्रोसेस्ड फूड का सबसे बड़ा निर्यातक बनाने का आह्वान किया। उन्होंने बढ़ते व्यापार समझौतों और वैश्विक मांग के चलते इस दिशा में उपलब्ध अवसरों पर प्रकाश डाला।

Key Takeaways

  • भारत का खाद्य निर्यात अब 5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
  • कृषि उत्पादों का निर्यात तेजी से बढ़ रहा है।
  • मुक्त व्यापार समझौते से भारतीय निर्यातकों को नए अवसर मिल रहे हैं।
  • किसानों के हितों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
  • आहार प्रदर्शनी में इटली को पार्टनर देश बनाया गया है।

नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को खाद्य, कृषि और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र से संबंधित व्यक्तियों से भारत को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का विश्व में सबसे बड़ा निर्यातक बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास करने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि भारत के बढ़ते व्यापार समझौते और भारतीय उत्पादों की वैश्विक मांग इस दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहे हैं।

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 'आहार - द इंटरनेशनल फूड एंड हॉस्पिटैलिटी फेयर' के 40वें संस्करण के उद्घाटन समारोह में गोयल ने कहा कि भारत का खाद्य और कृषि उत्पादों का निर्यात, जिसमें कृषि उत्पाद और मत्स्य पालन शामिल हैं, अब सालाना लगभग 5 लाख करोड़ रुपए (55 अरब डॉलर से अधिक) तक पहुंच गया है। इसके साथ ही भारत विश्व का सातवां सबसे बड़ा कृषि उत्पाद निर्यातक बन गया है।

उन्होंने जानकारी दी कि 2014 से 2025 के बीच पिछले 11 वर्षों में भारत के कृषि और खाद्य निर्यात में काफी वृद्धि हुई है। इस अवधि में प्रोसेस्ड फूड का निर्यात चार गुना, फल और दालों का निर्यात तीन गुना, प्रोसेस्ड सब्जियों का निर्यात चार गुना, कोको का निर्यात तीन गुना और अनाज का निर्यात दोगुना हो गया है। वहीं चावल का निर्यात भी इस समय में 62 प्रतिशत बढ़ा है।

गोयल ने कहा कि ये उपलब्धियां भारत को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात में वैश्विक स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने इस लक्ष्य को पूर्ण रूप से प्राप्त करना संभव बताया और कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन के अनुरूप है, जिसमें भारत को 'दुनिया की खाद्य बास्केट' बनाने की बात कही गई है।

मंत्री ने बताया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में भारत ने नौ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किए हैं, जिससे 38 विकसित और समृद्ध देशों के बाजारों तक पहुंच प्राप्त हुई है। इससे भारतीय निर्यातकों के लिए बड़े अवसर निर्मित हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत को वैश्विक व्यापार के लगभग दो-तिहाई हिस्से तक प्राथमिक बाजार पहुंच प्राप्त है, जिससे भारत एक आकर्षक निवेश स्थल बन रहा है और भारतीय कंपनियां वैश्विक वैल्यू चेन से जुड़ रही हैं।

गोयल ने स्पष्ट किया कि एफटीए वार्ता के दौरान सरकार ने घरेलू हितधारकों, विशेषकर किसानों, मछुआरों और एमएसएमई के हितों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा है। उन्होंने बताया कि डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में विदेशी उत्पादकों को कोई रियायत नहीं दी गई है। इसी प्रकार जीन संशोधित (जीएम) उत्पादों को भी शुल्क में छूट या बाजार तक पहुंच नहीं दी गई है।

उन्होंने यह भी बताया कि चावल, गेहूं, मक्का, सोया मील और कई प्रकार की दालों जैसे प्रमुख कृषि उत्पादों को व्यापार समझौतों में सुरक्षित रखा गया है। वहीं, चीनी क्षेत्र में भी आमतौर पर कोई रियायत नहीं दी गई है, ताकि विदेशी आयात से भारतीय गन्ना किसानों और घरेलू उत्पादकों को नुकसान न हो।

मंत्री ने कहा कि इन कदमों से एक ओर भारत की घरेलू ताकत सुरक्षित रहती है, वहीं दूसरी ओर भारतीय उत्पादों के लिए नए वैश्विक अवसर भी बनते हैं। उन्होंने उद्योग और व्यापार से जुड़े व्यक्तियों से अपील की कि वे लोगों को यह समझाएं कि भारत के एफटीए देश के हितों की रक्षा करते हुए अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ाने में मदद करते हैं।

गोयल ने किसानों और उद्यमियों से 1 लाख करोड़ रुपए के एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का लाभ उठाने और फूड प्रोसेसिंग तथा वैल्यू एडिशन पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की। इससे किसानों को वैश्विक बाजार में बेहतर कीमत वाले उत्पाद बेचने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब बड़ी संख्या में छोटे उद्यम भी फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे रोजगार और विकास के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इस बार आहार प्रदर्शनी में पहली बार इटली को पार्टनर देश बनाया गया है। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि 13 मार्च और शनिवार को यह प्रदर्शनी आम जनता के लिए भी खुली रहेगी, ताकि खासकर युवा भारत और दुनिया के फूड, बेवरेज और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की ताकत को करीब से देख सकें।

Point of View

NationPress
10/03/2026

Frequently Asked Questions

भारत का खाद्य निर्यात कितना है?
भारत का खाद्य और कृषि उत्पादों का निर्यात अब सालाना लगभग 5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
भारत को कृषि उत्पादों का सबसे बड़ा निर्यातक क्यों बनाया जा रहा है?
इसका मुख्य कारण बढ़ते व्यापार समझौते और भारतीय उत्पादों की वैश्विक मांग है।
भारत ने कितने मुक्त व्यापार समझौते किए हैं?
पिछले साढ़े तीन वर्षों में भारत ने नौ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किए हैं।
कृषि निर्यात में किस प्रकार की वृद्धि हुई है?
प्रोसेस्ड फूड का निर्यात चार गुना, फल और दालों का निर्यात तीन गुना, और अनाज का निर्यात दोगुना हो गया है।
क्या भारतीय किसानों के हितों को ध्यान में रखा गया है?
जी हां, एफटीए वार्ता के दौरान सरकार ने किसानों, मछुआरों और एमएसएमई के हितों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा है।
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