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क्या भारत के प्रोसेस्ड फूड की मांग में वृद्धि हो रही है?

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क्या भारत के प्रोसेस्ड फूड की मांग में वृद्धि हो रही है?

सारांश

भारत में प्रोसेस्ड फूड की वैश्विक मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। जानें कैसे इसका निर्यात 20.4 प्रतिशत तक पहुंच गया है और इससे कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसर कैसे बढ़ रहे हैं। इस क्षेत्र का आर्थिक प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं यहाँ जानें।

मुख्य बातें

प्रोसेस्ड फूड की मांग में वृद्धि।
कृषि खाद्य उत्पादों के निर्यात में 20.4 प्रतिशत हिस्सेदारी।
प्रोसेस्ड फूड क्षेत्र का जीवीए 2.24 लाख करोड़ रुपए ।
रोजगार में 12.83 प्रतिशत का योगदान।
7.33 अरब डॉलर का एफडीआई ।

नई दिल्ली, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के प्रोसेस्ड फूड की वैश्विक मांग पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। इसके चलते, देश के कृषि खाद्य उत्पादों के कुल निर्यात में इनकी हिस्सेदारी 20.4 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि 2014-15 में यह 13.7 प्रतिशत थी। यह जानकारी शुक्रवार को सरकार द्वारा साझा की गई।

सरकार ने बताया कि प्रोसेस्ड फूड सेक्टर देश के संगठित मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में एक प्रमुख रोजगार प्रदाता है और इसकी हिस्सेदारी 12.83 प्रतिशत है।

प्रोसेस्ड फूड सेक्टर की ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 2.24 लाख करोड़ रुपए हो गई है, जो कि वित्त वर्ष 2014-15 में 1.34 लाख करोड़ रुपए थी।

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने बताया कि अप्रैल 2014 से मार्च 2025 के बीच इस क्षेत्र में 7.33 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्राप्त हुआ है।

मंत्रालय ने कहा, “खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र कृषि आय को बढ़ाने और कृषि से संबंधित रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है, साथ ही यह संरक्षण और प्रसंस्करण अवसंरचना में कृषि और संबंधित क्षेत्र के उत्पादन में फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करता है।”

प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई) को 14वें वित्त आयोग चक्र हेतु 6,000 करोड़ रुपए के आवंटन के साथ मंजूरी दी गई थी, और पुनर्गठन के बाद 15वें वित्त आयोग चक्र में 6,520 करोड़ रुपए के आवंटन के साथ इसे जारी रखने की मंजूरी दी गई है।

मंत्रालय ने बताया कि जनवरी 2025 से, पीएमकेएसवाई की विभिन्न घटक योजनाओं के तहत 36 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, और 94 परियोजनाएं पूरी/चालू हो चुकी हैं, जिससे प्रसंस्करण और संरक्षण क्षमता 28.48 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गई है।

स्वीकृत परियोजनाओं के चालू होने पर, इनसे 365.21 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है, जिससे लगभग 1.4 लाख किसानों को लाभ मिलने की संभावना है और 0.09 लाख से अधिक प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह क्षेत्र न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी प्रदान कर रहा है। यह विकास कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में प्रोसेस्ड फूड का निर्यात कितना बढ़ा है?
भारत में प्रोसेस्ड फूड के निर्यात की हिस्सेदारी 20.4 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
प्रोसेस्ड फूड सेक्टर में रोजगार की स्थिति क्या है?
प्रोसेस्ड फूड सेक्टर संगठित क्षेत्र में रोजगार का 12.83 प्रतिशत प्रदान करता है।
प्रोसेस्ड फूड सेक्टर का जीवीए क्या है?
प्रोसेस्ड फूड सेक्टर का जीवीए वित्त वर्ष 2023-24 में 2.24 लाख करोड़ रुपए है।
राष्ट्र प्रेस
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