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इंडोनेशिया में कचरे के ढेर में धंसने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हुई

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इंडोनेशिया में कचरे के ढेर में धंसने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हुई

सारांश

इंडोनेशिया के बंटार गेबांग लैंडफिल में कचरे के ढेर के धंसने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। बचाव अभियान के दौरान सभी पीड़ितों को खोज लिया गया है। यह घटना गंभीर खतरे का संकेत है।

मुख्य बातें

इंडोनेशिया के बंटार गेबांग लैंडफिल में कचरे का ढेर धंस गया।
इस हादसे में 7 लोगों की जान गई।
बचाव अभियान में 300 से अधिक कर्मियों ने भाग लिया।
कचरा प्रबंधन की समस्या गंभीर हो रही है।

जकार्ता, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इंडोनेशिया के सबसे बड़े कचरा निपटान स्थल पर कचरे के ढेर के धंसने से मरने वालों की संख्या 7 हो गई है। मंगलवार को जकार्ता सर्च एंड रेस्क्यू ऑफिस ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, अंतिम शव मिलने के बाद सोमवार की रात को बचाव अभियान समाप्त कर दिया गया।

जकार्ता सर्च एंड रेस्क्यू ऑफिस की प्रमुख देसियाना कार्तिका बाहारी ने एक लिखित बयान में बताया कि सभी पीड़ितों को खोजने और किसी अन्य व्यक्ति के लापता होने की सूचना न मिलने के कारण खोज और बचाव अभियान को औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया गया है।

यह हादसा रविवार को बंटार गेबांग लैंडफिल में हुआ, जो इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के निकट स्थित एक बड़ा कचरा प्रसंस्करण केंद्र है। यहां अचानक कचरे का विशाल ढेर धंस गया, जिससे वहां मौजूद कई लोग मलबे के नीचे दब गए।

हादसे के समय वहां फूड स्टॉल संचालित करने वाले लोग, कचरा ढोने वाले ट्रक ड्राइवर और इलाके में काम करने वाले कचरा बीनने वाले मौजूद थे। कुछ ट्रक और अन्य वाहन भी कचरे के नीचे दब गए।

बचावकर्मियों ने भारी मशीनों और एक्सकेवेटर की सहायता से मलबा हटाकर पीड़ितों को बाहर निकाला। कई शव कचरे के बड़े ढेरों के नीचे से बरामद किए गए।

मृतकों में दो कचरा ट्रक ड्राइवर और दो फूड स्टॉल संचालक शामिल हैं, जो हादसे के समय लैंडफिल के निकट काम कर रहे थे या आराम कर रहे थे। हालांकि, इस दुर्घटना में चार लोग किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे।

इस बड़े बचाव कार्य में 300 से अधिक खोज और बचाव कर्मियों को शामिल किया गया था। पुलिस, सेना और स्वयंसेवकों की टीमें भी मौके पर मौजूद थीं। बचाव कार्य के दौरान स्निफर डॉग और भारी मशीनों का उपयोग किया गया।

इससे पहले भी साल 2005 में यहां इसी तरह का कचरा धंसने का हादसा हुआ था, जिसमें दर्जनों लोगों की जान चली गई थी।

इंडोनेशिया के पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, बार-बार होने वाले ऐसे हादसे इस बात का संकेत हैं कि 110 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैले इस लैंडफिल पर कचरे का अत्यधिक दबाव गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। यहां हर दिन जकार्ता शहर से लगभग 6500 से 7000 टन कचरा लाया जाता है, जिससे जोखिम लगातार बढ़ता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस बात का संकेत हैं कि सरकार को तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कचरा धंसने की घटना कब हुई?
यह घटना रविवार, 10 मार्च को हुई थी।
इस हादसे में कितने लोग मारे गए?
इस हादसे में कुल 7 लोगों की मौत हुई है।
क्या बचाव अभियान सफल रहा?
हां, सभी पीड़ितों को खोज लिया गया है और बचाव अभियान समाप्त हो गया है।
बंटार गेबांग लैंडफिल कहां स्थित है?
यह लैंडफिल इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के पास स्थित है।
कचरे का प्रबंधन क्यों महत्वपूर्ण है?
कचरे का सही प्रबंधन न केवल पर्यावरण की रक्षा करता है, बल्कि ऐसे हादसों से भी बचाता है।
राष्ट्र प्रेस
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