3 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत का वित्त वर्ष 2026-27 में 1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य, पीयूष गोयल ने बोर्ड ऑफ ट्रेड में किया ऐलान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत का वित्त वर्ष 2026-27 में 1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य, पीयूष गोयल ने बोर्ड ऑफ ट्रेड में किया ऐलान

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बोर्ड ऑफ ट्रेड में 1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात का लक्ष्य रखा — वस्तु निर्यात में 17% और सेवा निर्यात में 11% वृद्धि की दरकार। ओमान FTA लागू, ब्रिटेन FTA 15 जुलाई तक अपेक्षित। जून तक के आँकड़े लक्ष्य के अनुरूप बताए गए।

मुख्य बातें

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 3 जुलाई 2026 को बोर्ड ऑफ ट्रेड बैठक में 1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य की घोषणा की।
वित्त वर्ष 2025-26 में कुल निर्यात 863 अरब डॉलर रहा; अब 2026-27 में दोहरे अंकों की वृद्धि का लक्ष्य।
मर्चेंडाइज निर्यात लक्ष्य लगभग 530 अरब डॉलर ( 17% वृद्धि); सेवा निर्यात लक्ष्य लगभग 470 अरब डॉलर ( 11% वृद्धि)।
ओमान के साथ FTA 1 जून 2026 से लागू; भारत-ब्रिटेन FTA 15 जुलाई 2026 तक प्रभावी होने की उम्मीद।
सरकार एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन के तहत भारतीय कंपनियों को विदेशों में ब्रांडिंग सहायता देगी।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 3 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित बोर्ड ऑफ ट्रेड की बैठक में घोषणा की कि भारत ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 1 ट्रिलियन डॉलर (एक लाख करोड़ डॉलर) के निर्यात का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के 863 अरब डॉलर के कुल निर्यात की तुलना में मजबूत दोहरे अंकों की वृद्धि की माँग करता है।

लक्ष्य का विभाजन: वस्तु और सेवा निर्यात

गोयल ने स्पष्ट किया कि 1 ट्रिलियन डॉलर के कुल लक्ष्य को दो हिस्सों में बाँटा गया है। मर्चेंडाइज (वस्तु) निर्यात को लगभग 530 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य है, जिसके लिए करीब 17 प्रतिशत की वृद्धि आवश्यक होगी। वहीं, सेवा निर्यात को 421 अरब डॉलर से बढ़ाकर लगभग 470 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए लगभग 11 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करनी होगी।

मंत्री ने यह भी बताया कि जून 2026 तक के उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार भारत इस लक्ष्य की दिशा में सही गति से आगे बढ़ रहा है।

मंत्री की अपील: वैश्विक बाज़ारों में हिस्सेदारी बढ़ाएँ

गोयल ने निर्यातकों और उद्योग जगत से आग्रह किया कि वे केवल घरेलू बाज़ार पर निर्भर रहने के बजाय वैश्विक बाज़ारों में सक्रिय रूप से अपनी उपस्थिति मज़बूत करें। उन्होंने कहा, "मैं एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य चाहता हूँ। आइए, हम सभी मिलकर इस दिशा में काम करें। आज भारत पहले से अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय देश बन रहा है। दुनिया हमारे साथ कारोबार करना चाहती है। अब हमें आगे बढ़कर वैश्विक बाज़ारों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ानी होगी।"

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सफलता केवल प्रतिस्पर्धी कीमतों से नहीं मिलती — इसके लिए उत्पादों की गुणवत्ता, विशेष कौशल, मजबूत वैश्विक ब्रांड और ग्राहकों तक सक्रिय पहुँच अनिवार्य है।

एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन और ब्रांडिंग सहायता

गोयल के अनुसार, सरकार एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन को और सुदृढ़ कर रही है। इस मिशन के तहत भारतीय कंपनियों को विदेशों में ब्रांडिंग और बाज़ार में पहचान बनाने में सरकारी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा, "घरेलू बाज़ार में तो हम आसानी से अपने उत्पाद बेच लेते हैं, लेकिन निर्यात बाज़ार में जगह बनाने के लिए गुणवत्ता, कौशल और वैश्विक पहुँच जरूरी है।"

नए मुक्त व्यापार समझौते: ओमान और ब्रिटेन

मंत्री ने भारत के नए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का उल्लेख करते हुए बताया कि ओमान के साथ FTA 1 जून 2026 से लागू हो चुका है। वहीं, भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता 15 जुलाई 2026 तक प्रभावी होने की उम्मीद है। इन समझौतों से भारतीय निर्यातकों के लिए बड़े वैश्विक बाज़ारों तक पहुँच सुगम होगी और निर्यात को नई गति मिलेगी।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता के बावजूद भारत की रणनीतिक और आर्थिक अहमियत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में निर्यात को नीतिगत प्राथमिकता दी है, और अब 1 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य उसी रणनीति की अगली कड़ी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके लिए वस्तु निर्यात में 17% की वृद्धि दर आवश्यक है — जो भारत ने पिछले कई वर्षों में लगातार हासिल नहीं की है। ओमान और ब्रिटेन के FTA नए बाज़ार खोलेंगे, परंतु वैश्विक माँग में सुस्ती और भू-राजनीतिक अनिश्चितता इस लक्ष्य की राह में असली चुनौती हैं। एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन की घोषणा स्वागत योग्य है, किंतु इसके क्रियान्वयन का ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या सरकार केवल लक्ष्य निर्धारण से आगे बढ़कर MSME निर्यातकों को ठोस बाज़ार पहुँच और वित्तीय सहायता दे पाती है।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का वित्त वर्ष 2026-27 में 1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य क्या है?
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 3 जुलाई 2026 को घोषणा की कि भारत ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 1 ट्रिलियन डॉलर (एक लाख करोड़ डॉलर) का निर्यात लक्ष्य तय किया है। इसमें वस्तु निर्यात लगभग 530 अरब डॉलर और सेवा निर्यात लगभग 470 अरब डॉलर शामिल है।
पिछले वित्त वर्ष में भारत का कुल निर्यात कितना था?
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल निर्यात 863 अरब डॉलर रहा। नया 1 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य इससे मजबूत दोहरे अंकों की वृद्धि की माँग करता है।
भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता कब लागू होगा?
पीयूष गोयल के अनुसार भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता 15 जुलाई 2026 तक प्रभावी होने की उम्मीद है। ओमान के साथ FTA पहले ही 1 जून 2026 से लागू हो चुका है।
एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन से निर्यातकों को क्या फायदा होगा?
सरकार एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन के तहत भारतीय कंपनियों को विदेशों में ब्रांडिंग और बाज़ार में पहचान बनाने में सहायता देगी। इसका उद्देश्य भारतीय उद्यमों को वैश्विक बाज़ारों में सक्रिय रूप से उपस्थित करना है, न कि खरीदारों के आने का इंतजार करना।
क्या भारत 1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य की दिशा में सही रास्ते पर है?
पीयूष गोयल ने कहा कि जून 2026 तक के आँकड़ों के अनुसार भारत इस लक्ष्य की दिशा में सही गति से आगे बढ़ रहा है। हालाँकि, वस्तु निर्यात में 17% और सेवा निर्यात में 11% की वृद्धि दर बनाए रखना पूरे वर्ष की चुनौती होगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले