पीयूष गोयल की कृषि क्षेत्र पर बड़ी बैठक: किसानों का जीवन स्तर सुधारने और अफ्रीका के साथ कृषि साझेदारी पर मंथन

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पीयूष गोयल की कृषि क्षेत्र पर बड़ी बैठक: किसानों का जीवन स्तर सुधारने और अफ्रीका के साथ कृषि साझेदारी पर मंथन

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और कृषि विशेषज्ञ डॉ. एमजे खान की बैठक महज़ एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी — यह भारत की उस रणनीति का हिस्सा है जो वैश्विक दक्षिण में खाद्य सुरक्षा को नेतृत्व देने और अफ्रीका में कृषि साझेदारी को नई ऊँचाई देने की कोशिश करती है।

मुख्य बातें

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 8 मई 2026 को डॉ.
एमजे खान (ICFA अध्यक्ष) के साथ कृषि क्षेत्र पर बैठक की।
बैठक में किसानों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और वैश्विक कृषि बाज़ार में भारत की स्थिति मज़बूत करने पर चर्चा हुई।
भारत-अफ्रीका कृषि साझेदारी के तहत प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, कृषि मशीनीकरण और उन्नत बीज किस्मों पर सहयोग जारी है।
अंगोला और लेसोथो जैसे देशों को कृषि मशीनरी के लिए ऋण लाइनें (LOC) दी जा चुकी हैं।
पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने अफ्रीका50 के साथ ट्रांसमिशन परियोजनाओं पर काम किया है।

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 8 मई 2026 को नई दिल्ली में इंडियन चैंबर ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर (ICFA) के अध्यक्ष डॉ. एमजे खान के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में देश के किसानों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने, वैश्विक कृषि बाज़ार में भारत की स्थिति को मज़बूत करने और अफ्रीकी देशों के साथ कृषि विशेषज्ञता साझा करने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में क्या हुई चर्चा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर गोयल ने बैठक के बाद लिखा,

संपादकीय दृष्टिकोण

फसल बीमा और बाज़ार पहुँच — का समाधान भी प्रमाणित रूप से दिखा सके।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल और डॉ. एमजे खान की बैठक में मुख्य एजेंडा क्या था?
इस बैठक में किसानों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने, वैश्विक कृषि बाज़ार में भारत की स्थिति मज़बूत करने और अफ्रीकी देशों के साथ कृषि विशेषज्ञता साझा करने पर चर्चा हुई। दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा के लिए नए सहयोग के रास्ते भी तलाशे गए।
भारत-अफ्रीका कृषि साझेदारी का उद्देश्य क्या है?
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, क्षमता निर्माण और निजी क्षेत्र के निवेश के ज़रिये अफ्रीकी देशों में खाद्य सुरक्षा को मज़बूत करना है। इसमें कृषि मशीनीकरण, उन्नत बीज किस्में और जलवायु-अनुकूल खेती को बढ़ावा देना शामिल है।
डॉ. एमजे खान कौन हैं?
डॉ. एमजे खान इंडियन चैंबर ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर (ICFA) के अध्यक्ष हैं और जाने-माने भारतीय कृषि विशेषज्ञ व नीति विश्लेषक हैं। उन्होंने जैविक खेती पर राष्ट्रीय नीति और वैश्विक कृषि नेतृत्व शिखर सम्मेलन जैसी महत्वपूर्ण पहलों का नेतृत्व किया है।
भारत ने अफ्रीकी देशों को कृषि के क्षेत्र में क्या सहायता दी है?
भारत ने अफ्रीकी किसानों को मृदा स्वास्थ्य, जल प्रबंधन और फसल उत्पादन में प्रशिक्षण दिया है। इसके अलावा, अंगोला और लेसोथो जैसे देशों को कृषि मशीनरी के लिए ऋण लाइनें (LOC) प्रदान की गई हैं।
भारत अफ्रीका में हरित ऊर्जा में कैसे योगदान दे रहा है?
पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने अफ्रीका50 और अन्य अफ्रीकी संस्थानों के साथ ट्रांसमिशन परियोजनाओं पर काम किया है। इससे सौर और पवन ऊर्जा के एकीकरण और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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