भारत-चिली CEPA वार्ता में तेजी, 2026 तक समझौता पूरा करने का लक्ष्य: वाणिज्य मंत्रालय
सारांश
मुख्य बातें
भारत और चिली के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) की बातचीत निर्णायक दौर में पहुँच गई है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने 30 अगस्त 2026 को बताया कि दोनों देश इस साल के अंत तक इस समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं।
उच्चस्तरीय बैठक और मुख्य घटनाक्रम
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने 26 अगस्त 2026 को सैंटियागो में चिली की अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों की उपाध्यक्ष पाउला एस्टेवेज वेनस्टीन से मुलाकात की। इस बैठक में CEPA वार्ता को गति देने और दोनों देशों के कारोबारियों के लिए व्यावसायिक रूप से लाभकारी परिणाम सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में भारत ने वार्ता के प्रति खुले, निरंतर और संतुलित दृष्टिकोण की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि CEPA से न केवल व्यापार और निवेश के नए द्वार खुलेंगे, बल्कि दोनों देशों के आम नागरिकों और उद्यमों के लिए ठोस अवसर भी सृजित होंगे।
किन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
अग्रवाल ने कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाएँ रेखांकित कीं। इनमें हेल्थकेयर, फार्मास्यूटिकल्स, ऊर्जा, खनिज, कृषि, मशीनरी और इंजीनियरिंग शामिल हैं। इसके अलावा, टेक्नोलॉजी, प्रतिभा विनिमय और सप्लाई चेन में सहयोग को भी समझौते का अहम हिस्सा बनाने की योजना है।
गौरतलब है कि चिली लैटिन अमेरिका में तांबे और लिथियम का प्रमुख उत्पादक है — दोनों खनिज भारत की इलेक्ट्रिक वाहन और नवीकरणीय ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने की कोशिश कर रहा है।
ग्लोबल साउथ की साझा पहचान
बैठक में दोनों देशों की ग्लोबल साउथ में साझा स्थिति और समान रणनीतिक दृष्टिकोण को आर्थिक सहयोग की मजबूत नींव के रूप में रेखांकित किया गया। यह पहलू CEPA को महज एक व्यापार समझौते से आगे, एक व्यापक भू-आर्थिक साझेदारी का रूप देता है।
आगे क्या होगा
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, भारत ने 2026 तक CEPA वार्ता पूरी करने का लक्ष्य तय किया है। अग्रवाल ने कहा कि बातचीत के सफल समापन से बढ़ते द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक साझेदारी को और गति मिल सकती है। उम्मीद है कि यह समझौता बाजार तक बेहतर पहुँच के लिए एक ठोस ढाँचा तैयार करेगा, जिससे दोनों देशों के व्यवसायों को समान और व्यावसायिक रूप से सार्थक नतीजे मिलें।