23 सितंबर 2026
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भारत-ऑस्ट्रेलिया जलवायु वार्ता: भूपेंद्र यादव और क्रिस बोवेन की नई दिल्ली में बैठक, COP31 एजेंडा पर चर्चा

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भारत-ऑस्ट्रेलिया जलवायु वार्ता: भूपेंद्र यादव और क्रिस बोवेन की नई दिल्ली में बैठक, COP31 एजेंडा पर चर्चा

सारांश

भारत और ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष ऊर्जा मंत्रियों की नई दिल्ली में बैठक — COP31 से पहले की यह मुलाकात सिर्फ शिष्टाचार नहीं, बल्कि ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण और स्वच्छ आपूर्ति श्रृंखला में ठोस द्विपक्षीय सहयोग की नींव रखने की कोशिश है।

मुख्य बातें

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने 23 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के मंत्री क्रिस बोवेन से मुलाकात की।
क्रिस बोवेन यूएनएफसीसीसी के तहत सीओपी31 वार्ता के अध्यक्ष भी हैं।
बैठक में फिजी में प्री-सीओपी और तुर्की में सीओपी31 के एजेंडा पर चर्चा हुई।
नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने ग्रीन हाइड्रोजन , ग्रिड एकीकरण और स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर सहयोग की संभावनाएँ तलाशीं।
बोवेन और ऑस्ट्रेलियाई उद्योगपतियों को नवंबर 2026 में नई दिल्ली के भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया गया।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने 23 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा मंत्री क्रिस बोवेन से मुलाकात की। इस द्विपक्षीय बैठक में फिजी में प्रस्तावित प्री-सीओपी बैठक और तुर्की में होने वाले सीओपी31 के प्रमुख एजेंडा विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक की पृष्ठभूमि और महत्त्व

उल्लेखनीय है कि क्रिस बोवेन इस समय संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) के तहत सीओपी31 वार्ता के अध्यक्ष के रूप में भी कार्यरत हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक जलवायु वार्ताओं में विकासशील और विकसित देशों के बीच वित्त-पोषण और ऊर्जा संक्रमण पर गहरी खींचतान बनी हुई है।

बैठक के बाद यादव ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, 'नई दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा मंत्री और सीओपी31 वार्ता के अध्यक्ष क्रिस बोवेन से मिलकर खुशी हुई। हमने फिजी में होने वाली प्री-सीओपी और तुर्की में होने वाली सीओपी31 के मुख्य एजेंडा विषयों पर सार्थक चर्चा की।'

भारत की जलवायु उपलब्धियाँ और संकल्प

बैठक के दौरान यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में भारत द्वारा जलवायु क्षेत्र में हासिल की गई 'सफलता की कहानियों' को रेखांकित किया। उन्होंने सीओपी31 की अध्यक्षता में ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत के सहयोगी साझेदार बने रहने के संकल्प को भी दोहराया।

गौरतलब है कि भारत ने 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन का लक्ष्य घोषित किया है और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विस्तार में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। इस पृष्ठभूमि में दोनों मंत्रियों की यह बैठक भारत-ऑस्ट्रेलिया द्विपक्षीय ऊर्जा संबंधों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।

ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के प्रमुख क्षेत्र

केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी बोवेन के साथ अलग से बातचीत की। दोनों नेताओं ने नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, ग्रिड एकीकरण, ग्रीन हाइड्रोजन, स्वच्छ-ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मज़बूत करने के रास्ते तलाशे।

अपने एक्स पोस्ट में जोशी ने कहा, 'भारत और ऑस्ट्रेलिया की ताकत एक-दूसरे की पूरक हैं, और हमारी साझा प्रतिबद्धता को व्यावहारिक साझेदारियों में बदलने की अपार संभावनाएं हैं, इससे हमारी जनता और उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।'

भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन का निमंत्रण

जोशी ने बोवेन और ऑस्ट्रेलियाई उद्योगपतियों को नवंबर 2026 में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 'भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो' में भाग लेने का औपचारिक निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा, 'अपनी ऊर्जा साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए उत्सुक हूं।'

यह शिखर सम्मेलन भारत-ऑस्ट्रेलिया ऊर्जा संबंधों को ठोस निवेश और व्यावसायिक साझेदारियों में परिवर्तित करने का एक अहम अवसर हो सकता है।

आगे की राह

दोनों देशों के बीच यह उच्च-स्तरीय संपर्क सीओपी31 से पहले की कूटनीतिक गतिविधियों का हिस्सा है। भारत की बढ़ती नवीकरणीय ऊर्जा महत्त्वाकांक्षाएँ और ऑस्ट्रेलिया का सीओपी31 अध्यक्ष का दर्जा मिलकर इस साझेदारी को वैश्विक जलवायु वार्ताओं में विशेष प्रासंगिकता देते हैं। आने वाले महीनों में प्री-सीओपी और शिखर सम्मेलन के ज़रिये यह साझेदारी और ठोस रूप लेने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु जमीनी क्रियान्वयन की गति धीमी रही है। नवंबर के शिखर सम्मेलन में ऑस्ट्रेलियाई उद्योगपतियों की वास्तविक भागीदारी इस साझेदारी की गंभीरता की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भूपेंद्र यादव और क्रिस बोवेन की बैठक में क्या हुआ?
23 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में हुई इस बैठक में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच जलवायु व ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। फिजी में प्रस्तावित प्री-सीओपी बैठक और तुर्की में होने वाले सीओपी31 के प्रमुख एजेंडा विषय भी इस वार्ता का हिस्सा रहे।
क्रिस बोवेन COP31 से किस रूप में जुड़े हैं?
क्रिस बोवेन ऑस्ट्रेलिया के जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा मंत्री होने के साथ-साथ यूएनएफसीसीसी के तहत सीओपी31 वार्ता के अध्यक्ष भी हैं। यह भूमिका उन्हें वैश्विक जलवायु वार्ताओं में एक केंद्रीय और प्रभावशाली स्थान देती है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया ऊर्जा सहयोग में कौन-से क्षेत्र शामिल हैं?
दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग में नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, ग्रिड एकीकरण, ग्रीन हाइड्रोजन, स्वच्छ-ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला और उभरती प्रौद्योगिकियाँ शामिल हैं। मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इन क्षेत्रों में दोनों देशों की क्षमताओं को पूरक बताया है।
भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन कब और कहाँ होगा?
यह शिखर सम्मेलन नवंबर 2026 में नई दिल्ली में आयोजित होने वाला है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने क्रिस बोवेन और ऑस्ट्रेलियाई उद्योगपतियों को इसमें भाग लेने का निमंत्रण दिया है।
COP31 कहाँ होगा और भारत की क्या भूमिका होगी?
सीओपी31 तुर्की में आयोजित होने वाला है। भारत ने सीओपी31 अध्यक्षता में ऑस्ट्रेलिया का सहयोगी साझेदार बने रहने का संकल्प दोहराया है, जिससे वैश्विक जलवायु वार्ताओं में भारत की सक्रिय भूमिका स्पष्ट होती है।
राष्ट्र प्रेस
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