3 नवंबर 2026
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श्रीलंका के स्कूल में 'भारत कॉर्नर' का उद्घाटन, भारत-श्रीलंका सांस्कृतिक संबंध और मज़बूत

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श्रीलंका के स्कूल में 'भारत कॉर्नर' का उद्घाटन, भारत-श्रीलंका सांस्कृतिक संबंध और मज़बूत

सारांश

श्रीलंका में भारत की सांस्कृतिक कूटनीति तेज़ हो रही है — हंबनटोटा से लेकर डेल्फ्ट द्वीप तक 'भारत कॉर्नर' स्थापित हो रहे हैं, बैडमिंटन कोर्ट से लेकर आवास परियोजनाओं तक साझेदारी बढ़ रही है। 'पड़ोसी पहले' नीति अब सिर्फ कागज़ पर नहीं, बल्कि स्कूलों की दीवारों पर दिख रही है।

मुख्य बातें

महावाणिज्य दूत हरविंदर सिंह ने 3 नवंबर 2026 को श्रीलंका के उनावातुना महा विद्यालय में 'भारत कॉर्नर' का उद्घाटन किया।
इससे पूर्व उच्चायुक्त संतोष झा ने डेल्फ्ट द्वीप के डेल्फ्ट महाविद्यालयम में भी 'भारत कॉर्नर' का उद्घाटन किया था।
31 अक्टूबर 2026 को भारतीय दूतावास की टीम ने रुहुना विश्वविद्यालय के साथ सदर्न प्रोविंस गवर्नमेंट स्टाफ बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 में भाग लिया।
बदुल्ला जिले के कन्नावरेला एस्टेट में 57 मकानों के शिलान्यास के साथ भारतीय आवास परियोजना का चौथा चरण शुरू हुआ।
ये सभी पहलें भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति के तहत भारत-श्रीलंका संबंधों को मज़बूत करने के प्रयासों का हिस्सा हैं।

भारत के हंबनटोटा स्थित महावाणिज्य दूत हरविंदर सिंह ने 3 नवंबर 2026 को श्रीलंका के उनावातुना महा विद्यालय में 'भारत कॉर्नर' का उद्घाटन किया। यह पहल दोनों देशों के बीच शैक्षणिक और सांस्कृतिक सेतु को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है। इस विशेष स्थान के ज़रिए श्रीलंकाई छात्रों को भारत की समृद्ध विरासत, परंपराओं और ज्ञान-परंपरा से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।

भारत कॉर्नर की भूमिका और उद्देश्य

हंबनटोटा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि 'भारत कॉर्नर' छात्रों के लिए एक समर्पित शैक्षिक-सांस्कृतिक केंद्र होगा। यहाँ भारतीय साहित्य, कला, विज्ञान और इतिहास से संबंधित सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। दूतावास के अनुसार, यह पहल शिक्षा और युवाओं की भागीदारी के ज़रिए दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

डेल्फ्ट द्वीप में भी हो चुका है ऐसा उद्घाटन

गौरतलब है कि यह श्रीलंका में अपनी तरह का पहला 'भारत कॉर्नर' नहीं है। इससे पूर्व, श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने उत्तरी प्रांत के गवर्नर के साथ मिलकर डेल्फ्ट द्वीप स्थित डेल्फ्ट महाविद्यालयम में भी एक 'भारत कॉर्नर' का उद्घाटन किया था। उस अवसर पर विद्यालय के छात्रों को ज़रूरी सहायता सामग्री भी वितरित की गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब भारत श्रीलंका में अपनी नरम-शक्ति (soft power) की उपस्थिति को व्यापक बना रहा है।

खेल कूटनीति: बैडमिंटन चैंपियनशिप में भागीदारी

दूतावास ने यह भी बताया कि 31 अक्टूबर 2026 को उसने रुहुना विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित 'सदर्न प्रोविंस गवर्नमेंट स्टाफ बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026' में सक्रिय भागीदारी की। हरविंदर सिंह और हंबनटोटा दूतावास की टीम ने टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर फिटनेस, टीमवर्क तथा 'फिट इंडिया' व 'फिट श्रीलंका' की भावना को बढ़ावा दिया। यह पहल खेल-कूटनीति के ज़रिए जन-से-जन संपर्क को मज़बूत करने के भारत के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।

भारतीय आवास परियोजना का चौथा चरण

हरविंदर सिंह ने बदुल्ला जिले के कन्नावरेला एस्टेट में 57 मकानों के शिलान्यास समारोह में भी भाग लिया। इस कार्यक्रम में श्रीलंका के प्लांटेशन एवं कम्युनिटी इंफ्रास्ट्रक्चर मंत्री केवी समंथा विद्यारत्ने भी उपस्थित रहे। ये मकान भारत सरकार की अनुदान सहायता से चलाई जा रही भारतीय आवास परियोजना के चौथे चरण का हिस्सा हैं।

भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति का विस्तार

ये समस्त गतिविधियाँ भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति के व्यापक ढाँचे के अंतर्गत आती हैं, जिसके तहत भारत श्रीलंका में शिक्षा, संस्कृति, आवास और खेल — हर स्तर पर सहयोग बढ़ा रहा है। आने वाले समय में इस तरह की और पहलों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जो दोनों देशों के बीच मैत्री संबंधों को नई ऊँचाइयाँ देंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

विश्वविद्यालयों और बागान समुदायों — तक ले जा रहा है। यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब चीन भी श्रीलंका में बुनियादी ढाँचे के ज़रिए अपना प्रभाव बढ़ा रहा है। असली परीक्षण यह होगा कि ये 'भारत कॉर्नर' केवल प्रतीकात्मक उद्घाटन तक सीमित रहते हैं या दीर्घकालिक शैक्षिक संसाधनों और प्रशिक्षित कर्मियों के साथ सक्रिय केंद्रों के रूप में विकसित होते हैं।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'भारत कॉर्नर' क्या है और श्रीलंका में इसे क्यों स्थापित किया जा रहा है?
'भारत कॉर्नर' एक समर्पित शैक्षिक-सांस्कृतिक केंद्र है जो श्रीलंकाई विद्यालयों में भारतीय संस्कृति, इतिहास और ज्ञान-परंपरा से संबंधित सामग्री उपलब्ध कराता है। इसे भारत-श्रीलंका के बीच लोगों-से-लोगों के संबंध मज़बूत करने और 'पड़ोसी पहले' नीति को व्यावहारिक रूप देने के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है।
उनावातुना महा विद्यालय में 'भारत कॉर्नर' का उद्घाटन किसने और कब किया?
हंबनटोटा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूत हरविंदर सिंह ने 3 नवंबर 2026 को उनावातुना महा विद्यालय में 'भारत कॉर्नर' का उद्घाटन किया। यह श्रीलंका में भारतीय दूतावास की ओर से स्थापित किए जा रहे ऐसे केंद्रों की श्रृंखला का हिस्सा है।
श्रीलंका में भारतीय आवास परियोजना का चौथा चरण किससे संबंधित है?
भारत सरकार की अनुदान सहायता से चलाई जा रही भारतीय आवास परियोजना के चौथे चरण के तहत बदुल्ला जिले के कन्नावरेला एस्टेट में 57 मकानों का निर्माण किया जाएगा। इस शिलान्यास समारोह में हरविंदर सिंह और श्रीलंका के प्लांटेशन एवं कम्युनिटी इंफ्रास्ट्रक्चर मंत्री केवी समंथा विद्यारत्ने उपस्थित रहे।
क्या श्रीलंका में पहले भी 'भारत कॉर्नर' स्थापित किए गए हैं?
हाँ, इससे पूर्व उच्चायुक्त संतोष झा ने उत्तरी प्रांत के गवर्नर के साथ मिलकर डेल्फ्ट द्वीप स्थित डेल्फ्ट महाविद्यालयम में एक 'भारत कॉर्नर' का उद्घाटन किया था। उस अवसर पर छात्रों को सहायता सामग्री भी वितरित की गई थी।
भारत-श्रीलंका संबंधों में इन पहलों का क्या महत्त्व है?
शिक्षा, संस्कृति, खेल और आवास के क्षेत्रों में ये पहलें भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति को ज़मीनी स्तर पर लागू करती हैं। ये प्रयास दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक मैत्री, सांस्कृतिक समझ और आपसी विश्वास को मज़बूत करने में सहायक माने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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