3 नवंबर 2026
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कोलकाता के सॉल्ट लेक में राहुल गांधी के 'संसद में सोते' पोस्टर, किसी ने नहीं ली जिम्मेदारी

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कोलकाता के सॉल्ट लेक में राहुल गांधी के 'संसद में सोते' पोस्टर, किसी ने नहीं ली जिम्मेदारी

सारांश

कोलकाता के सॉल्ट लेक में अज्ञात लोगों ने राहुल गांधी को संसद में सोता दिखाते पोस्टर लगाए — 'देश का नेता ऐसा हो?' नारे के साथ। यह घटना तब आई जब BJP ने 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान के तहत कोलकाता और सिलीगुड़ी में बड़ी रैलियाँ कीं, और राहुल गांधी SIR के खिलाफ विपक्षी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।

मुख्य बातें

3 नवंबर 2026 को कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके में राहुल गांधी को संसद में सोता दिखाने वाले पोस्टर मिले।
पोस्टरों पर 'देश का नेता ऐसा हो?' नारा लिखा था; किसी भी व्यक्ति या समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली।
BJP ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ' अभियान के तहत कोलकाता और सिलीगुड़ी में रैलियाँ कीं।
कोलकाता रैली का नेतृत्व BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने और सिलीगुड़ी रैली का नेतृत्व मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने किया।
राहुल गांधी नई दिल्ली में SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर विपक्षी आंदोलन चला रहे हैं।

कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके सॉल्ट लेक में मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की तस्वीरों वाले पोस्टर लगे पाए गए, जिनमें उन्हें संसद सत्र के दौरान झपकी लेते हुए दर्शाया गया है। अब तक किसी भी व्यक्ति या संगठन ने इन पोस्टरों को लगाने की जिम्मेदारी नहीं ली है।

पोस्टरों का स्वरूप और संदेश

इन पोस्टरों में राहुल गांधी की दो अलग-अलग तस्वीरें थीं। पहली तस्वीर में वे संसद सत्र के दौरान अपने गालों पर हाथ रखे और आंखें बंद किए बैठे दिखाई दे रहे हैं। दूसरी तस्वीर में वे सदन के भीतर सीट पर हाथ रखे लेटे हुए नज़र आ रहे हैं।

पोस्टरों पर 'देश का नेता ऐसा हो?' का नारा लिखा गया था। इन तस्वीरों के ज़रिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि विपक्ष के नेता सदन की कार्यवाही के दौरान सो रहे थे। हालाँकि, इन छायाचित्रों का मूल संदर्भ और सत्यापन स्वतंत्र रूप से नहीं किया जा सका है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब राहुल गांधी नई दिल्ली में एक बड़े आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। इस आंदोलन में देश भर के विपक्षी दलों को एकजुट कर मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है, साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग भी उठाई गई है।

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ' नारे के साथ देश भर में एक जवाबी अभियान छेड़ा है। यह पोस्टर अभियान उसी व्यापक राजनीतिक टकराव का हिस्सा माना जा रहा है।

कोलकाता और सिलीगुड़ी में BJP की रैलियाँ

सोमवार को कोलकाता में BJP ने एक बड़ी रैली का आयोजन किया, जिसका नेतृत्व BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने किया। रैली को संबोधित करते हुए नवीन ने कहा कि जिस प्रकार पश्चिम बंगाल ने इस वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासन से मुक्ति पाई, उसी तरह दिल्ली को भी राहुल गांधी से शीघ्र मुक्त करने की ज़रूरत है।

मंगलवार को दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी में भी इसी तर्ज पर एक रैली आयोजित की गई, जिसका नेतृत्व पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने किया।

जिम्मेदारी अस्पष्ट, जाँच जारी

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, अभी तक यह निर्धारित नहीं हो पाया है कि ये पोस्टर किस संगठन या व्यक्ति ने लगाए। न तो BJP ने और न किसी अन्य दल ने इन्हें लगाने की आधिकारिक जिम्मेदारी स्वीकार की है। गौरतलब है कि देश में राजनीतिक तनाव बढ़ने के बीच इस प्रकार के अनाम पोस्टर अभियान नई परिघटना नहीं हैं।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या स्थानीय पुलिस पोस्टर लगाने वालों की पहचान करती है और क्या कांग्रेस की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनका समय महत्वपूर्ण है — जब विपक्ष SIR के खिलाफ एकजुट होने की कोशिश कर रहा है, तब इस तरह के अभियान उस एकता की छवि को कमज़ोर करने का काम करते हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो नज़रअंदाज़ करती है वह यह है कि इन पोस्टरों की जिम्मेदारी न लेना एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है — राजनीतिक लाभ उठाते हुए जवाबदेही से बचना। पश्चिम बंगाल में TMC के सत्ता से बाहर होने के बाद BJP का आत्मविश्वास स्पष्ट है, और यह पोस्टर अभियान उसी नई आक्रामकता का प्रतीक है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता के सॉल्ट लेक में किस तरह के पोस्टर मिले?
सॉल्ट लेक में मिले पोस्टरों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को संसद सत्र के दौरान झपकी लेते हुए दिखाया गया था। पोस्टरों पर 'देश का नेता ऐसा हो?' का नारा लिखा था।
इन पोस्टरों को किसने लगाया?
अभी तक किसी भी व्यक्ति या राजनीतिक दल ने इन पोस्टरों को लगाने की जिम्मेदारी नहीं ली है। जाँच जारी है।
यह पोस्टर अभियान किस राजनीतिक संदर्भ में सामने आया?
यह घटना तब हुई जब राहुल गांधी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग को लेकर विपक्षी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। वहीं BJP ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ' अभियान के तहत देशभर में जवाबी रैलियाँ आयोजित की हैं।
कोलकाता और सिलीगुड़ी में BJP की रैलियों का नेतृत्व किसने किया?
कोलकाता रैली का नेतृत्व BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने किया, जबकि सिलीगुड़ी में मंगलवार को हुई रैली का नेतृत्व पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने किया।
SIR क्या है जिसके खिलाफ विपक्ष आंदोलन कर रहा है?
SIR यानी 'विशेष गहन संशोधन' मतदाता सूचियों की एक पुनरीक्षण प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि यह प्रक्रिया मतदाताओं के नाम काटने का ज़रिया बन सकती है, इसीलिए वे इसे रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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