बीसीसीआई ने महिला टीम के लिए फील्डिंग कोच और पुरुष टीम के लिए हेड फिजियोथेरेपिस्ट पद हेतु आवेदन मांगे
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने 3 नवंबर 2026 को दो अहम सपोर्ट स्टाफ पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की — सीनियर महिला क्रिकेट टीम के लिए फील्डिंग कोच और सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम के लिए हेड फिजियोथेरेपिस्ट। इच्छुक उम्मीदवार 16 नवंबर 2026 को शाम 5 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। ये दोनों पद क्रमशः मुनीश बाली और कमलेश जैन की जगह भरे जाएंगे।
महिला टीम के लिए फील्डिंग कोच की भूमिका
सीनियर महिला टीम के फील्डिंग कोच की प्राथमिक जिम्मेदारी तीनों फॉर्मेट — टेस्ट, वनडे और टी20 — में फील्डिंग प्रदर्शन को विकसित करना और उसका प्रबंधन करना होगी। उन्हें व्यापक फील्डिंग कार्यक्रम तैयार करने होंगे, प्रैक्टिस और मैच के दिन के सत्र आयोजित करने होंगे, और खिलाड़ियों को व्यक्तिगत कोचिंग देनी होगी।
तकनीक की सहायता से खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करना भी इस भूमिका का अनिवार्य हिस्सा होगा। कोच को खिलाड़ियों की ताकत और कमज़ोरियाँ पहचानकर व्यक्तिगत प्रदर्शन लक्ष्य निर्धारित करने होंगे और यह सुनिश्चित करना होगा कि टीम का फील्डिंग स्तर चोट, अनुपलब्धता या अलग-अलग परिस्थितियों के बावजूद ऊँचा बना रहे।
फील्डिंग कोच पद के लिए पात्रता मानदंड
आवेदकों को निम्नलिखित में से कम से कम एक शर्त पूरी करनी होगी: भारत या किसी अन्य देश का अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व किया हो; बीसीसीआई लेवल 'बी' कोचिंग प्रमाणन (या समकक्ष) के साथ कम से कम 30 फर्स्ट-क्लास मैच खेले हों; अथवा किसी अंतरराष्ट्रीय टीम को कम से कम एक सीजन या किसी टी20 फ्रेंचाइजी अथवा राज्य स्तरीय टीम को कम से कम दो सीजन तक कोचिंग दी हो।
इसके अलावा, उम्मीदवारों में खेल की गहरी समझ, उच्चतम स्तर पर कार्य का अनुभव, विविध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के साथ काम करने की क्षमता, और बेहतरीन संचार व टीम प्रबंधन कौशल होने चाहिए।
पुरुष टीम के हेड फिजियोथेरेपिस्ट की जिम्मेदारियाँ
सीनियर पुरुष टीम के हेड फिजियोथेरेपिस्ट खिलाड़ियों की चोटों के निदान, उपचार, रोकथाम और पुनर्वास के लिए जिम्मेदार होंगे। वे बीसीसीआई की स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन टीम, बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, कोचिंग स्टाफ और स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग पेशेवरों के साथ समन्वय में काम करेंगे।
इस भूमिका में मस्कुलोस्केलेटल स्क्रीनिंग, चोट के जोखिम का आकलन, खिलाड़ियों के वर्कलोड की निगरानी और क्लिनिकल रिकॉर्ड तथा उपलब्धता रिपोर्ट बनाए रखना शामिल है। साक्ष्य-आधारित उपचार योजनाएँ और खेल में वापसी के प्रोटोकॉल तैयार करना भी इस पद की केंद्रीय जिम्मेदारियों में शामिल है।
गौरतलब है कि फिजियोथेरेपिस्ट राज्य टीमों के फिजियोथेरेपिस्टों और चिकित्सा पेशेवरों के साथ समन्वय करेंगे ताकि देखभाल की निरंतरता बनी रहे। शोध, पेशेवर शिक्षा और क्लिनिकल प्रोटोकॉल में सुधार में योगदान देना भी इस पद के दायरे में आता है।
आवेदन की अंतिम तिथि और प्रक्रिया
दोनों पदों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 16 नवंबर 2026, शाम 5 बजे निर्धारित है। यह भर्ती ऐसे समय में आई है जब भारतीय क्रिकेट के दोनों — पुरुष और महिला — दल आगामी व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम की तैयारी में जुटे हैं। सपोर्ट स्टाफ की यह भर्ती बीसीसीआई की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें मैदानी प्रदर्शन और खिलाड़ियों की फिटनेस को संस्थागत रूप से मजबूत किया जा रहा है।