4 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गृह मंत्रालय का AGMUT कैडर में बड़ा फेरबदल: जामवाल दिल्ली, राजेश कुमार बने अरुणाचल के नए DGP

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गृह मंत्रालय का AGMUT कैडर में बड़ा फेरबदल: जामवाल दिल्ली, राजेश कुमार बने अरुणाचल के नए DGP

सारांश

गृह मंत्रालय ने 3 नवंबर को AGMUT कैडर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया। 1995 बैच के शिव दर्शन सिंह जामवाल को अरुणाचल DGP पद से दिल्ली भेजा गया, जबकि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे राजेश कुमार को संवेदनशील सीमावर्ती राज्य की पुलिस की कमान सौंपी गई।

मुख्य बातें

गृह मंत्रालय ने 3 नवंबर 2026 को AGMUT कैडर के दो वरिष्ठ IPS अधिकारियों के तबादले के आदेश तत्काल प्रभाव से जारी किए।
शिव दर्शन सिंह जामवाल (IPS, AGMUT:1995) को अरुणाचल प्रदेश DGP पद से नई दिल्ली स्थानांतरित किया गया।
राजेश कुमार (IPS, AGMUT:1995), केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटकर अरुणाचल प्रदेश के नए DGP नियुक्त हुए।
आदेश की प्रति 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को भेजी गई।
यह फेरबदल सीमावर्ती राज्य में सुरक्षा और प्रशासनिक संतुलन के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 3 नवंबर 2026 को AGMUT कैडर के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले और नई पोस्टिंग के आदेश तत्काल प्रभाव से जारी किए हैं। यह आदेश निदेशक (एस) अनीश मुरलीधरन द्वारा जारी किया गया है और सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।

मुख्य घटनाक्रम

शिव दर्शन सिंह जामवाल, आईपीएस (AGMUT:1995), जो अब तक अरुणाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद पर तैनात थे, उन्हें अब नई दिल्ली स्थानांतरित किया गया है। 1995 बैच के अनुभवी अधिकारी जामवाल ने अरुणाचल प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। दिल्ली में उनकी नई ज़िम्मेदारी को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा जारी है।

उनके स्थान पर राजेश कुमार, आईपीएस (AGMUT:1995) को अरुणाचल प्रदेश का नया DGP नियुक्त किया गया है। राजेश कुमार भी 1995 बैच के अधिकारी हैं और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लौटने के बाद यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है।

AGMUT कैडर का महत्व

AGMUT कैडर में अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और विभिन्न केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं। इस कैडर के अधिकारियों का तबादला नियमित रूप से केंद्र और राज्यों के बीच होता रहता है, जो प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने के लिए अनिवार्य माना जाता है। गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश एक सीमावर्ती और रणनीतिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है, जहाँ पुलिस नेतृत्व की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती है।

आदेश की प्रतिलिपि किन्हें भेजी गई

गृह मंत्रालय ने इस आदेश की प्रति जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, दिल्ली, मिजोरम, पुडुचेरी, अंडमान निकोबार, चंडीगढ़, लद्दाख, गोवा, दादरा नगर हवेली, दमन दीव तथा लक्षद्वीप के मुख्य सचिवों को भी प्रेषित की है। यह व्यापक वितरण AGMUT कैडर की बहु-क्षेत्रीय प्रशासनिक संरचना को दर्शाता है।

आम जनता और सुरक्षा पर असर

इस फेरबदल को प्रशासनिक संतुलन और सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर अहम माना जा रहा है। अरुणाचल प्रदेश जैसे संवेदनशील राज्य में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति से पुलिसिंग और बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र का ध्यान विशेष रूप से केंद्रित है। आने वाले हफ्तों में दिल्ली में जामवाल की नई भूमिका की घोषणा से स्थिति और स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अरुणाचल प्रदेश जैसे सीमावर्ती राज्य में DGP का बदलाव केवल रूटीन नहीं होता — यह केंद्र की सुरक्षा प्राथमिकताओं का संकेत भी देता है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से सीधे DGP पद पर नियुक्ति यह दर्शाती है कि केंद्र संवेदनशील पूर्वोत्तर में अपने भरोसेमंद अधिकारियों को तैनात करना चाहता है। जामवाल की दिल्ली में नई भूमिका अभी अघोषित है — यह अस्पष्टता ही बताती है कि इस तबादले में कोई बड़ी प्रशासनिक पुनर्संरचना संभव है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

AGMUT कैडर क्या है और इसमें कौन-से राज्य शामिल हैं?
AGMUT कैडर एक संयुक्त आईपीएस कैडर है जिसमें अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और विभिन्न केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं। इस कैडर के अधिकारियों की तैनाती केंद्र सरकार करती है और इनका तबादला नियमित रूप से इन क्षेत्रों के बीच होता रहता है।
शिव दर्शन सिंह जामवाल को कहाँ स्थानांतरित किया गया है?
1995 बैच के आईपीएस अधिकारी शिव दर्शन सिंह जामवाल को अरुणाचल प्रदेश के DGP पद से नई दिल्ली स्थानांतरित किया गया है। दिल्ली में उनकी नई ज़िम्मेदारी के बारे में अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
अरुणाचल प्रदेश के नए DGP कौन हैं?
राजेश कुमार, आईपीएस (AGMUT:1995) को अरुणाचल प्रदेश का नया पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया गया है। वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लौटे हैं और अब सीमावर्ती राज्य की पुलिस की कमान संभालेंगे।
यह तबादला आदेश किसने और कब जारी किया?
यह आदेश गृह मंत्रालय के निदेशक (एस) अनीश मुरलीधरन द्वारा 3 नवंबर 2026 को जारी किया गया। सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से यह पोस्टिंग अगले आदेश तक के लिए तत्काल प्रभाव से लागू है।
अरुणाचल प्रदेश में DGP बदलाव क्यों महत्वपूर्ण है?
अरुणाचल प्रदेश एक रणनीतिक दृष्टि से संवेदनशील सीमावर्ती राज्य है, जहाँ पुलिस नेतृत्व की भूमिका सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिहाज से अहम होती है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति को प्रशासनिक सुदृढ़ता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले