मध्य प्रदेश में आईपीएस अधिकारियों का बड़ा तबादला, 2009 से 2016 बैच के अधिकारियों को मिलीं नई जिम्मेदारियाँ
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने मंगलवार, 5 मई 2026 को आईपीएस अधिकारियों का व्यापक तबादला किया, जिसमें 2009 से 2016 बैच के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विभिन्न विभागों में नई भूमिकाएँ सौंपी गई हैं। राज्य के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
मुख्य घटनाक्रम
2009 बैच के आईपीएस अधिकारी अवधेश गोस्वामी, जो पुलिस मुख्यालय में उप महानिरीक्षक (डीआईजी) के पद पर कार्यरत थे, को अब डीआईजी (कल्याण/लेखा) नियुक्त किया गया है। इसी बैच के प्रशांत खरे को डीआईजी (अपराध जांच विभाग) का प्रभार सौंपा गया है, जबकि मनीष अग्रवाल को डीआईजी (प्रशिक्षण) बनाया गया है।
2010 बैच की किरणलता केरकेट्टा, जो पहले डीआईजी (महिला सुरक्षा) के पद पर थीं, अब डीआईजी (शिकायतें) के रूप में कार्य करेंगी। इसी बैच के मनोज कुमार राय को डीआईजी (चयन और भर्ती) के पद पर तैनात किया गया है।
2011 और 2012 बैच के अधिकारियों की नई तैनाती
2011 बैच के रियाज इकबाल को डीआईजी (प्रशासन) का कार्यभार सौंपा गया है। इसी बैच के राहुल कुमार लोढ़ा को डीआईजी (विशेष कार्य बल) नियुक्त किया गया है। 2011 बैच की अधिकारी सिमाला प्रसाद को डीआईजी (महिला सुरक्षा) का प्रभार दिया गया है, जो किरणलता केरकेट्टा के स्थानांतरण के बाद रिक्त हुआ था।
2012 बैच के शिवदयाल को डीआईजी (शस्त्र एवं गोला-बारूद) के महत्वपूर्ण पद पर तैनात किया गया है।
2016 बैच के अधिकारियों को सहायक महानिरीक्षक पद
2016 बैच के मनीष खत्री को सहायक महानिरीक्षक (अपराध जांच विभाग) नियुक्त किया गया है। वहीं, रामशरण प्रजापति को सहायक महानिरीक्षक (चयन एवं भर्ती) का पदभार सौंपा गया है।
फेरबदल का उद्देश्य
यह तबादला मुख्यालय के संचालन को सुव्यवस्थित करने और प्रशिक्षण, कल्याण, महिला सुरक्षा, प्रशासन तथा भर्ती जैसे विशेष विभागों को मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा बताया जा रहा है। पुलिस नेतृत्व का उद्देश्य अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति के ज़रिए बल भर में दक्षता और जवाबदेही बढ़ाना है।
आगे क्या
यह फेरबदल राज्य की कानून प्रवर्तन व्यवस्था में प्रभावी पुलिसिंग और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने की व्यापक रणनीति के अंतर्गत देखा जा रहा है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में इस तरह के वार्षिक तबादले पुलिस मुख्यालय के विभिन्न प्रकोष्ठों की कार्यकुशलता बनाए रखने की एक स्थापित परंपरा है। नई तैनाती के बाद संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली और प्रदर्शन पर सभी की नज़र रहेगी।