क्या पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले पुलिस में बड़ा फेरबदल हो रहा है?

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क्या पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले पुलिस में बड़ा फेरबदल हो रहा है?

सारांश

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के नजदीक आते ही राज्य पुलिस में महत्वपूर्ण तबादले हुए हैं। जानें इस फेरबदल के पीछे क्या कारण हैं और इसके संभावित प्रभाव क्या हो सकते हैं।

Key Takeaways

  • तबादला 26 वरिष्ठ अधिकारियों का हुआ है।
  • मुख्य बदलाव मिदनापुर रेंज के डीआईजी में है।
  • पुलिस प्रशासन में सुधार लाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
  • तबादला चुनावों की तैयारियों का हिस्सा है।
  • राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है।

कोलकाता, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राज्य पुलिस में व्यापक फेरबदल की घोषणा की।

पश्चिम बंगाल पुलिस निदेशालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और पश्चिम बंगाल पुलिस सेवा (डब्ल्यूबीपीएस) के 26 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तबादला किया गया है।

इन तबादलों में से अधिकतर 23 आईपीएस अधिकारियों के हैं, जबकि अन्य राज्य पुलिस सेवा के हैं।

स्थानांतरित किए गए 26 पुलिस अधिकारियों में तीन पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) रैंक के हैं, छह अधीक्षक, उपायुक्त, या कमांडेंट रैंक के हैं और बाकी अतिरिक्त अधीक्षक रैंक के हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बदलाव मिदनापुर रेंज के डीआईजी के पद पर हुआ है, जहां मौजूदा डीआईजी अनुप जायसवाल का तबादला आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के डीआईजी के रूप में किया गया है।

मिदनापुर रेंज में अरिजीत सिन्हा ने जायसवाल का स्थान लिया है। संयोगवश, पूर्वी मिदनापुर विधानसभा विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी का गृह जिला है।

कालिम्पोंग के पुलिस अधीक्षक श्रीहरि पांडे को उत्तरी बंगाल के लिए खुफिया शाखा के डीआईजी के पद पर पदोन्नत किया गया है। राज्य सरकार ने इस तबादले को जनसेवा के हित में किया गया बताया है।

हालांकि, इस नए तबादले में मौजूदा जिला पुलिस अधीक्षक के पद में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

पिछले कुछ महीनों से राज्य में इस साल के अंत में होने वाले महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कई तबादले और फेरबदल किए गए हैं। पुलिस अधीक्षकों, उपमंडल पुलिस अधिकारियों, निरीक्षकों और उप-निरीक्षकों जैसे कनिष्ठ स्तर के अधिकारियों के पदों में भी फेरबदल हुए हैं।

इन तबादलों में राज्य पुलिस, कोलकाता पुलिस और राज्य के अन्य पुलिस आयुक्त कार्यालय शामिल हैं।

Point of View

खासकर चुनावों के समय में, राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कैसे ये परिवर्तन जनहित में कार्य करते हैं।
NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

पश्चिम बंगाल में पुलिस में बदलाव के पीछे क्या कारण है?
ये बदलाव आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए किए गए हैं ताकि पुलिस प्रशासन को चुनावी प्रक्रिया में बेहतर तरीके से समायोजित किया जा सके।
तबादले में शामिल वरिष्ठ अधिकारियों की संख्या कितनी है?
इस फेरबदल में कुल 26 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तबादला किया गया है।
क्या इन तबादलों का चुनाव पर प्रभाव पड़ेगा?
हां, यह संभव है कि इन तबादलों का चुनावी माहौल पर प्रभाव पड़े, खासकर स्थानीय मुद्दों के संदर्भ में।
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