27 जुलाई 2026
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पूर्व जज एसएन ढींगरा का बयान: एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन राष्ट्रीय गरिमा को ठेस पहुँचाने वाला

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पूर्व जज एसएन ढींगरा का बयान: एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन राष्ट्रीय गरिमा को ठेस पहुँचाने वाला

सारांश

यूथ कांग्रेस का शर्टलेस प्रदर्शन 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में सियासी विवाद का कारण बना। पूर्व न्यायाधीश एसएन ढींगरा ने इसे राष्ट्र की गरिमा पर आघात बताया है। जानें इस प्रदर्शन पर अन्य प्रमुख हस्तियों की राय।

मुख्य बातें

यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन राष्ट्रीय गरिमा पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।
पूर्व जज एसएन ढींगरा का बयान कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
विरोध का अधिकार लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन जिम्मेदारी के साथ।
समिट में वैश्विक नेताओं की उपस्थिति ने मामले की गंभीरता बढ़ाई।
इस घटना ने राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दिया है।

नई दिल्ली, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में भारत मडंपम में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन ने देश में सियासी तनाव की स्थिति उत्पन्न कर दी है। भाजपा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों ने कांग्रेस के इस प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की है। इस बीच, पूर्व न्यायाधीशों और उच्च अधिकारियों सहित 277 प्रमुख व्यक्तियों ने एक चिट्ठी के माध्यम से यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की निंदा की। दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एसएन ढींगरा ने इसे राष्ट्र के सम्मान को आघात पहुँचाने वाला बताया है।

पूर्व जज एसएन ढींगरा ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस को बताया कि एआई इंपैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन कानूनी दृष्टि से भी गलत था और इसका समय और स्थान भी अनियमित था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन इस तरह के प्रदर्शन राष्ट्रीय अस्मिता और राष्ट्रीय सम्मान को प्रभावित करते हैं।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन इस प्रकार के प्रदर्शन राष्ट्र के सम्मान को आघात पहुँचाते हैं, खासकर जब समिट के दौरान 20 देशों के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति और कई कंपनियों के सीईओ मौजूद थे।

उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक मंच नहीं था, यह एक व्यापारिक मंच था, जो एआई के भविष्य पर चर्चा करने के लिए था।

पूर्व जज ने कहा कि यह प्रदर्शन लोकतंत्र की मर्यादा के विपरीत है। लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति और राष्ट्रीय हित, दोनों को एक साथ रखा जा सकता है। यदि आप लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति को राष्ट्र का विरोध मानते हैं, तो वह गलत है। नीतियों का विरोध करना सभी का अधिकार है, लेकिन राष्ट्रहित को दांव पर लगाना किसी का अधिकार नहीं है, और यह प्रदर्शन राष्ट्रहित और राष्ट्रीय छवि को दांव पर लगाने वाला था। इसलिए हमने पत्र लिखा है। इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अपना काम करती है, और न्यायाधीश अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं।

गौरतलब है कि नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुए एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस द्वारा किए गए प्रदर्शन के विरोध में 'राष्ट्रीय कलंक' शीर्षक से एक पत्र जारी किया गया था। दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसएन ढींगरा और पूर्व डीजीपी बीएल वोहरा ने इस पत्र के माध्यम से यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन की निंदा की और इसे राष्ट्रीय गरिमा का विश्वासघात बताया।

संपादकीय दृष्टिकोण

विरोध का अधिकार है, लेकिन दूसरी तरफ, क्या इसे राष्ट्रीय अस्मिता के साथ समझौता करने का अधिकार समझा जा सकता है? यह प्रश्न हमें विचार करने पर मजबूर करता है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन क्यों विवादास्पद है?
क्योंकि इसे राष्ट्र के सम्मान को आघात पहुँचाने वाला बताया गया है, विशेषकर जब समिट में कई प्रमुख वैश्विक नेता मौजूद थे।
पूर्व जज एसएन ढींगरा ने क्या कहा?
उन्होंने प्रदर्शन को कानूनी दृष्टि से गलत और राष्ट्रीय गरिमा के खिलाफ बताया।
क्या यह प्रदर्शन लोकतंत्र में स्वीकार्य है?
लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन इसे राष्ट्रहित के खिलाफ नहीं होना चाहिए।
समिट में कौन-कौन शामिल था?
इस समिट में 20 देशों के प्रधानमंत्री और कई कंपनियों के सीईओ शामिल थे।
इस मामले में क्या कार्रवाई की गई है?
इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है और पुलिस अपनी जांच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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