असम: महिला के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में युवक की गिरफ्तारी, जांच जारी
सारांश
Key Takeaways
- महिला के साथ यौन उत्पीड़न की घटना ने समाज में चिंता पैदा की है।
- पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच शुरू कर दी है।
- जनता से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
- इस मामले में जबरन वसूली के पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
- सोशल मीडिया पर पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग उठी है।
सिलचर, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। असम के कछार जिले के सिलचर बाईपास पर एक महिला के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में पुलिस ने मंगलवार को 25 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। जांच जारी है। पुलिस ने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और अपुष्ट सूचनाएं साझा न करने के लिए कहा है।
गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान नीलोत्पल दास के रूप में हुई है, जो सिलचर के तपोवन नगर का निवासी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीड़िता ने आरोपी की पहचान फोटो के माध्यम से की, जिसके बाद उसे हिरासत में लिया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने घटना स्थल पर उपस्थित होने की बात स्वीकार की, लेकिन दुष्कर्म करने की बात से इनकार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कहा कि वह और उसके कुछ साथी खड़ी गाड़ियों में बैठे जोड़ों को निशाना बनाकर उनसे पैसे वसूलते थे।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, घटना के दौरान 10,000 रुपये यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस जबरन वसूली और दुष्कर्म समेत विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
यह मामला 19 फरवरी को दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि सात लोगों ने सिलचर बाईपास पर एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उसके साथी को चाकू की नोक पर बंधक बनाए रखा।
शिकायत में कहा गया है कि हमलावर एक एसयूवी में आए, दंपति के साथ मारपीट की और महिला के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया।
कछार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पार्थ प्रतिम दास ने बताया कि इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य संदिग्ध को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
उन्होंने कहा, “हम इस मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं, जिसमें जबरन वसूली, दुष्कर्म और अन्य संभावित कोण शामिल हैं। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, मैं जनता से शांति बनाए रखने और घबराने से बचने की अपील करता हूं।”
एसएसपी ने बताया कि सिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से अंतिम मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस एक आधिकारिक बयान जारी करेगी।
घटना की जानकारी के बाद सोशल मीडिया पर पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कई पोस्ट साझा किए गए हैं, साथ ही विभिन्न तरह के दावे और व्याख्याएं भी सामने आई हैं।
कछार पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं को साझा या प्रसारित न करें, क्योंकि समय से पहले निष्कर्ष निकालने से अफवाह और दहशत फैल सकती है।