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बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की मानहानि याचिका पर निर्णय सुरक्षित रखा

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बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की मानहानि याचिका पर निर्णय सुरक्षित रखा

सारांश

बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की मानहानि याचिका पर अपना निर्णय सुरक्षित रखा। यह मामला 2019 से चल रहा है, जब उन पर आपत्तिजनक बयान देने का आरोप लगाया गया था। क्या होगा आगे, जानें इस लेख में।

मुख्य बातें

बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की याचिका पर निर्णय सुरक्षित रखा।
यह मामला २०१९ से चल रहा है।
राहुल गांधी पर आपत्तिजनक बयान देने का आरोप है।
शिकायतकर्ता का तर्क है कि बयान सीमा से आगे निकल गए थे।
राजनीतिक बयानों पर स्वतंत्रता पर बहस जारी है।

मुंबई, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कांग्रेस के नेता और सांसद राहुल गांधी की उस याचिका पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है, जिसमें उन्होंने उनके खिलाफ चल रही एक मानहानि की आपराधिक कार्यवाही को समाप्त करने की मांग की थी।

यह मामला साल २०१९ से चल रहा है। २८ अगस्त २०१९ को मुंबई के गिरगांव स्थित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अदालत में भारतीय जनता पार्टी के सदस्य महेश हुकुमचंद श्रीश्रीमल ने राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सितंबर २०१८ में राहुल गांधी ने एक सार्वजनिक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक और मानहानिकारक बयान दिया था।

इन बयानों के बाद विभिन्न समाचार चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री मोदी को लेकर कथित ट्रोलिंग और अपमानजनक टिप्पणियां हुईं, जिसके लिए राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया गया।

शिकायत के आधार पर मजिस्ट्रेट अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की कार्यवाही शुरू की थी। राहुल गांधी ने इस कार्यवाही को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया था कि इस मामले को खारिज कर दिया जाए, क्योंकि उनके बयान राजनीतिक संदर्भ में दिए गए थे और उनमें कोई व्यक्तिगत हमला नहीं था।

हाईकोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें पेश कीं। आज सुनवाई के बाद न्यायालय ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। इसका मतलब है कि कोर्ट जल्द ही इस मामले में अपना अंतिम फैसला सुनाएगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी के वकीलों का कहना है कि राजनीतिक नेताओं के बयानों को लेकर इस तरह की शिकायतें लोकतंत्र में सामान्य हैं और इन्हें दबाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। वहीं शिकायतकर्ता पक्ष का तर्क है कि बयान सीमा से आगे निकल गए थे और इससे प्रधानमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचा।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक बयानों की स्वतंत्रता और उनके दुरुपयोग पर एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म देता है। यह मामला न केवल गांधी परिवार के लिए, बल्कि भारतीय लोकतंत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी की मानहानि याचिका का कारण क्या है?
उन पर आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए, जिसके चलते यह मानहानि का मामला दर्ज किया गया।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने क्या निर्णय लिया?
बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस याचिका पर अपना निर्णय सुरक्षित रखा है, जिसका मतलब है कि कोर्ट जल्द ही अपना अंतिम फैसला सुनाएगा।
इस मामले का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह मामला राजनीतिक बयानों की स्वतंत्रता और उनके दुरुपयोग के विषय में महत्वपूर्ण चर्चा को जन्म देता है।
क्या राहुल गांधी के वकील ने क्या तर्क प्रस्तुत किया?
राहुल गांधी के वकीलों का कहना है कि राजनीतिक बयानों पर इस तरह की शिकायतें लोकतंत्र में सामान्य हैं।
क्या शिकायतकर्ता का तर्क क्या था?
शिकायतकर्ता का तर्क था कि बयान सीमा से आगे निकल गए थे, जिससे प्रधानमंत्री की छवि को नुकसान हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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