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आसमान में चतुर शिकारी: ब्लैक-शोल्डर काइट, किसानों का मित्र

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आसमान में चतुर शिकारी: ब्लैक-शोल्डर काइट, किसानों का मित्र

सारांश

ब्लैक-शोल्डर काइट, एक अद्वितीय शिकारी पक्षी, किसानों के लिए वरदान और प्राकृतिक संतुलन का प्रतीक है। इसकी चतुराई और शिकार करने की क्षमता इसे खास बनाती है।

मुख्य बातें

ब्लैक-शोल्डर काइट किसानों का मित्र है।
यह प्राकृतिक पेस्ट कंट्रोलर है।
इसका संरक्षण आवश्यक है।
यह हवा में स्थिर रहकर शिकार करता है।
भारत में इसे सुरक्षा दी गई है।

नई दिल्ली, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। लाल-नारंगी चमकदार आंखों, तेज दृष्टि और घंटों तक आसमान में मंडराते एक छोटे लेकिन चतुर शिकारी पक्षी को देखना हो तो समझ जाइए कि आप ब्लैक-शोल्डर काइट के सामने हैं, जिसे काले कंधों वाली चील भी कहा जाता है। यह पक्षी किसानों का सच्चा मित्र है।

बिहार सरकार के पर्यावरण एवं वन विभाग के अनुसार, ब्लैक-शोल्डर काइट केवल एक सुंदर पक्षी नहीं, बल्कि प्रकृति का संतुलन

इसकी एक विशेषता है कि यह हवा में स्थिर रहकर मंडराता है। यह घंटों तक हवा में रहता है और जब नीचे चूहा या कीड़ा देखता है, तो तुरंत झपट्टा मारता है। इसी कारण इसे किसानों का सच्चा साथी माना जाता है। यह सिर्फ चूहों का शिकार नहीं करता, बल्कि टिड्डियों और अन्य कीड़ों का भी शिकार करता है। धान, गेहूं, सरसों जैसे फसलों के खेतों में यह प्रतिदिन कई चूहों को पकड़ता है, जिससे किसानों को कीटनाशकों की आवश्यकता कम होती है। इसलिए इसे किसान मित्र कहा जाता है। यह एक प्राकृतिक पेस्ट कंट्रोलर है और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

यह पक्षी आम तौर पर ऊंचे पेड़ों पर छोटे कटोरे के आकार का घोंसला बनाता है। इसके घोंसले में डंडियां, टहनियां और घास होती हैं, जिसे फर से ढक दिया जाता है। मादा ३-४ अंडे देती है और नर-मादा दोनों मिलकर बच्चों का पालन करते हैं। घोंसला बनाने के लिए यह खुले मैदान, खेतों के किनारे या तेल ताड़ जैसे पेड़ों को पसंद करता है, जहाँ से शिकार आसानी से दिखता है।

भारत में यह पक्षी विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और दक्षिण भारत के खुले क्षेत्रों में पाया जाता है। इसे भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, १९७२ (संशोधन २०२२) के तहत अनुसूची १ में रखा गया है, यानी इसकी पूरी सुरक्षा है। आईयूसीएन की रेड लिस्ट में इसे लीस्ट कंसर्न के तहत रखा गया है। इसका संरक्षण आवश्यक है क्योंकि कृषि और शहरीकरण के कारण इसके निवास स्थान में कमी आ रही है।

दुनिया भर में ब्लैक-शोल्डर काइट की चार प्रजातियाँ पाई जाती हैं: ब्लैक-शोल्डर काइट (भारत, अफ्रीका), ऑस्ट्रेलियन ब्लैक-शोल्डर काइट, लेटर-विंग्ड काइट, और व्हाइट-टेल्ड काइट। ये सभी हवा में मंडराने और सटीक झपट्टे की कला में माहिर हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पर्यावरण के संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी उपस्थिति कृषि में रासायनिक कीटनाशकों की आवश्यकता को कम करती है। यह पक्षी जैव विविधता को बनाए रखने में सहायक है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्लैक-शोल्डर काइट क्या है?
ब्लैक-शोल्डर काइट एक चतुर शिकारी पक्षी है जिसे किसान मित्र माना जाता है।
ब्लैक-शोल्डर काइट का शिकार क्या होता है?
यह चूहों, टिड्डियों और अन्य कीड़ों का शिकार करता है।
ब्लैक-शोल्डर काइट का आवास कहाँ है?
यह पक्षी भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और दक्षिण भारत में पाया जाता है।
ब्लैक-शोल्डर काइट का संरक्षण क्यों जरूरी है?
इसका संरक्षण आवश्यक है क्योंकि खेती और शहरीकरण के कारण इसका निवास स्थान कम हो रहा है।
ब्लैक-शोल्डर काइट के घोंसले का आकार क्या होता है?
यह आम तौर पर छोटे कटोरे के आकार का घोंसला बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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