एआई समिट में कांग्रेस ने देश को शर्मिंदा करने का प्रयास किया, जनता का जवाब आएगा: दानिश अंसारी
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस का प्रदर्शन एआई समिट में चर्चा का विषय बना।
- दानिश अंसारी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए।
- जनता के प्रति बढ़ी नाराजगी का संकेत।
- सपा की बयानबाजी पर भी टिप्पणी की गई।
- स्वच्छता और कानून व्यवस्था पर जोर दिया गया।
बलिया, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। एआई समिट में प्रदर्शन के चलते पुलिस ने युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु को गिरफ्तार किया, जिससे प्रदेश की सियासत में उबाल आ गया है। कांग्रेस इस मुद्दे पर लगातार विरोध कर रही है।
वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कांग्रेस पर कड़ा आक्रमण किया। उन्होंने कहा कि एआई समिट में कांग्रेस ने देश को शर्मिंदा करने की कोशिश की है, जिसका जवाब जनता देगी।
उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि वैश्विक स्तर के एआई समिट जैसे महत्वपूर्ण आयोजन से देश की प्रतिष्ठा बढ़ रही थी, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वहां पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और शर्टलेस होकर भारत को शर्मिंदा करने का काम किया।
उन्होंने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि इस तरह के प्रदर्शन किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हैं। उनका कहना है कि देश के जनमानस में इसको लेकर नाराजगी है और जब बात देश की छवि की हो तो सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इन कृत्यों का जवाब जनता जरूर देगी।
इस दौरान, दानिश आजाद अंसारी ने धार्मिक स्थलों के पास मीट की दुकानों को लेकर बिहार में लागू नियमों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि दुकानों को निर्धारित मानकों के अनुसार ही संचालित किया जाना चाहिए। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए, वेस्ट मटीरियल नालियों में न जाए और प्रदूषण न फैले, यह सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस विषय में समाज के सभी वर्गों को मिलकर सहयोग करना चाहिए ताकि स्वच्छता और कानून व्यवस्था दोनों बनी रहें।
वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के उस बयान पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि '100 विधायक लाओ और मुख्यमंत्री बन जाइए।' इस पर दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के पास अब केवल बयानबाजी ही बची है, और वह इस तरह के बयानों से समाज को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में सपा को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया था, और 2027 में भी परिणाम अलग नहीं होंगे। उनके अनुसार, इस तरह के बयान सपा की हताशा और निराशा को दर्शाते हैं। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य किया है।