क्वांटम तकनीक से उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नींव का निर्माण: उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य

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क्वांटम तकनीक से उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नींव का निर्माण: उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य

सारांश

उत्तर प्रदेश ने ड्रोन और क्वांटम आधारित एयरोस्पेस तकनीक में वैश्विक निवेश को आकर्षित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने जर्मनी में एक अग्रणी कंपनी के साथ बैठक की, जिसमें नई औद्योगिक संभावनाओं पर चर्चा हुई।

Key Takeaways

  • ड्रोन और अनमैन्ड एरियल सिस्टम में निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
  • क्वांटम आधारित तकनीक से औद्योगिक नींव का विकास होगा।
  • जर्मनी की प्रमुख कंपनियों के साथ सहयोग से उत्तर प्रदेश को वैश्विक ड्रोन नवाचार केंद्र बनाया जाएगा।
  • प्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियाँ और कुशल मानव संसाधन निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं।
  • यह पहल मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को सुदृढ़ करेगी।

जर्मनी, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश ने ड्रोन, अनमैन्ड एरियल सिस्टम (यूएएस) और क्वांटम आधारित एयरोस्पेस तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक निवेश आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जर्मनी में जर्मन-इजराइली प्रमुख कंपनी क्वांटम-सिस्टम्स जीएमबीएच के साथ एक उन्नत रणनीतिक बैठक की, जिसमें उत्तर प्रदेश में अत्याधुनिक ड्रोन और एयरोस्पेस उत्पादन को बढ़ावा देने पर गहन चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि क्वांटम आधारित तकनीक से उत्तर प्रदेश की नई औद्योगिक नींव का विकास होगा।

बैठक में कंपनी के प्रतिनिधियों ने एडवांस्ड एरियल सर्विलांस, डिफेंस-ग्रेड रिकॉनिसेंस, और करीब १६० किलोमीटर तक की परिचालन क्षमता वाले उच्च ऊंचाई वाले अनमैन्ड प्लेटफॉर्म की तकनीकी विशेषताओं को साझा किया।

कंपनी की तकनीक जर्मनी और स्पेन की सशस्त्र सेनाओं द्वारा उपयोग की जा रही है और यह प्रिसिजन एग्रीकल्चर, भू-सर्वेक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी प्रभावी साबित हुई है।

जर्मनी की प्रमुख रक्षा और ड्रोन तकनीक कंपनियों जैसे हेल्सिंग (एचएक्‍स-२ एआई कॉम्बैट ड्रोन), ड्रोनिवो जीएमबीएच, एसआईए ओरिजिन रोबोटिक्‍स, और एरोनिया एजी के प्रतिनिधियों ने भी उपमुख्यमंत्री को उन्नत ड्रोन, एआई-आधारित रक्षा प्रणाली, और ड्रोन डिटेक्शन टेक्नोलॉजी के संभावित सहयोग पर प्रस्तुति दी।

उत्तर प्रदेश सरकार ने क्वांटम-सिस्टम्स जीएमबीएच को राज्य में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) हब स्थापित करने के लिए औपचारिक आमंत्रण दिया है। बैठक में विनिर्माण, अनुसंधान, कौशल विकास, तकनीकी प्रशिक्षण, और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग पर सकारात्मक सहमति बनी।

केशव मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश रक्षा उत्पादन, एयरोस्पेस निर्माण और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनने की दिशा में तेजी से प्रगति कर रहा है। "ड्रोन और अनमैन्ड सिस्टम भविष्य की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा संरचना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे निवेश राज्य के युवाओं के लिए उच्च कौशल आधारित रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे।"

उन्होंने कहा कि प्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियाँ, मजबूत औद्योगिक आधारभूत संरचना, बेहतर लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी, और विशाल कुशल मानव संसाधन निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डेटा, एआई, और ड्रोन इकोसिस्टम को एकीकृत कर टेक्नोलॉजी-ड्रिवन इंडस्ट्रियल ग्रोथ को नई गति दी जा रही है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह सहयोग भारत के एयरोस्पेस और अनमैन्ड सिस्टम इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को वैश्विक ड्रोन नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा। इससे मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को भी मजबूती मिलेगी।

Point of View

बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर तकनीकी नवाचार में भी आगे बढ़ाएगा।
NationPress
24/02/2026

Frequently Asked Questions

उत्तर प्रदेश में क्वांटम आधारित तकनीक का क्या महत्व है?
क्वांटम आधारित तकनीक उत्तर प्रदेश को औद्योगिक क्षेत्र में एक नई दिशा देने के साथ-साथ वैश्विक निवेश आकर्षित करने में सहायक होगी।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किस कंपनी के साथ बैठक की?
उपमुख्यमंत्री ने जर्मनी में क्वांटम-सिस्टम्स जीएमबीएच के साथ बैठक की।
इस सहयोग से किस प्रकार के रोजगार के अवसर सृजित होंगे?
यह सहयोग उच्च कौशल आधारित रोजगार के अवसर प्रदान करेगा, विशेषकर युवा वर्ग के लिए।
क्वांटम तकनीक का उपयोग किन क्षेत्रों में हो रहा है?
क्वांटम तकनीक का उपयोग ड्रोन, एयरोस्पेस, कृषि और आपदा प्रबंधन में हो रहा है।
उत्तर प्रदेश की निवेश नीतियाँ कौन सी हैं?
उत्तर प्रदेश की निवेश नीतियाँ मजबूत औद्योगिक आधारभूत संरचना और कुशल मानव संसाधन पर केंद्रित हैं।
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