भूटान के राजा ने PM मोदी को समर्पित किया 76वाँ स्तूप, गेलेफू में 108 स्तूपों की ऐतिहासिक स्थापना
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को कहा कि भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक द्वारा गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में उन्हें एक स्तूप समर्पित किए जाने से वे गहरे रूप से भावुक और सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने यह सम्मान समस्त भारतवासियों की ओर से स्वीकार किया।
PM मोदी की प्रतिक्रिया
फेसबुक पर साझा किए गए एक संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'भूटान के राजा और वहाँ के लोगों की इस विशेष आत्मीयता और उदारता से मैं बहुत प्रभावित हूँ। मैं भारत के लोगों की ओर से इसे गहरी कृतज्ञता के साथ स्वीकार करता हूँ।' उन्होंने आगे कहा कि 'जांगचुप चोर्टेन' (स्तूप) दोनों देशों की साझा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत तथा भारत-भूटान की गहरी मित्रता का स्थायी प्रतीक बना रहेगा।
मुख्य समारोह और स्तूप समर्पण
1 नवंबर 2026 को गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में 108 स्तूपों की स्थापना के बाद भूटान के राजा नामग्याल वांगचुक और भारत के केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संयुक्त रूप से 76वें स्तूप को प्रधानमंत्री मोदी को समर्पित करने वाली पट्टिका का अनावरण किया। इस भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में विस्तृत अनुष्ठान संपन्न हुए।
राजा नामग्याल वांगचुक ने कहा कि यह समर्पण PM मोदी की गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी के विजन के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता और उसे साकार करने में भारत के सशक्त समर्थन की सराहना का प्रतीक है। मंत्री रिजिजू ने भी इस विशेष सम्मान के लिए भूटान के राजा का हृदय से आभार जताया और गेलेफू परियोजना के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।
स्तूप निर्माण की विशेषताएँ
उल्लेखनीय यह है कि हजारों स्वयंसेवकों ने मात्र एक दिन में 108 स्तूपों का निर्माण पूरा किया। प्रत्येक स्तूप की ऊँचाई 15 मीटर है और इन्हें असम सीमा के निकट आई (माउ) नदी के तट पर 108 मीटर की समान दूरी पर स्थापित किया गया है। यह विशाल धार्मिक परिसर बौद्ध स्थापत्य कला और सामुदायिक प्रयास का अद्वितीय उदाहरण माना जा रहा है।
भारत का कूटनीतिक और अवसंरचनात्मक समर्थन
इस आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए भारत सरकार ने असम के हतिसार में एक विशेष अस्थायी इमिग्रेशन सुविधा को मंजूरी दी, जिससे विभिन्न देशों के नागरिकों की आवाजाही सहज हो सकी। इससे पहले सितंबर 2026 में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भूटान यात्रा के दौरान गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी के विजन के प्रति भारत सरकार का समर्थन दोहराया था।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत ने हतिसार में एक स्थायी इमिग्रेशन चेक पोस्ट स्थापित करने की भी प्रतिबद्धता जताई है, जो निवेशकों और पर्यटकों के लिए गेलेफू तक पहुँच को और सरल बनाएगी। गौरतलब है कि यह परियोजना भारत-भूटान के दीर्घकालिक एवं भरोसेमंद द्विपक्षीय संबंधों की एक और महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखी जा रही है।
भारत-भूटान संबंधों का व्यापक संदर्भ
गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी परियोजना भूटान की आर्थिक विविधीकरण की महत्वाकांक्षा का केंद्र है, और भारत इस परियोजना के सबसे प्रमुख भागीदारों में से एक है। इस स्तूप समर्पण ने उस साझेदारी को एक आध्यात्मिक और प्रतीकात्मक आयाम दे दिया है, जो दोनों देशों के बीच केवल आर्थिक सहयोग से परे एक गहरे सभ्यतागत संबंध को रेखांकित करता है।